Category: शिक्षा

  • उच्च शिक्षा को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने को विश्वविद्यालय बनायेगे रोड़मैप

    उच्च शिक्षा को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने को विश्वविद्यालय बनायेगे रोड़मैप

     

    रूड़की/देहरादून,
    सूबे में नई शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयान को सभी विश्वविद्यालय ठोस व समयबद्ध रोड़मैप तैयार करेंगे। साथ ही उच्च शिक्षा को रोजगारपरक, नवाचार आधारित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिये विश्वविद्यालयों को परंपरागत शिक्षण पद्धतियों के साथ आधुनिक तकनीक एवं उद्योग जगत की आवश्यकताओं के साथ ही भारतीय ज्ञान परम्परा को भी पाठ्यक्रमों में शामिल करना होगा। इसके अलावा परीक्षा प्रणाली व छात्रों के डेटा को सुरक्षित रखने के लिये भी ठोस कदम उठाने होंगे।

    सूबे के विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज आईआईटी रूड़की में आयोजित ‘उत्तराखंड एनईपी काॅन्क्लेव-2026’ में बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार रखे। ‘एनईपी एक्शन प्वाइंट टू इंस्टीट्यूशनल एक्शनः उत्तराखंड हायर एजुकेशन रोड़मैप’ थीम पर आयोजित राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये डाॅ. रावत ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के शत-प्रतिशत प्रावधानों को धरातल पर उतारने के लिये सभी विश्वविद्यालयों को स्पष्ट व समयबद्ध रोडमैप तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ कौशल, नवाचार और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिये विश्वविद्यालयों को परंपरागत शिक्षण पद्धतियों के साथ आधुनिक तकनीक एवं उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम संचालित करने होंगे। साथ ही विश्वविद्यालयों में आधुनिक लैब, इनोवेशन सेंटर, स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने होंगे ताकि छात्र-छात्राएं इसका अधिक से अधिक लाभ उठा सके। डाॅ. रावत ने विश्वविद्यालयों को स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर के उद्योगों के साथ एमओयू कर विद्यार्थियों के लिये इंटर्नशिप, इंडस्ट्री विजिट, प्रोजेक्ट वर्क, प्रशिक्षण तथा रोजगार व स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने को कहा। उन्होंने उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रमों को अपडेट करने के साथ ही विद्यार्थियों में उद्यमिता की भावना विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया।

    डाॅ. रावत ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ऐसे पाठ्यक्रम और शोध कार्यों को बढ़ावा दें, जिनका सीधा लाभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था और स्थानीय युवाओं को मिले। पर्यटन, कृषि, बागवानी, आयुष, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, हिमालयन इकोलाॅजी सहित स्थानीय उत्पादों से जुड़े शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी विश्वविद्यालयों को ठोस पहल करनी होगी।

    इसके अलावा उन्होंने राज्य स्तर पर विश्वविद्यलयों एवं महाविद्यालयों की रैंकिंग शुरू करने, विश्वविद्यालयों में शैक्षिणक एवं शिक्षणेत्तर के शतप्रतिशत रिक्त पदों को भरने, पुरातन छात्रों का डाटा तैयार करने, छात्रावासों का सुरक्षा आॅडिट करने, पेपर लीक एवं छात्रों के डाटा को सुरक्षित रखने के साथ ही छात्रों से निरंतर संवाद करने को भी कहा।

    कार्यशाला में कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी.एस. रावत ने एनईपी-2020 के क्रियान्वयन, चुनौतियों एवं गुणवत्ता विषय पर प्रस्तुतिकरण दिया। वहीं आईआईटी रूड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने ज्ञान में मेंटरिंग एवं क्षमता निर्माण, संस्थागत सहयोग तथा हब एंड स्पोक मॉडल की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। सचिव उच्च शिक्षा बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने वर्ष 2028 तक एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उच्च शिक्षा विभाग का रोडमैप एवं एजेंडा प्रस्तुत किया। इसके अलावा दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पाण्डेय तथा ग्राफिक एरा डीम्ड विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. अमित आर. भट्ट ने इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग, रिसर्च एवं इनोवेशन तथा पाठ्यक्रम में आवश्यक अपडेट को लेकर प्रस्तुतिकरण दिया।

    इसी क्रम में एच.एन.बी. गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के कुलपति प्रो. एस.एस. बिष्ट तथा एसजीआरआर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के. प्राथापन ने नए इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल, इनक्यूबेशन सेंटर एवं मेगा एजुकेशन हब की संभावनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया।

    उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी तथा श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अम्बरीश महाजन ने यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं विदेशी संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग विषय पर अपने विचार रखे। वहीं तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर, एच.एन.बी. चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. भानु दुग्गल तथा जी.बी. पंत कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिवेन्द्र कश्यप ने कौशल आधारित शिक्षा, इंटर्नशिप योजना, टेक-रेडी वर्कफोर्स तथा कृषि क्षेत्र की फ्यूचर रेडीनेस पर प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर आईआईएम लखनऊ के एंटरप्राइज इनक्यूबेशन सेंटर के एचओडी बिजनेस डेवलपमेंट आदित्य प्रसाद ने उत्तराखंड में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने एवं नए स्टार्टअप की स्थापना को लेकर अपना प्रस्तुतिकरण दिया। उनकी टीम में प्रोजेक्ट मैनेजर आदित्य प्रधान, सुधांशु एवं दीपक कुमार भी उपस्थित रहे।

    कार्यशाला का संचालन आईआईटी रूड़की के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एन.के. नवानी ने किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. वी.एन. खाली, संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा प्रदीप कुमार नौटियाल, संयुक्त निदेशक प्रो. संगीता गुप्ता, प्रो. ए.एस. उनियाल, दीपक पाण्डे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • दुबई चैंबर्स ने एजेंटीक एआई सहयोग को बढ़ावा देने और भारत के साथ निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए किए दो एमओयू

    दुबई चैंबर्स ने एजेंटीक एआई सहयोग को बढ़ावा देने और भारत के साथ निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए किए दो एमओयू

     

    देहरादून,: दुबई चैंबर्स ने बेंगलुरु के एक उच्च-स्तरीय दौरे के दौरान एजेंटीक एआई में सहयोग को आगे बढ़ाने, दुबई और भारत के बीच व्यापार तथा निवेश को मजबूत करने और व्यापार विस्तार का समर्थन करने के लिए दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये समझौते नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नैसकॉम) और फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफकेसीसीआई) के साथ किए गए हैं।
    इस दौरे के तहत, दुबई चैंबर्स के अध्यक्ष और सीईओ महामहिम मोहम्मद अली राशिद लूता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख भारतीय व्यापारिक संगठनों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ आठ बैठकें कीं। इस कार्यक्रम में नैसकॉम डीपटेक, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) कर्नाटक राज्य परिषद, एफकेसीसीआई और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) कर्नाटक राज्य परिषद के साथ संवाद शामिल थे।
    नैसकॉम के साथ किया गया समझौता ज्ञापन एजेंटीक एआई और डीपटेक में सहयोग के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है। इसका उद्देश्य दुबई में स्थापित होने और विस्तार करने की इच्छुक भारतीय कंपनियों के लिए बाजार तक पहुंच का समर्थन करना है। यह समझौता ज्ञान साझा करने, इकोसिस्टम से जुड़ाव, नवाचार पहल और रणनीतिक औद्योगिक सहयोग को भी बढ़ावा देता है।
    इसमें एआई-केंद्रित व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल, बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें, नेटवर्किंग कार्यक्रम और भारत तथा दुबई में कंपनियों और हितधारकों को जोड़ने के लिए तैयार किए गए अन्य संवाद शामिल हैं।
    दुबई चैंबर्स के अध्यक्ष और सीईओ, महामहिम मोहम्मद अली राशिद लूता ने बात करते हुए कहा, “भारतीय कंपनियां दुबई के विकास में महत्वपूर्ण भागीदार बनी हुई हैं और वे अमीरात का सबसे बड़ा विदेशी व्यापारिक समुदाय बनाती हैं। नैसकॉम और एफकेसीसीआई के साथ हमारे समझौते एजेंटीक एआई और डीपटेक में सहयोग को आगे बढ़ाकर, व्यापार व निवेश को मजबूत करके, और अधिक भारतीय कंपनियों को दुबई में स्थापित होने व विस्तार करने में समर्थन देकर इस मजबूत नींव को और भी सुदृढ़ करेंगे।”
    ये समझौते दुबई में भारतीय व्यवसायों की महत्वपूर्ण और बढ़ती उपस्थिति के आधार पर तैयार किए गए हैं। जून 2026 के अंत तक कुल 85,841 भारतीय कंपनियां दुबई चैंबर ऑफ कॉमर्स के सक्रिय सदस्यों के रूप में पंजीकृत थीं। यह साल-दर-साल 15% की वृद्धि को दर्शाता है। चैंबर ने 2026 की पहली छमाही के दौरान 7,579 नई भारतीय कंपनियों का भी स्वागत किया।
    दुबई और भारत के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों की सकारात्मक गति बढ़ते निवेश प्रवाह में परिलक्षित होती है। 2025 में दुबई में भारतीय प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) कुल 2.28 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। दुबई से भारत में निवेश 2016 और 2025 के बीच 147 परियोजनाओं में कुल 9.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जिससे 55,274 नौकरियां पैदा हुईं।
    बेंगलुरु यात्रा के हिस्से के रूप में, दुबई चैंबर्स ने चारों व्यापारिक संगठनों के सदस्यों के लिए विशेष गोलमेज सत्र आयोजित किए।

