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  • AAP ने भाजपा के दो पूर्व मंत्रियों को थमाया टिकट, 10 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी

    AAP ने भाजपा के दो पूर्व मंत्रियों को थमाया टिकट, 10 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी

    गोवा में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। गोवा में आम आदमी पार्टी (AAP) भी अपना दमखम दिखाने में जुटी हुई है। पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 10 प्रत्याशियों के नाम हैं। खास बात यह है कि आप ने इस बार गोवा के चुनावी रण में बीजेपी के दो पूर्व मंत्रियों और भाजपा के कुछ पूर्व नेताओं को भी टिकट थमाया है। जाहिर है इस बार गोवा में चुनावी रण बेहद दिलचस्प होगी।

    आम आदमी पार्टी ने गोवा विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को जिन 10 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की है उनमें एलिना सलदाहना और महादेव नायक का नाम भी शामिल है। यह दोनों ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व मंत्री रह चुके हैं। एलिना सलदाहना पर कार्टालिम तो वहीं महादेव नायक पर आम आदमी पार्टी को सिरोदा विधानसभा सीट से चुनावी दंगल में जीत दिलाने की जिम्मेदारी होगी।

    इसके अलावा दो पूर्व भाजपा सदस्यों को भी आप ने टिकट थमाया है। इनमें पूर्व भाजपा नेता विश्वजीत के राणे और सत्यवीजय नायक शामिल हैं। राणे, पोरियम विधानसभा सीट से पार्टी के चेहरे होंगे जहां के वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रतापसिंह राणे मौजूदा विधायक हैं। वहीं सत्यविजय राणे वालपय से पार्टी के उम्मीदवार होंगे।

  • ‘कौन सा बम फूट पड़ता:’ PM मोदी की सुरक्षा में चूक पर हरीश रावत के बयान से मचा बवाल

    ‘कौन सा बम फूट पड़ता:’ PM मोदी की सुरक्षा में चूक पर हरीश रावत के बयान से मचा बवाल

    पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक पर उत्तराखंड के पूर्व मुखख्यमंत्री हरीश रावत के एक बयान से विवाद खड़ा हो गया है। हरीश रावत ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधे घंटे रुक जाते तो कौन सा बम फूट जाता। उनके इस बयान पर भाजपा हमलावर है। हालांकि अब पूर्व सीएम ने इस पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़ मरोड़ के पेश किया जा रहा है।

    पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर एक सवाल के जवाब में रावत ने कहा था, ‘आधा घंटा अगर विलंब हो जाता तो क्या बम फूट पड़ता, गजब हो जाता।’ रावत ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर सियासत कर रही है। रावत ने कहा कि सुरक्षा में चूक हुई है लेकिन पीएम ने जब अपना कार्यक्रम बदला तो राज्य सरकार को सूचित करना चाहिए था। उन्होंने इसे केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की नाकामी बताया।

  • पंजाब चुनाव: टिकट बंटवारे को लेकर AAP में घमासान, कार्यकर्ताओं ने राघव चड्ढा को घेरा; जमकर हुई हाथापाई

    पंजाब चुनाव: टिकट बंटवारे को लेकर AAP में घमासान, कार्यकर्ताओं ने राघव चड्ढा को घेरा; जमकर हुई हाथापाई

    पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी (आप) नेता राघव चड्ढा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जमकर हंगामा हुआ। आप नेता और पंजाब के सह प्रभारी राघव चड्ढा जब प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे तभी टिकट बंटवारे से नाराज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। जालंधर प्रेस क्लब में आप कार्यकर्ता एक दूसरे को धक्का मारते और पीटते नजर आए। आप के डॉ शिवदयाल माली, डॉ संजीव शर्मा और जोगिंदर पाल शर्मा के समर्थकों ने पार्टी नेताओं पर गंभीर आरोप भी लगाए। आम आदमी पार्टी में दूसरी पार्टियों से शामिल हुए लोगों को टिकट देने के चलते हंगामा हुआ।

    रिपोर्ट के मुताबिक आम आदमी पार्टी के डॉ. शिव दयाल माली, डॉ. संजीव शर्मा और जोगिंदर पाल शर्मा के समर्थकों ने हंगामा किया और आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप भी लगाए। जब चड्ढा यहां कई नेताओं के पार्टी में शामिल होने की घोषणा करने आए थे, तभी टिकट बंटवारे की प्रक्रिया से असंतुष्ट आप कार्यकर्ताओं और पार्टी के सदस्यों ने प्रेस क्लब के बाहर चड्ढा और पार्टी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। पार्टी के जालंधर नेता डॉ शिव दयाल माली ने कई अन्य कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने काले झंडे लहराते हुए और अपने सिर पर काली पट्टी बांधकर क्लब में एंट्री को ब्लॉक कर दिया। वे लोग “दागी लोगों को टिकटें देना बंद करो” (पंजाबी में लिखा हुआ) वाले पोस्टर पकड़े हुए थे।

