Category: स्वास्थ्य

  • घायल श्रमिकों से मिले मुख्यमंत्री, जिला अस्पताल में जाना कुशलक्षेम

    घायल श्रमिकों से मिले मुख्यमंत्री, जिला अस्पताल में जाना कुशलक्षेम

    देहरादून।

    मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की स्थिति का जायजा लेने के उपरांत जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे। यहां उन्होंने रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनसे बातचीत की।

    मुख्यमंत्री ने श्रमिकों से उनके स्वास्थ्य एवं उपचार के बारे में जानकारी ली तथा अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा व्यवस्थाओं के संबंध में चिकित्सकों से भी जानकारी प्राप्त की।

    मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को घायल श्रमिकों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा उनके उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घायल श्रमिकों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जाए और आवश्यकतानुसार उन्हें सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रत्येक व्यक्ति की जान हमारे लिए बहुत कीमती है। इसके लिए हमारे पास जितने भी साधन उपलब्ध हैं, उन सभी का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और रेस्क्यू अभियान में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहने दी जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना में प्रभावित श्रमिकों के परिजनों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने के लिए संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी उन्होंने स्वयं वार्ता की है। साथ ही टनल दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

    इस दौरान बद्रीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. राजीव पाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • समाधान दिवस में डीएम ने 109 फरियादियों की सुनी समस्याएं, अधिकांश मामलों का मौके पर किया निस्तारण

    समाधान दिवस में डीएम ने 109 फरियादियों की सुनी समस्याएं, अधिकांश मामलों का मौके पर किया निस्तारण

     

     

    *देहरादून,
    आमजन की समस्याओं का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समाधान दिवस में जनसुनवाई का व्यापक आयोजन किया गया। समाधान दिवस में 109 फरियादियों ने अपनी शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इनमें से अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, पारिवारिक विवाद, ऋण माफी, मुआवजा, आर्थिक सहायता तथा विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े प्रकरण प्रमुखता से सामने आए।

    समाधान दिवस में एक अत्यंत मार्मिक मामला भी सामने आया। कोविड-19 महामारी और पारिवारिक त्रासदियों से गुजर चुकीं 75 वर्षीय विधवा माया देवी ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि बड़े बेटे की कोविड काल में तथा छोटे बेटे की गत वर्ष मृत्यु हो जाने के बाद वह अपने पुस्तैनी मकान में अकेली रह गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी नातिन गलत संगति और नशे की गिरफ्त में आने के बाद अपने एक मित्र के साथ पुस्तैनी मकान में ‘लिव-इन’ में रह रही है तथा उनका मानसिक एवं घरेलू उत्पीड़न कर उन्हें घर से बेदखल करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा, सम्मानपूर्वक जीवन तथा अपनी गुमराह नातिन को सही मार्ग पर लाने में सहयोग की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने प्रभारी महिला सेल, देहरादून को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

    विधवा भगवान देई ने शिकायत की कि दोनों पुत्रों में संपत्ति का बराबर बंटवारा होने के बावजूद छोटा पुत्र एवं बहू बड़े पुत्र के हिस्से की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं तथा जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर एवं क्षेत्राधिकारी रायपुर को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    कांवली रोड निवासी सुरेन्द्र कुमार ने पुत्र एवं बहू द्वारा मारपीट, गाली-गलौज और धमकी दिए जाने की शिकायत करते हुए बड़े पुत्र को अपनी चल एवं अचल संपत्ति से बेदखल करने की मांग की। इस मामले में जिलाधिकारी ने सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    देहरादून-डोईवाला-भानियावाला-जौली-थानो मार्ग पर उत्तराखंड परिवहन निगम, स्मार्ट सिटी अथवा इलेक्ट्रिक बस सेवा संचालित न होने से आमजन को हो रही परेशानी को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) को तत्काल वार्ता के लिए तलब किया।

    विकासखंड कालसी के लूहन गांव के छह कृषक परिवारों ने लखवाड़ बांध परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित कृषि भूमि का पुनर्स्थापन अनुदान न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिशासी अभियंता को तत्काल आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

    प्रेमनगर निवासी सुनील कुमार ने शिकायत की कि डोईवाला-प्रेमनगर सड़क चौड़ीकरण के दौरान छह वर्ष पूर्व उनका मकान पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, लेकिन लोक निर्माण विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पात्र मुआवजे का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बल्लूपुर निवासी रमेश चन्द्र द्वारा भूमि की पैमाइश कराने की मांग पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं अधोईवाला स्थित आंचल डेयरी परिसर में दुग्ध संघ में कथित अनियमितताओं की शिकायत पर निदेशक डेयरी को उच्चस्तरीय जांच कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