  • उत्तराखंड बोर्ड ने घोषित किया परीक्षाफल सुधार परीक्षा का रिजल्ट

    उत्तराखंड बोर्ड ने घोषित किया परीक्षाफल सुधार परीक्षा का रिजल्ट

     

    रामनगर/देहरादून,
    उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद् ने हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परिषदीय परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2026 का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिये है। परीक्षाफल सुधार परीक्षा-2026 के तहत हाईस्कूल का कुल परीक्षा परिणाम 83.13 फीसदी रहा जबकि इण्टरमीडिएट में परीक्षा परिणाम 73.35 फीसदी रहा। इसके साथ ही अब बोर्ड परीक्षा के कुल परीक्षा परिणामों के आंकड़ों में भी वृद्धि हुई है।

    उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सभापति व निदेशक माध्यमिक शिक्षा वी.पी. सिमल्टी ने बताया कि बोर्ड ने हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परिषदीय परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2026 (प्रथम) एवं परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2025 (तृतीय) का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2026 (प्रथम) के तहत हाईस्कूल का कुल परीक्षाफल 83.13 फीसदी रहा। जिसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 82.61 प्रतिशत तथा बालिकाओं का 84.34 प्रतिशत रहा। इसी प्रकार इण्टरमीडिएट में कुल परीक्षाफल 73.35 फसदी रहा। जिसमें बालकों का उत्तीण प्रतिशत 71.20 प्रतिशत तथा बालिकाओं का 76.07 प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि परीक्षाफल सुधार परीक्षा के उपरांत बोर्ड परीक्षा के कुल परीक्षा परिणामों के आंकड़ों में भी वृद्धि हुई है। जिसके तहत हाईस्कूल का कुल परीक्षाफल 92.10 फीसदी से बढ़कर 96.07 फीसदी हो गया है, जिसमें 93.94 फीसदी बालक व 98.14 फीसदी बालिकाएं हैं। इसी प्रकार इण्टरमीडिएट में भी उत्तीर्ण प्रतिशत में जबरदस्त उछाल आया है। पहले जहां 85.11 फीसदी छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुई अब इनकी संख्या बढ़कर 91.80 फीसदी हो गई है। जिसमें 89.26 फीसदी बालक और 94.16 फीसदी बालिकाएं शामिल हैं।

    परिसद के सभापति वी.पी. सिमल्टी ने बताया कि बोर्ड ने परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2025 (तृतीय) के परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिये हैं। जिसमें हाईस्कूल का कुल परीक्षा परिणाम 66.67 फीसदी रहा। जिसमें बालकों का परीक्षाफल 71.88 फीसदी तथा बालिकाओं का 57.89 फीसदी रहा। इसी प्रकार इण्टरमीडिएट का कुल परीक्षा परिणाम 58.70 फीसदी रहा। जिसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 61.54 तथा बालिकाओं का 55.00 फीसदी रहा।

    *बयान-*
    परीक्षाफल सुधार परीक्षा उन छात्र-छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो मुख्य बोर्ड परीक्षा में किसी विषय में अनुत्तीर्ण रह गये हों या फिर अपने अंकों में सुधार करना चाहते हों। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपनी मेहनत के बल पर बेहतर परिणाम प्राप्त करने का एक और अवसर मिलता है। परीक्षाफल सुधार परीक्षा में उत्तीर्ण सभी छात्र-छात्राओं एंव उनके अभिभावकों को बधाई व शुभकामनाएं। – *डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।*

     

  • तकनीकी शिक्षा मंत्री ने दो नये बीटेक पाठ्यक्रमों के संचालन को दी मंजूरी

    तकनीकी शिक्षा मंत्री ने दो नये बीटेक पाठ्यक्रमों के संचालन को दी मंजूरी

    देहरादून
    उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के बीटीकेआईटी परिसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग तथा रोबोटिक्स पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे ताकि छात्रों को अत्याधुनिक व वैश्विक तकनीक से जोड़ा जा सके। इन दोनों नये बीटेक पाठ्यक्रमों के संचालन को तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मंजूरी दे दी है। दोनों पाठ्यक्रम वर्तमान शैक्षणिक सत्र से स्व-वित्त पोषित माध्यम से चलाये जायेंगे।

    सूबे के तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। जिसको देखते हुये राज्य सरकार ने राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में स्नातक एवं परास्नातक स्तर पर आधुनिक पाठ्यक्रमों के संचालन का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया बिपिन त्रिपाठी कुमायूं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीटीकेआईटी), द्वाराहाट में दो नये बीटेक पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग (एआई एंड एमएल) तथा रोबोटिक्स शामिल है। डाॅ. रावत ने बताया कि दोनों पाठ्यक्रमों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्व-वित्त पोषित माध्यम से संचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई है। इसके साथ ही दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