  • महामारी की दुश्वारी में सही सूचना की तलाश

    महामारी की दुश्वारी में सही सूचना की तलाश

    कोविड-19 महामारी और उसे फैलाने वाले वायरस को लेकर कई तरह की सूचनाएं व्याप्त हैं. लेकिन इस बारे में बहुत सारी गलत और भ्रामक सूचनाएं भी पसरी हुई हैं. सही क्या है और गलत क्या- ये समझने के लिए वैज्ञानिक समझ होना जरूरी है.क्या आप इस बारे में कभी खिन्न हुए है कि कैसे शोधकर्ता, महामारी के दौरान दिशा निर्देशों को बदलते रहे हैं? या इस बात पर खफा हुए हैं कि वैकल्पिक विशेषज्ञों को वो तवज्जो नहीं मिली जिसकी उन्हें दरकार थी? आखिरकार उनमें से कई लोग किसी न किसी रूप में डॉक्टर और प्रोफेसर भी हैं|

    एक भरोसेमंद जानकार किसे माना जा सकता है और किसे नहीं? आखिर क्यों वैज्ञानिक अपनी कही बातों पर कायम नहीं रहते हैं? दूसरे शब्दों में, आखिर विज्ञान काम करता भी कैसे है? पहले, कुछ बुरी खबर. विज्ञान कभी भी सच या निश्चित ज्ञान की इच्छा को पूरा नहीं कर पाएगा. वो ऐसा करने का दावा करता भी नहीं है. बर्लिन के शारिटे अस्पताल में आघातों पर शोध करने वाले उलरिष डीरनागेल कहते हैं, “विज्ञान एक ऐसी प्रक्रिया है जो हमेशा खुद को सवालों के घेरे में रखती है, और जिसके जरिए वो खुद में सुधार करती जाती है.” डीरनागेल और उनके सहयोगी वैज्ञानिक, बर्लिन स्वास्थ्य संस्थान (बीआईएच) में बायोमेडिकल रिसर्च में गुणवत्ता प्रबंधन के प्रभारी हैं, एक तरह से उस पर शोध कर रहे हैं. क्या किस्सों कहानियों पर भरोसा करें?

    यूं तो वैज्ञानिक कार्यों में आगामी अध्ययनों और संशोधनों-सुधारों की मांग बनी रहती है, फिर भी कई परिकल्पनाओं और निष्कर्षों का समान वजन नहीं होता है. महामारी की इस अवस्था के दौरान बहुत से किस्सों में से एक ये है, “मेरी एक दोस्त दाई है और उसने देखा है कि कई औरतों को टीका लगने के बाद गर्भपात हुआ है” ये ऐसे किस्से हैं जो लोगों में सबसे पहले तो एक किस्म का खौफ भर देते हैं, आखिरकार दाई भी एक औरत है और जानती है कि वो क्या कह रही है. इस तरह की बात दाई से सुनने को मिले या नहीं, ऐसे किस्से मामले को और नजदीकी से देखने को बाध्य करते हैं. डीरनागेल कहते हैं, “एक किस्से से एक परिकल्पना निश्चित रूप से तैयार हो जाती है. लेकिन कोई कारण संबंध स्थापित करने के लिए उस परिकल्पना का नियंत्रित अध्ययनों में परीक्षण करना होता है” गर्भ गिरने और टीकों के बीच में कोई संबंध नहीं पाया गया है.

  • जर्मन सरकार ने बनाया पहला LGBTQ कमीश्नर

    जर्मन सरकार ने बनाया पहला LGBTQ कमीश्नर

    जर्मनी के इतिहास में पहली बार एक खास पद बनाकर उसे महिलाओं और पुरुषों के अलावा अन्य प्रकार की यौन वरीयता और लैंगिक पहचान वालों के लिए काम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. ग्रीन पार्टी के सांसद स्वेन लेमन बने पहले कमिश्नर.नए साल की शुरुआत जर्मन सरकार ने एक खास पद बना कर की है|

    इस नए पद पर जिम्मेदारी होगी कि वह समाज में गे, लेस्बियन, बाईसेक्शुअल, ट्रांस, क्वीयर और अन्य लोगों के लिए अनुकूल माहौल बनाए. ‘नेशनल एक्शन प्लान फॉर सेक्शुअल एंड जेंडर डाइवर्सिटी’ के पहले प्रमुख का पद संभालते हुए ग्रीन पार्टी के नेता स्वेन लेमन ने कहा कि “हर किसी को सुरक्षा और बराबरी के अधिकार के साथ आजादी से जीने लायक होना चाहिए” जर्मनी की संघीय सरकार के इसके लिए कमिश्नर का एक नया पद बनाया है|

    कमिश्नर सरकार के बाकी मंत्रालयों के साथ LGBTQ समुदाय पर असर डालने वाली सभी नीतियों पर मिल कर काम करेगा. जर्मनी की नई सरकार में ग्रीन पार्टी के अलावा सोशल डेमोक्रैटिक पार्टी और कारोबार-समर्थक एफडीपी की गठबंधन सरकार है.