    हरिपुर ढकरानी निवासी बाबूराम द्वारा पेयजल कनेक्शन का अत्यधिक बिल आने की शिकायत पर अधिशासी अभियंता, जल संस्थान को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

    सेंट्रल होप टाउन निवासी सहाना प्रवीन द्वारा जमनपुर (सेलाकुई) में बरसाती निकासी नाले की सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण किए जाने तथा रायवाला क्षेत्र में सीलिंग भूमि पर अवैध दीवार निर्माण की शिकायतों पर संबंधित उप जिलाधिकारियों को जांच कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए।

    वाणी विहार, जैन प्लॉट, रामगढ़ तथा भगत सिंह कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत पर अधिशासी अभियंता को तत्काल जलापूर्ति सुचारु कराने के निर्देश दिए गए।

    बनियावाला निवासी विधवा विद्या सिंह ने पति के निधन के बाद आर्थिक संकट का हवाला देते हुए बच्चों की स्कूल फीस माफ कराने एवं रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। वहीं नेहरू कॉलोनी निवासी पूनम भटनागर ने भी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पुत्री की स्कूल फीस माफ कराने की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने दोनों मामलों में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    समाधान दिवस के अंत में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का गंभीरता, संवेदनशीलता एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सीएम पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण करें।

    समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

  • कांवड़ यात्रा के दौरान ईंधन एवं रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

    कांवड़ यात्रा के दौरान ईंधन एवं रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

     

    *देहरादून,
    कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं एवं आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाने हेतु जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल की अध्यक्षता में ऋषिकेश क्षेत्र के समस्त पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान ईंधन एवं एलपीजी की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी गैस एजेंसियों को घरेलू एवं व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने तथा उपभोक्ताओं को समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
    उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा अवधि के दौरान रविवार को भी सभी गैस एजेंसियां अनिवार्य रूप से खुली रहेंगी, ताकि श्रद्धालुओं एवं स्थानीय उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
    बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देशित किया गया कि गैस वितरण में प्रयुक्त सभी लोडर वाहनों पर एजेंसी की स्पष्ट फ्लैक्सी/बैनर लगाए जाएं। प्रत्येक वाहन में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) एवं तौलने का कांटा अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे। साथ ही सभी डिलीवरी कर्मियों के पास ड्रेस एवं पहचान पत्र (आईडी कार्ड) होना भी सुनिश्चित किया जाए।
    जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा की संपूर्ण अवधि में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखें तथा सभी पेट्रोल पंप 24×7 (दिन-रात) संचालित किए जाएं, जिससे श्रद्धालुओं, आपातकालीन सेवाओं एवं आम नागरिकों को निर्बाध ईंधन उपलब्ध हो सके।
    बैठक के दौरान पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी संचालकों ने जिला पूर्ति अधिकारी के समक्ष सुझाव रखा कि कांवड़ यात्रा के दौरान ईंधन एवं गैस के टैंकरों के निर्बाध आवागमन के लिए प्रतिदिन रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 05:00 बजे तक मार्ग को खुला रखा जाए, जिससे आवश्यक आपूर्ति समय पर विभिन्न केंद्रों तक पहुंचाई जा सके।
    कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों तथा आवश्यक सेवाओं को निर्बाध रूप से ईंधन एवं रसोई गैस उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित

    बैठक में वरिष्ठ पूर्ति निरीक्षक सुनील देवली, संजीव कुमार गोयल, अनिरुद्ध गोयल, अशोक जैन, सुनील अग्रवाल, नवनीत नागलिया, दिवंबर प्रसाद लखेड़ा, मुकुल दलाल, कमल सिंह सहित क्षेत्र के अनेक प्रमुख व्यवसायी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • लावारिस मरीजों के उपचार के बाद रेन बसेरा में रखने के डीएम ने दिए निर्देश

    लावारिस मरीजों के उपचार के बाद रेन बसेरा में रखने के डीएम ने दिए निर्देश

     