    विभागीय मंत्री डाॅ. रावत ने बताया कि दोनों नये पाठ्यक्रमों के संचालन को बीटीकेआईटी द्वारा उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय की प्रशासकीय परिषद तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), नई दिल्ली से भी आवश्यक अनुमोदन ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य तकनीकी संस्थानों में भी स्नातक व परास्नातक स्तर पर शीघ्र ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, बॉयोटेक, सेमीकंडक्टर तथा फुल-स्टैक डेवलपमेंट जैसे लोकप्रिय पाठ्यक्रमों का संचालन शुरू किया जायेगा, ताकि नये तकनीकी पाठ्यक्रमों के संचालन से युवाओं को प्रदेश में ही अत्याधुनिक क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।

     

  • शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने पौड़ी से किया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारम्भ

    शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने पौड़ी से किया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारम्भ

     

     

    श्रीनगर/देहरादून,
    प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पौड़ी से राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का भव्य शुभारम्भ किया। इस दौरान पाबौ, सांकरसैंण और पौड़ी में आयोजित तिरंगा यात्राओं में हजारों लोगों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

    तिरंगा यात्राओं के दौरान भारत माता की जय के जयघोष से पूरा क्षेत्र राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। सांकरसैण में डॉ. रावत ने कहा कि 15 अगस्त को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर है। उन्होंने युवाओं सहित प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज अवश्य फहराएं और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-जन का अभियान बनाएं।

    पाबौं में ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के दौरान डाॅ. रावत ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान राष्ट्र की एकता, अखंडता और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि आगामी 15 अगस्त तक प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में भी तिरंगा यात्राओं सहित विभिन्न राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

    राजकीय महाविद्यालय पाबौ में डॉ. रावत ने छात्र-छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की शिक्षा, भविष्य की आकांक्षाओं, नवाचार एवं अन्य विषयों पर चर्चा करते हुए उनके विचार और सुझाव सुने। उन्होंने कहा कि युवाओं में प्रतिभा, ऊर्जा और नवाचार की अपार क्षमता है। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर, आधुनिक संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपने सपनों को साकार करते हुए उत्तराखंड और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

    इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत, मंडल अध्यक्ष विमल नेगी, जनप्रतिनिधिगण, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

     

  • उत्तराखंड के अंडरग्रेजुएट विद्यार्थियों ने नेशनल फाइनेंशियल लिटरेसी क्विज़ 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया

    उत्तराखंड के अंडरग्रेजुएट विद्यार्थियों ने नेशनल फाइनेंशियल लिटरेसी क्विज़ 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया

     

     

     

     

     

    देहरादून, – नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के सहयोग नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित SCOPE कन्वेंशन सेंटर में नेशनल फाइनेंशियल लिटरेसी क्विज़ (एनएफएलक्यू) 2026 के उत्तर क्षेत्रीय दौर का सफलतापूर्वक आयोजन किया। दो दिनों के कार्यक्रम में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा उत्तर भारत के दूसरे राज्यों से आए अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्र शामिल हुए। छात्रों ने वित्तीय बाज़ार, निवेश के नियमों, निवेशकों की सुरक्षा और ज़िम्मेदार वित्तीय आदतों से जुड़े विषयों पर सवाल-जवाब के स्वरूप में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। मुंबई में 18-19 जुलाई को हुए पश्चिम क्षेत्रीय दौर के बाद, एनएफएलक्यू 2026 का दूसरा क्षेत्रीय दौर नई दिल्ली में आयोजित किया गया।

    देश भर में शुरू की गई इस पहल में 4 लाख से ज़्यादा छात्रों ने अपने कॉलेजों और ऑनलाइन क्वालिफाइंग राउंड के ज़रिए हिस्सा लिया। उनके प्रदर्शन के आधार पर बेहतरीन टीमों को चुना गया जिन्होंने भारत के पूर्वी, दक्षिणी, उत्तरी, मध्य, पश्चिमी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में आयोजित होने वाले क्षेत्रीय दौरों में आगे बढ़ीं।

    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) के डायरेक्टर, श्री सशी कृष्णन ने इसमें भाग लेने वाले सभी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “वित्तीय साक्षरता का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को सही समय पर सूचित, जिम्मेदार और आत्मविश्वासपूर्ण वित्तीय निर्णय लेने में सक्षम बनाना है। । एनएफएलक्यू वित्तीय साक्षरता को परस्पर बातचीत पर आधारित और एक प्रतिस्पर्धी माहौल में पेश करता है। इससे छात्र अपनी समझ को बेहतर बना पाते हैं, साथ ही उनमें वित्तीय परिवेश के बारे में जानने की इच्छा भी बढ़ती है। इस पहल को मिली ज़बरदस्त प्रतिक्रिया से साफ़ है कि भारत के युवाओं के बीच काम में आने वाली वित्तीय जानकारी पाने की इच्छा बढ़ रही है। एनआईएसएम एक ऐसा प्लेटफॉर्म्स तैयार करने के अपने इरादे पर अटल है, जो वित्तीय शिक्षा को आसान, मज़ेदार और उपयोगी बनाए।

    भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के सीजीएम और क्षेत्रीय निदेशक, श्री विजयंत कुमार वर्मा ने कहा, “भारत के सिक्योरिटीज मार्केट को लगातार आगे बढ़ाने के लिए आज की युवा पीढ़ी का वित्तीय रूप से जागरूक होना बेहद ज़रूरी है। एनएफएलक्यू जैसी पहल, छात्रों को शुरुआती दौर में ही सोच-समझकर निवेश करने, निवेशकों के अधिकारों, बाज़ार के नियमों और जोखिम जैसे विषयों की जानकारी देकर, उन्हें वित्तीय व्यवस्था में जिम्मेदारी से भाग लेने के लिए तैयार करती है। सेबी की निवेशक शिक्षा से जुड़ी कोशिशों का मकसद इसी बुनियाद को मज़बूत करना और भारत के युवाओं को ज़्यादा जागरूकता और समझदारी के साथ वित्तीय फ़ैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।”

    एनएफएलक्यू 2026, असल में एनआईएसएम की ओर से बड़े पैमाने पर शुरू किए गए उस जनसंपर्क कार्यक्रम का हिस्सा है जिसका उद्देश्य सिक्योरिटीज़ मार्केट के बारे में छात्रों की समझ को बेहतर बनाना और उन्हें सोच-समझकर वित्तीय निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस क्विज़ में फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स, बाज़ार के कामकाज के तरीके, निवेशकों के अधिकार, इससे जुड़े नियम और बाज़ार के मध्यस्थों की भूमिका जैसे विषय शामिल हैं, जिससे प्रतिभागियों को भारत के फाइनेंशियल इकोसिस्टम के बारे में उपयोगी जानकारी मिलती है। यह पहल जुलाई से सितंबर 2026 तक चलेगी और इस दौरान मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु, भोपाल, गुवाहाटी और कोलकाता में इसके क्षेत्रीय दौर आयोजित किए जाएंगे। इन सभी दौर में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमें नवंबर 2026 में होने वाले नेशनल फ़िनाले में पहुंचेंगी, जहां उन्हें महाराष्ट्र के रसायनी, पातालगंगा में स्थित एनआईएसएम के परिसर में राष्ट्रीय खिताब के लिए मुकाबला करना होगा।

    महाराष्ट्र के रसायनी, पातालगंगा स्थित एनआईएसएम के परिसर में आयोजित ग्रैंड फ़िनाले में देश भर की बेहतरीन टीमें राष्ट्रीय खिताब के लिए मुक़ाबला करेंगी।

    क्षेत्रीय दौर की हर श्रेणी में शीर्ष तीन विजेताओं के लिए इनाम की राशि इस प्रकार है:

    अंडरग्रेजुएट श्रेणी:

    · पहला इनाम – 40,000/- रुपये (BFSI विभाग, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी)

    · दूसरा इनाम – 30,000/- रुपये (कॉमर्स एवं फाइनेंस विभाग, क्वांटम स्कूल ऑफ़ ग्रेजुएट स्टडीज़)

    ·  तीसरा इनाम – 20,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, मित्तल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस)

    पोस्टग्रेजुएट श्रेणी:

    · पहला इनाम – 40,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट)

    · दूसरा इनाम – 30,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, भारतीय प्रबंधन संस्थान, काशीपुर)

    · तीसरा इनाम –20,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, मित्तल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस)

    इसके अलावा, उत्तरी क्षेत्र के 12 अंडरग्रेजुएट कॉलेजों ने राष्ट्रीय चरणों में आगे बढ़ने के लिए अपनी जगह बनाई। चुने गए संस्थानों की सूची इस प्रकार है।

    1. D BFSI विभाग, ग्राफ़िक एरा हिल यूनिवर्सिटी

    2. कॉमर्स एवं फ़ाइनेंस विभाग, क्वांटम स्कूल ऑफ़ ग्रेजुएट स्टडीज़

    3. प्रबंधन विभाग, मित्तल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस

    4. फैकल्टी ऑफ कॉमर्स, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी

    5. कॉमर्स, बिज़नेस मैनेजमेंट और इकोनॉमिक्स विभाग, DAV यूनिवर्सिटी

    6. प्रबंधन विभाग, इनवर्टिस यूनिवर्सिटी, बरेली

    7. प्रबंधन विभाग, GLA यूनिवर्सिटी

    8. बीबीए/बीसीए विभाग, राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी

    9. बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग, एलनहाउस बिज़नेस स्कूल, कानपुर