  • भारत के खिलाफ चीन का जारी है प्रोपेगेंडा, अब टॉप-10 यूजर्स को उपहार के रूप में देगा गलवान का पत्थर

    भारत के खिलाफ चीन का जारी है प्रोपेगेंडा, अब टॉप-10 यूजर्स को उपहार के रूप में देगा गलवान का पत्थर

    भारत के साथ पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद के बीच चीन ने एक और नई चाल चली है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की वेस्टर्न थिएटर कमांड (WTC) ने एक फरवरी से अपने टॉप टेन यूजर्स को पूर्व लद्धाख में गलवान घाटी से पत्थर भेजने की पेशकश करेगी। चीनी आर्मी की वेस्टर्न थिएटर कमांड भारत के साथ विवादित सीमा की देखरेख करती है।

    चीन का सरकारी अखबर ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि वेस्टर्न थिएटर कमांड ने शुक्रवार को ट्विटर की तरह चीनी ‘सीना वीबो’ पर अपना आधिकारिक अकाउंट खोला है और एक नोटिस जारी कर कहा है कि 1 फरवरी को वह “उन लोगों में से 10 भाग्यशाली नेटिजन्स का चयन करेगा जो उनके नोटिस को दोबारा पोस्ट करेंगे। इन टॉप टेन यूजर्स को उपहार के रूप में वो गलवान गाटी से एक पत्थर भेजेगा।

    चीन के वेस्टर्न थिएटर कमांड ने अपने इस ट्विटर जैसे अकाउंट से एक तस्वीर शेयर की। तस्वीर के साथ-साथ जिसमें चीनी भाषा में लिखा था ‘शानदार परिदृश्य, एक इंच नहीं छोड़ना है।’ गलवान घाटी में 15 जून की रात को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच संघर्ष के बाद चीनी सरकार का भारत को उकसाने वाला यह नया प्रयास है। 15 जून की रात को हुए संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे जबकि चार चीनी सैनिक भी मारे गए थे।

  • परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के संबंध में पी5 के संयुक्त बयान का भारत ने किया स्वागत

    परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के संबंध में पी5 के संयुक्त बयान का भारत ने किया स्वागत

    भारत ने परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के लिये अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, रूस और फ्रांस के संयुक्त संकल्प का शुक्रवार को स्वागत करते हुए न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता बनाये रखने एवं इनका पहले इस्तेमाल नहीं करने के अपने परमाणु सिद्धांत की फिर से पुष्टि की। भारत ने कहा कि वह सार्वभौम, बिना भेदभाव वाले और पुष्टि किये जाने योग्य निरस्त्रीकरण के लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (पी5) ने सोमवार को अपने संयुक्त बयान में कहा था कि परमाणु युद्ध को जीता नहीं जा सकता है और इसे कभी नहीं लड़ा जाना चाहिए।

    इन देशों ने परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने का भी संकल्प व्यक्त किया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि एक जिम्मेदार परमाणु हथियार सम्पन्न देश के रूप में भारत ‘इनका पहले उपयोग नहीं करने’ और गैर परमाणु हथियार सम्पन्न देशों के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करने के रुख के आधार पर न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता बनाये रखने के सिद्धांत को मानता है।

    परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के संबंध में पी5 के संयुक्त बयान का भारत ने किया स्वागत उन्होंने कहा कि भारत सार्वभौम, बिना भेदभाव वाले और पुष्टि किये जाने योग्य निरस्त्रीकरण के लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध है। बागची ने कहा, ” हम इस सप्ताह जारी इस संयुक्त बयान का स्वागत करते हैं, जिसमें परमाणु खतरों से निपटने के महत्व की पुन: पुष्टि की गई है, साथ ही इसमें सभी के लिये निर्बाध सुरक्षा एवं बिना परमाणु हथियारों वाले विश्व के लक्ष्य के लिये निरस्त्रीकरण की दिशा में प्रगति करके सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में काम करने की इच्छा व्यक्त की गई है।”

  • ‘मोदी जी मैंने तो पहले ही कर दिया’, अस्पताल के उद्घाटन पर बोलीं ममता; भाजपा बोली- गलत जानकारी

    ‘मोदी जी मैंने तो पहले ही कर दिया’, अस्पताल के उद्घाटन पर बोलीं ममता; भाजपा बोली- गलत जानकारी