    *देहरादून,
    जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, चिकित्सा प्रबंधन समिति डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) देहरादून की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अस्पताल के वित्तीय प्रबंधन, चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, आधारभूत संरचना के विकास तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
    बैठक में जिलाधिकारी ने अस्पताल की आय एवं व्यय की गहन समीक्षा करते हुए जिला चिकित्सालय के घटते राजस्व पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राजस्व में कमी के कारणों की विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल के विगत वर्षों के बजट का वर्षवार विश्लेषण, विभिन्न मदों में हुए व्यय का औचित्य तथा वित्तीय प्रबंधन की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा, ताकि संसाधनों का अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
    जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में आने वाले लावारिस एवं निराश्रित मरीजों का उपचार पूर्ण होने के उपरांत उन्हें अस्पताल ऐसे ही न छोड़ा जाए, बल्कि ऐसे मरीजों को सामाजिक सुरक्षा एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए रेनबसेरा अथवा अन्य उपयुक्त आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को इस संबंध में समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए।
    बैठक में जिला चिकित्सालय की विभिन्न आवश्यकताओं से जुड़े कुल 38 प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें अस्पताल की पुरानी सीवर एवं ड्रेनेज लाइन की मरम्मत, ऑक्सीजन पोर्ट एवं एयर प्वाइंट का प्रतिस्थापन, आईसीयू एवं रिकवरी वार्ड में ऑक्सीजन प्रणाली का उन्नयन, मरीजों के लिए गाउन, गद्दे एवं अन्य आवश्यक सामग्री की खरीद, सिरिंज पम्प, मोटराइज्ड बेड, ईसीजी मशीन, पैथोलॉजी उपकरण, गायनी एवं ऑर्थाेपेडिक विभाग के चिकित्सा उपकरण, सीसीटीवी कैमरे, एयर कंडीशनर, कंप्यूटर एवं प्रिंटर सहित विभिन्न चिकित्सा उपकरणों की खरीद के प्रस्ताव शामिल रहे। इसके अतिरिक्त अस्पताल परिसर के सौंदर्यीकरण, भवनों की मरम्मत, शौचालयों के नवीनीकरण, स्वच्छता व्यवस्था, विद्युत एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा आवश्यक औषधियों एवं सर्जिकल सामग्री की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।
    जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रस्ताव का क्रियान्वयन निर्धारित वित्तीय नियमों एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया जाए तथा प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय आमजन से सीधे जुड़ा संस्थान है, इसलिए यहां उपलब्ध कराई जाने वाली प्रत्येक सुविधा का उद्देश्य मरीजों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए।
    बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज शर्मा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक जिला चिकित्सालय डॉ0 यतेन्द्र सिंह, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भण्डारी, डॉ0 जेपी नौटियाल, मा0 सांसद प्रतिनिधि विनोद खण्डूरी, मा0 मेयर प्रतिनिधि आशीष नागरथ, समाज सेवक राकेश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

     

  • जिला चिकित्सालय देहरादून में आयोजित प्रथम दिन भी विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।

    जिला चिकित्सालय देहरादून में आयोजित प्रथम दिन भी विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।

    देहरादून।

    जिला चिकित्सालय देहरादून में आयोजित प्रथम दिन भी विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। क्षेत्र के लोगों ने शिविर का लाभ उठाया तथा विभिन्न विशेषज्ञों से परामर्श एवं आवश्यक जांच कराई।
    प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के निर्देशन एवं शिविर प्रभारी के समन्वय में आयोजित शिविर के प्रथम दिन कुल 624 लाभार्थियों (340 पुरुष एवं 284 महिलाएं) ने स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कीं।
    शिविर के दौरान 126 व्यक्तियों की उच्च रक्तचाप के साथ-साथ मधुमेह की जांच भी की गई। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत 2 गर्भवती महिलाओं की ए0एन0सी0 की जांच की गई। साथ ही 23 किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के संबंध में तथा 21 लाभार्थियों को पोषण एवं समुचित देखभाल के विषय में परामर्श प्रदान किया गया।
    राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 0 व्यक्तियों की टीबी स्क्रीनिंग की गई तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संबंध में 5 लाभार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एवं परामर्श प्रदान किया गया।
    प्रयोगशाला में हीमोग्लोबिन, एल0एफ0टी0, के0एफ0टी0 एवं लिपिड प्रोफाइल सहित कुल 173 व्यक्तियों की जांचें की गईं। इसके अतिरिक्त 68 एक्स-रे एवं 45 अल्ट्रासाउंड जांचें भी संपन्न कराई गईं।
    प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने शिविर में सेवाएं प्रदान करने वाले सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग अधिकारियों, पैरामेडिकल एवं सहयोगी कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से क्षेत्र की जनता को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है।