    10. प्रबंधन विभाग, चितकारा बिज़नेस स्कूल, राजपुरा

    11. इंजीनियरिंग/बीबीए/बीसीए विभाग, डॉ. के. एन. मोदी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, गाजियाबाद

    12. कॉमर्स एवं प्रबंधन विभाग, पाल कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, हल्द्वानी

     

    उत्तरी क्षेत्र के 12 पोस्टग्रेजुएट कॉलेजों ने राष्ट्रीय चरणों में आगे बढ़ने के लिए अपनी जगह बनाई। चुने गए संस्थानों की सूची इस प्रकार है:

     

    1. फैकल्टी ऑफ कॉमर्स, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी

    2. प्रबंधन विभाग, महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी

    3. प्रबंधन विभाग, GLA यूनिवर्सिटी

    4.  प्रबंधन  विभाग, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल

    5.  प्रबंधन  विभाग, लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट

    6.  प्रबंधन विभाग, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, काशीपुर

    7.  प्रबंधन विभाग, मित्तल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस

    8.  प्रबंधन विभाग, उत्तरांचल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट

    9.  फाइनेंस विभाग, नई दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट

    10. फाइनेंस और अकाउंटिंग विभाग, FORE स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट

    11. प्रबंधन विभाग, स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट साइंसेज

    12.   आईएमबीए, सीनियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी

     

    अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें – विकास कुमार- 8057409636

  • सहकारिता में हरियाणा व उत्तराखंड मिलकर करेंगे कामः डाॅ. धन सिंह रावत

    सहकारिता में हरियाणा व उत्तराखंड मिलकर करेंगे कामः डाॅ. धन सिंह रावत

     

    चंडीगढ़/
    सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने चण्डीगढ़ प्रवास के दौरान आज चण्डीगढ़ में हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक लिमिटेड के मुख्यालय का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर बैंक की कार्यप्रणाली, डिजिटल सेवाओं तथा किसानों, महिलाओं व युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी ली।

    सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि अपने एक दिवसीय चण्डीगढ़ भ्रमण के दौरान उन्होंने आज हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक लिमिटेड के मुख्यालय का दौरा किया। उन्होंने बताया कि सहकारिता के क्षेत्र में हरियाणा ने बेहतर काम किया है, खासकर बैंकिंग क्षेत्र में किये जा रहे नवाचारों, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जनहितकारी योजनाएं अन्य राज्यों के लिये भी अनुकरणीय है। डाॅ. रावत ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में दोनों राज्यों के बीच अनुभवों और उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान किया जायेगा, जिससे दोनों राज्यों में सहकारिता आंदोलन नई दिशा दी जा सकेगी।

    डाॅ. रावत ने इस दौरान राज्य सरकार द्वारा संचालित दीनदयाल उपाध्याय अल्पकालीन एवं मध्यकालीन ऋण वितरण योजना की जानकारी साझा करते हुये बताया कि इस योजना के तहत किसानों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसका लाभ प्रदेश का किसान उठा रहा है। इस योजना से किसानों की आर्थिकी भी सुदृढ़ हुई है। डाॅ. रावत ने बताया कि ब्याज मुक्त ऋण योजना सहकारिता आधारित कृषि क्षेत्र में प्रभावी परिणाम दे रही है। इस अवसर पर डाॅ. रावत ने हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के नवनियुक्त अध्यक्ष भारत भूषण जुयाल को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्ति अध्यक्ष के नेतृत्व में स्टेट को-आॅपरेटिव बैंक नई ऊंचाई हासिल करंेगा।

    इस अवसर पर हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष भारत भूषण जुयाल ने सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का जोर शोर से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि डाॅ. रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड ने सहकारिता क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की है। उन्होंने कहा कि नवाचार, पारदर्शिता और किसान हितैषी योजनाओं के जरिये सहकारिता आंदोलन को आम लोगों के बीच पहुंचाया। उन्होंने शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण योजना, सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण तथा डिजिटल पहल की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों की चर्चा हरियाणा सहित अन्य राज्यों में भी हो रही है। इस दौरान बैंक अधिकारियों ने बैंक की उपलब्धियों, वित्तीय समावेशन, डिजिटल बैंकिंग, किसानों के लिए संचालित योजनाओं तथा सहकारी बैंकिंग को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में किए जा रहे हरियाणा सरकार के प्रयासों की पाॅवर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण दिया।