    भाजपा आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने कोलकाता के चितरंजन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के दूसरे कैंपस के उद्घाटन के दो वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किए हैं। वीडियो में ममता बनर्जी पीएम मोदी से कह रही है कि अस्पताल का उद्घाटन पीएम ने नहीं उनकी सरकार ने बहुत पहले कर दिया था। इस मामले में मालवीय ने ममता बनर्जी पर हमला बोला है। कहा है कि ममता बनर्जी को ठीक नहीं किया जा सकता है।

    शुक्रवार को पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोलकाता में चितरंजन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (सीएनसीआई) के दूसरे कैंपस का उद्घाटन किया। उद्घाटन कार्यक्रम में मोदी की धुर विरोधी मानी जाने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह कहते हुए विवाद को हवा दे दी कि वह इसका उद्घाटन पहले ही कर चुकी हैं। पीएम मोदी ने हालांकि ममता के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

  • बूस्टर डोज के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं, दोनों डोज लेने वाले सीधे ले सकते हैं अप्वाइंटमेंट

    बूस्टर डोज के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं, दोनों डोज लेने वाले सीधे ले सकते हैं अप्वाइंटमेंट

    देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच 10 जनवरी से हेल्थ वर्कर्स, प्रमुख कर्मचारी और 60 साल से उपर वालों को बूस्टर डोज लगाई जाएगी। बूस्टर डोज के लिए लोगों को अलग से रजिस्ट्रेशन कराने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। जिन लोगों ने कोविड वैक्सीन की दोनों डोज ले ली है, वे सीधे अप्वाइंटमेंट ले सकते हैं या फिर वैक्सीनेशन सेंटर जा सकते हैं।

    सरकारी सूत्रों की मानें तो शेड्यूल कल यानी 8 जनवरी को प्राकाशित किया जाएगा। जबकि ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट की सुविधा भी कल शाम से शुरू हो जाएगी। वहीं, ऑनसाइट अप्वाइंटमेंट के साथ 10 जनवरी से टीकाकरण शुरू हो जाएगा। वहीं, बूस्टर टीके को लेकर सरकार पहले ही स्थिति को साफ कर चुकी है।

    सरकार ने बुधवार को बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कर्मियों और 60 वर्ष तथा उससे अधिक उम्र के लोगों को दी जाने वाली कोविड-19 टीके की एहतियाती खुराक पहली दो खुराक की तरह ही होगी। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा कि जिन लोगों ने पहली दो खुराक कोविशील्ड की ली है, उन्हें कोविशील्ड टीका दिया जाएगा और जिन लोगों ने कोवैक्सीन लिया है, उन्हें कोवैक्सीन दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि टीकों के मिश्रण से जुड़ी नयी जानकारी, विज्ञान और आंकड़ों पर भी नजर रखी जा रही है।

  • अयोध्या की जमीन ट्रस्ट को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया अवैध

    अयोध्या की जमीन ट्रस्ट को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया अवैध

    अयोध्या में जमीन विवाद के एक मामले में हुई जांच में महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट को जमीन ट्रांसफर किए जाने को अवैध पाया गया है. ट्रस्ट को ट्रांसफर हुई इसी जमीन को खरीदने वालों में बड़े अधिकारी और विधायक तक शामिल हैं.उत्तर प्रदेश में अयोध्या के असिस्टेंट रिकॉर्ड ऑफिसर यानी एआरओ की कोर्ट ने दलितों की करीब 21 बीघा जमीन महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट को ट्रांसफर करने के सरकारी आदेश को अवैध माना है. यह जमीन 22 अगस्त 1996 को ट्रांसफर की गई थी|

    एआरओ कोर्ट ने ट्रांसफर वाले सरकारी आदेश को अवैध घोषित कर जमीन राज्य सरकार को सौंप दी है. इसका मतलब हुआ कि कोर्ट ने जमीन ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया को ही अवैध माना है. हालांकि कोर्ट ने ट्रस्ट के खिलाफ किसी कार्रवाई की सिफारिश नहीं की है क्योंकि कोर्ट के मुताबिक, इसमें किसी तरह की जालसाजी नहीं की गई है. पिछले साल 22 दिसंबर 2021 को अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने एक रिपोर्ट छापी थी जिसके मुताबिक, अयोध्या में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यहां जमीन के दाम काफी बढ़ गए|

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यहां जमीन खरीदने वालों में अयोध्या में तैनात कई नौकरशाह, उनके रिश्तेदार और जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं. जिस जमीन पर एआरओ कोर्ट का फैसला आया है, वह रामजन्मभूमि स्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर है और कुछ दलित समुदाय के लोगों ने दलितों से जमीन खरीद कर ट्रस्ट को दान किया था. बाद में इसी जमीन को ट्रस्ट ने अयोध्या के कई हाईप्रोफाइल लोगों को बेच दिया. इंडियन एक्सप्रेस में खबर छपने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले ही दिन जमीन सौदों की जांच के आदेश दे दिए.