  • सीडीओ अभिनव शाह ने चिकित्सा प्रबंधन समितियों की बैठक में दिए निर्देश, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार व पोषण पर जोर

    सीडीओ अभिनव शाह ने चिकित्सा प्रबंधन समितियों की बैठक में दिए निर्देश, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार व पोषण पर जोर

     

    *देहरादून
    मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन सभागार में उप जिला चिकित्सालय मसूरी, ऋषिकेश, विकासनगर, प्रेमनगर तथा राजकीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, सेलाकुई की चिकित्सा प्रबंधन समितियों की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही गत वित्तीय वर्ष के आय-व्यय विवरण तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट का अनुमोदन भी किया गया।

    मुख्य विकास अधिकारी ने प्रबंधन समिति को निर्देश दिए कि अग्निशमन विभाग के समन्वय से जिले के सभी अस्पतालों में अनिवार्य रूप से फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। उन्होंने उप जिला चिकित्सालय प्रेमनगर में एंबुलेंस की आवश्यकता को देखते हुए जिला योजना के अंतर्गत तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से वार्ड बॉय, कम्प्यूटर सहायक एवं अन्य आवश्यक कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।

    मुख्य विकास अधिकारी ने अस्पतालों में स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) के प्रभावी संचालन, पात्र मरीजों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ उपलब्ध कराने तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। इस दौरान अस्पतालों में यूजर चार्ज, चिकित्सा कार्मिकों की उपलब्धता, उपकरणों एवं अन्य व्यवस्थाओं की भी विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी अस्पतालों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जहां स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं एसएनसीयू जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहां प्रसव संबंधी मामलों में अनावश्यक रेफरल की प्रवृत्ति स्वीकार्य नहीं होगी। अस्पताल प्रशासन को इस दिशा में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने समिति के सदस्यों से समय-समय पर अस्पतालों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का आकलन करने तथा चिकित्सा सुविधाओं में सुधार के लिए व्यावहारिक सुझाव देने का भी आह्वान किया, ताकि मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

    बैठक में विभिन्न अस्पतालों द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए बजट एवं विकास प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। उप जिला चिकित्सालय प्रेमनगर ने 1.40 करोड़ रुपये के बजट सहित एंबुलेंस क्रय, वातानुकूलन उपकरण, वार्ड बॉय एवं कम्प्यूटर सहायक की नियुक्ति तथा भवन कर भुगतान सहित आठ प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

    उप जिला चिकित्सालय विकासनगर ने 1.76 करोड़ रुपये के बजट के साथ सुरक्षा गार्डों की तैनाती, फायर सेफ्टी सिस्टम की स्थापना, चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के सेवा विस्तार, लंबित देनदारियों के भुगतान तथा प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की आवश्यकता सहित सात प्रस्ताव अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किए।

    उप जिला चिकित्सालय मसूरी की ओर से अवगत कराया गया कि राजकीय सेंट मैरीज चिकित्सालय कुलड़ी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मसूरी का विलय कर नव निर्मित एसडीएच भवन से संचालन किया जा रहा है। समिति के समक्ष 1.78 करोड़ रुपये के प्रस्ताव रखे गए, जिनमें बैंक खातों का हस्तांतरण, लेबर रूम में एंटी-स्टेटिक एवं नॉन-स्लिप मैट, दवा आपूर्ति के लंबित बिलों का भुगतान, आईसीयू के लिए जनरेटर, ऑक्सीजन प्लांट की सर्विसिंग तथा अग्निशमन प्रणाली की स्थापना शामिल रही।

    एसपीएस चिकित्सालय ऋषिकेश ने 5.52 करोड़ रुपये के बजट के साथ मेडिकल गैस पाइपलाइन प्रणाली (एमजीपीएस) एवं वातानुकूलन प्रणाली के अनुरक्षण, फर्नीचर, रंग-रोगन, साइनेज, सीटी स्कैन ऑपरेटर, ब्लड बैंक काउंसलर की तैनाती, अग्निशमन उपकरण, जनरेटर, रोगी वाहन, ऑक्सीजन सिलेंडर, लिफ्ट अनुरक्षण तथा बायोमेडिकल वेस्ट एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित लाइसेंसों के नवीनीकरण के प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

    राजकीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, सेलाकुई ने भी संस्थान में उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 5.55 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया।

    बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप राणा, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी, सीएमएस डॉ. परामर्श जोशी, विभिन्न चिकित्सालयों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, सांसद एवं विधायक प्रतिनिधि विनोद खंडूरी तथा चिकित्सा प्रबंधन समितियों के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री द्वारा प्रदत्त निर्देशों के क्रम में महानिदेशक सूचना की अध्यक्षता में गठित समितियों द्वारा पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान के लिए लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय

    मुख्यमंत्री द्वारा प्रदत्त निर्देशों के क्रम में महानिदेशक सूचना की अध्यक्षता में गठित समितियों द्वारा पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान के लिए लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय

    देहरादून।

    *पत्रकार कल्याण कोष से नौ दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को ₹ 05-05 लाख की सहायता स्वीकृत किये जाने तथा तीन वरिष्ठ पत्रकारों को पत्रकार सम्मान पेंशन दिए जाने की हुई संस्तुति*

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में सूचना निदेशालय में पत्रकार कल्याण कोष (कॉरपस फंड) एवं मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में पस्तुत प्रकरणों पर विचार करते हुए समिति द्वारा पत्रकार कल्याण कोष से नौ दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को ₹ 05-05 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत करने की संस्तुति की गई है।

    बैठक में समिति द्वारा मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के अन्तर्गत तीन वरिष्ठ पत्रकारों को ₹ 8 हजार प्रतिमाह की दर से पेंशन दिए जाने की संस्तुति भी की गई है। इस अवसर पर महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के दृष्टिगत पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान के प्रकरणों पर सूचना विभाग के द्वारा तत्परता से कार्यवाही की जा रही है। संकटग्रस्त पत्रकारों एवं उनके आश्रितों को यथासंभव मदद प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके लिए नियमित रूप से समिति की बैठकों का आयोजन कर प्राप्त मामलों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जा रहा है।

    बैठक में अपर निदेशक  आशीष कुमार त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक  के.एस.चौहान, वरिष्ठ वित्त अधिकारी श्रीमती शशि सिंह एवं समितियों के सदस्यगण  लक्ष्मण सिंह नेगी,  अमित शर्मा एवं श्रीमती शशि शर्मा उपस्थित रहे।

  • उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं माननीय जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून  हरीश कुमार गोयल जी के निर्देशों के अनुपालन

    उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं माननीय जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून हरीश कुमार गोयल जी के निर्देशों के अनुपालन

    देहरादून

    उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं माननीय जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून  हरीश कुमार गोयल जी के निर्देशों के अनुपालन में तथा जनहित एवं आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आज दिनांक 20 जुलाई, 2026 को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुंगराकोटी द्वारा “safe drugs: safe life” campaign के तहत ड्रग विभाग के साथ सहसपुर, बड़ा-रामपुर, छोटा-रामपुर, झाझरा, सुद्धोवाला, देहरादून के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें श्री मानेन्द्र सिंह राणा, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, श्री विनोद जगूड़ी, औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, जनपद देहरादून शामिल रहे।

    निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर्स में औषधियों के रखरखाव, अभिलेखों के संधारण, औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी नियमों तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों सहित स्टोर्स के लाइसेंस, फार्मासिस्ट रिकॉर्ड, एक्सपायरी दवाइयाँ तथा उनके निपटारे की प्रक्रिया, सीसीटीवी संचालन आदि की विस्तृत जाँच की गयी तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये गये।

    • बालाजी मेडिकोज, सभावाला, सहसपुर, देहरादून — स्टोर में एक पुरुष कर्मचारी उपस्थित पाया गया। फार्मासिस्ट और स्टोर का मालिक अनुपस्थित पाये गये। कर्मचारी द्वारा फोन करने पर स्टोर फार्मासिस्ट को बुलाया गया। फ्रिज अत्यंत पुराना व खराब अवस्था में पाया गया, जिसमें मौजूद अधिकांश दवाइयाँ एक्सपायरी मिलीं, जिस पर कार्यवाही करते हुए निरीक्षण टीम द्वारा सभी दवाइयों को जब्त किया गया। रैक में अत्यधिक गंदगी और धूल पायी गयी। उक्त स्टोर में अत्यधिक अनियमितताओं के मद्देनजर निरीक्षण टीम द्वारा स्टोर को तत्काल बंद कराया गया तथा स्टोर में दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगायी गयी तथा कार्यालय खाद्य एवं औषधि प्रशासन में स्पष्टीकरण का जवाब देने के निर्देश दिये गये। साथ ही कड़ी चेतावनी दी गयी कि यदि स्टोर चालक द्वारा उक्त अनियमितताओं का संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया, तो स्टोर का लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी। • पर्व मेडिकल स्टोर, सभावाला, सहसपुर, देहरादून — स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट और स्टोर का मालिक उपस्थित मिले। एक्सपायरी दवाइयों का रख-रखाव अव्यवस्थित पाया गया। निरीक्षण टीम को बताया गया कि तीन माह की एक्सपायरी दवाइयाँ ही रखी हुई हैं, किन्तु निरीक्षण पर रैक से भी छः माह पूर्व की एक्सपायरी दवाइयाँ प्राप्त हुईं। एक्सपायरी दवाइयों के निपटारे की प्रक्रिया के सम्बन्ध में पूछताछ की गयी, किन्तु किसी के भी द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। मेडिकल स्टोर में कुल 02 सीसीटीवी कैमरे हैं तथा फ्रिज चालू अवस्था में मिला। नारकोटिक्स बिल नहीं दिखाये गये, विशेषकर PAN-D दवाई के क्रय-विक्रय का बिल भी निरीक्षण टीम को मौके पर नहीं दिखाया गया। उक्त स्टोर में अत्यधिक अनियमितताओं के मद्देनजर, निरीक्षण टीम द्वारा स्टोर को तत्काल बंद कराया गया तथा स्टोर में दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगायी गयी।