    इस अवसर पर हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक डॉ. प्रफुल्ल रंजन, महाप्रबंधक उर्वशी गुप्ता, उप महाप्रबंधक सुधा शर्मा तथा प्रबंधक जसपाल पंवार सहित अन्य बैंक अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • समाधान दिवस में डीएम ने 109 फरियादियों की सुनी समस्याएं, अधिकांश मामलों का मौके पर किया निस्तारण

    समाधान दिवस में डीएम ने 109 फरियादियों की सुनी समस्याएं, अधिकांश मामलों का मौके पर किया निस्तारण

     

     

    *देहरादून,
    आमजन की समस्याओं का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समाधान दिवस में जनसुनवाई का व्यापक आयोजन किया गया। समाधान दिवस में 109 फरियादियों ने अपनी शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इनमें से अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, पारिवारिक विवाद, ऋण माफी, मुआवजा, आर्थिक सहायता तथा विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े प्रकरण प्रमुखता से सामने आए।

    समाधान दिवस में एक अत्यंत मार्मिक मामला भी सामने आया। कोविड-19 महामारी और पारिवारिक त्रासदियों से गुजर चुकीं 75 वर्षीय विधवा माया देवी ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि बड़े बेटे की कोविड काल में तथा छोटे बेटे की गत वर्ष मृत्यु हो जाने के बाद वह अपने पुस्तैनी मकान में अकेली रह गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी नातिन गलत संगति और नशे की गिरफ्त में आने के बाद अपने एक मित्र के साथ पुस्तैनी मकान में ‘लिव-इन’ में रह रही है तथा उनका मानसिक एवं घरेलू उत्पीड़न कर उन्हें घर से बेदखल करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा, सम्मानपूर्वक जीवन तथा अपनी गुमराह नातिन को सही मार्ग पर लाने में सहयोग की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने प्रभारी महिला सेल, देहरादून को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

    विधवा भगवान देई ने शिकायत की कि दोनों पुत्रों में संपत्ति का बराबर बंटवारा होने के बावजूद छोटा पुत्र एवं बहू बड़े पुत्र के हिस्से की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं तथा जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर एवं क्षेत्राधिकारी रायपुर को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    कांवली रोड निवासी सुरेन्द्र कुमार ने पुत्र एवं बहू द्वारा मारपीट, गाली-गलौज और धमकी दिए जाने की शिकायत करते हुए बड़े पुत्र को अपनी चल एवं अचल संपत्ति से बेदखल करने की मांग की। इस मामले में जिलाधिकारी ने सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    देहरादून-डोईवाला-भानियावाला-जौली-थानो मार्ग पर उत्तराखंड परिवहन निगम, स्मार्ट सिटी अथवा इलेक्ट्रिक बस सेवा संचालित न होने से आमजन को हो रही परेशानी को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) को तत्काल वार्ता के लिए तलब किया।

    विकासखंड कालसी के लूहन गांव के छह कृषक परिवारों ने लखवाड़ बांध परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित कृषि भूमि का पुनर्स्थापन अनुदान न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिशासी अभियंता को तत्काल आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

    प्रेमनगर निवासी सुनील कुमार ने शिकायत की कि डोईवाला-प्रेमनगर सड़क चौड़ीकरण के दौरान छह वर्ष पूर्व उनका मकान पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, लेकिन लोक निर्माण विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पात्र मुआवजे का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बल्लूपुर निवासी रमेश चन्द्र द्वारा भूमि की पैमाइश कराने की मांग पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं अधोईवाला स्थित आंचल डेयरी परिसर में दुग्ध संघ में कथित अनियमितताओं की शिकायत पर निदेशक डेयरी को उच्चस्तरीय जांच कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

    हरिपुर ढकरानी निवासी बाबूराम द्वारा पेयजल कनेक्शन का अत्यधिक बिल आने की शिकायत पर अधिशासी अभियंता, जल संस्थान को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

    सेंट्रल होप टाउन निवासी सहाना प्रवीन द्वारा जमनपुर (सेलाकुई) में बरसाती निकासी नाले की सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण किए जाने तथा रायवाला क्षेत्र में सीलिंग भूमि पर अवैध दीवार निर्माण की शिकायतों पर संबंधित उप जिलाधिकारियों को जांच कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए।

    वाणी विहार, जैन प्लॉट, रामगढ़ तथा भगत सिंह कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत पर अधिशासी अभियंता को तत्काल जलापूर्ति सुचारु कराने के निर्देश दिए गए।

    बनियावाला निवासी विधवा विद्या सिंह ने पति के निधन के बाद आर्थिक संकट का हवाला देते हुए बच्चों की स्कूल फीस माफ कराने एवं रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। वहीं नेहरू कॉलोनी निवासी पूनम भटनागर ने भी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पुत्री की स्कूल फीस माफ कराने की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने दोनों मामलों में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    समाधान दिवस के अंत में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का गंभीरता, संवेदनशीलता एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सीएम पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण करें।

    समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

  • एडिफाई वर्ल्ड स्कूल, देहरादून में “कल्पना की शक्ति” विषय पर प्रेरणादायक स्टोरीटेलिंग सत्र आयोजित

    एडिफाई वर्ल्ड स्कूल, देहरादून में “कल्पना की शक्ति” विषय पर प्रेरणादायक स्टोरीटेलिंग सत्र आयोजित

    देहरादून, – एडिफाई वर्ल्ड स्कूल, देहरादून में कक्षा IV से VI के विद्यार्थियों के लिए “कल्पना की शक्ति ” विषय पर एक प्रेरणादायक स्टोरीटेलिंग सत्र आयोजित किया गया। इस विशेष सत्र का संचालन “भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर एवं अवधानम् ट्रस्ट से जुड़े श्री आयुष फ़रासी” ने किया।

    अपने रोचक एवं प्रेरक कहानी-वाचन के माध्यम से आयुष फ़रासी ने विद्यार्थियों को जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और अनुशासन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यही गुण जीवन में सफलता और नवाचार की आधारशिला हैं। सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ अनेक प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने सरल, प्रेरक एवं प्रभावशाली ढंग से उत्तर दिया।

    सत्र से प्रेरित होकर विद्यार्थियों ने अपने जीवन में जिज्ञासा, रचनात्मक सोच और कल्पनाशक्ति को अपनाने तथा उन्हें व्यवहार में लाने का संकल्प लिया।

    विद्यालय के निदेशक एडवोकेट डॉ. पंकज होलकर एवं प्रधानाचार्य श्री प्रदीप गौड़ ने इस प्रेरणादायक सत्र के लिए अवधानम् ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री आशीष फ़रासी, आयुष फ़रासी तथा अवधानम् ट्रस्ट की पूरी टीम का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक सोच और जीवन मूल्यों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    यह सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध हुआ।

  • समग्र शिक्षा का बजट खर्च न होने पर शिक्षा मंत्री ने लगाई फटकार

    समग्र शिक्षा का बजट खर्च न होने पर शिक्षा मंत्री ने लगाई फटकार

     

    देहरादून,
    राज्य में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं के लिये केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत बजट समय पर व्यय न करने पर विभागीय मंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुये भविष्य में नियत समय पर स्वीकृत धनराशि खर्च करने को कहा। साथ ही विभिन्न परियोजनाओं के लिये निर्धारित राज्यांश भी व्यय करने के निर्देश दिये। विभाग के अंतर्गत शिक्षकों की पदोन्नति के साथ ही स्थानांतरण प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा।

    सूबे के शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने भारत सरकार द्वारा समग्र शिक्षा की विभिन्न परियोजनाओं के लिये स्वीकृत धनराशि को नियत समय पर व्यय न करने के लिये वित्त नियंत्रक के साथ ही विभागीय अधिकारियों को भी खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि भविष्य में बजट व्यय संबंधी किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी तथा अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करते हुये कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के पदोन्नति प्रक्रिया के साथ ही वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिये ताकि लम्बे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों को न्याय मिल सके। इसी प्रकार स्थानांतरण का इंतजार कर रहे शिक्षकों को भी अनुरोध एवं अनिवार्य स्थानांतरण का लाभ मिल सके।

    बैठक में पिछले दिनों भारत सरकार द्वारा पीएम-पोषण एवं समग्र शिक्षा अभियान की दो दिवसीय बैठक में लिये गये निर्णयों के क्रियान्वयन को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। विभागीय मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम में आगामी 8 एव 9 अगस्त को देहरादून में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा। जिसमें सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा डायट के प्राचार्य प्रतिभाग करेंगे। कार्यशाला में प्रत्येक जनपद द्वारा समग्र शिक्षा के तहत किये गये नवाचार एवं अन्य योजनाओं के तहत किये गये बेहतर कार्यों का प्रस्तुतिकरण भी दिया जायेगा। इसके लिये उन्होंने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को तैयारी के साथ बैठक में प्रतिभाग करने को कहा।

    डाॅ. रावत ने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित आईसीटी लैब, वर्चुअल क्लासेज, स्मार्ट क्लासेज सहित तमाम योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराने के भी निर्देश दिये ताकि पूर्ण हो चुकी सभी योजनाओं का विधिवत शुभारम्भ किया जा सके। विभागीय मंत्री ने राज्य के 200 विद्यालयों में पूर्व से संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को सुचारू रखने के लिये नई संस्था का चयन होने तक पूर्व की संस्था से ही कार्य लिये जाने के निर्देश भी दिये ताकि बोर्ड परीक्षा के संबंधित पाठ्यक्रमों की पढाई निरंतर चलती रहे।

    बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा के.एस. रावत, वित्त नियंत्रक विरेन्द्र कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।