    • ग्लोबल फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर्स, बड़ारामपुर, सहसपुर, देहरादून — स्टोर द्वारा होलसेल में दवाइयों का विक्रय किया जाता है। फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले किन्तु अन्य फार्मासिस्ट उपस्थित पाये गये। छः सीसीटीवी कैमरे मिले, स्टोर साफ-सुथरा पाया गया तथा निरीक्षण में एक्सपायरी दवाइयाँ नहीं मिली। फ्रिज में तापमान डिस्प्ले पाया गया। एक्सपायरी दवाइयों का रख-रखाव व्यवस्थित मिला। बताया गया कि नारकोटिक्स दवाइयों का विक्रय उनके द्वारा नहीं किया जाता। निरीक्षण टीम द्वारा दवाइयों का रख-रखाव व्यवस्थित रखने और सही दवाइयों के क्रय-विक्रय के साथ अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

    • जनता मेडिकल स्टोर, छोटारामपुर, सहसपुर, देहरादून — स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट और स्टोर का मालिक उपस्थित मिले। एक्सपायरी दवाइयों का रख-रखाव अव्यवस्थित पाया गया। रैक पर अत्यधिक गंदगी पायी गयी। एक्सपायरी दवाइयों के निपटारे की प्रक्रिया के सम्बन्ध में पूछताछ की गयी, किन्तु संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। मेडिकल स्टोर में 01 सीसीटीवी कैमरा दिखाया गया जो कि चालू अवस्था में नहीं पाया गया तथा फ्रिज खराब अवस्था में मिला, जिसमें विभिन्न इंजेक्शन डीप फ्रीजर में रखने के कारण खराब अवस्था में पाये गये, जिनको कि मौके पर नष्ट करके निपटारा किया गया। उक्त स्टोर में अत्यधिक अनियमितताओं के मद्देनजर, निरीक्षण टीम द्वारा स्टोर को तत्काल बंद कराया गया तथा स्टोर में दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगायी गयी।

    • शंभु मेडिकल स्टोर, झाझरा, सहसपुर, देहरादून — स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट और स्टोर का मालिक उपस्थित मिले। स्टोर मालिक द्वारा बताया गया कि उसका यह मेडिकल स्टोर अभी 1–2 सप्ताह पूर्व ही खोला गया है। मेडिकल स्टोर में सीसीटीवी कैमरा नहीं पाया गया तथा एक्सपायरी दवाइयों के रख-रखाव की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके बारे में निरीक्षण टीम द्वारा उचित दिशा-निर्देश दिये गये तथा स्टोर की सारी व्यवस्थाएं पूर्ण होने पर ही स्टोर को पुनः खोलने का आदेश दिया गया। निरीक्षण टीम द्वारा दवाइयों का रख-रखाव व्यवस्थित रखने, फ्रिज में तापमान डिस्प्ले रखने, सही दवाइयों के क्रय-विक्रय के साथ अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

    • हेल्थ केयर फार्मेसी, सुद्धोवाला, सहसपुर, देहरादून — निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट तथा स्टोर के मालिक अनुपस्थित मिले। स्टोर पर जो व्यक्ति मिला उसे फार्मासिस्ट तथा स्टोर के मालिक के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। स्टोर में सीसीटीवी कैमरा नहीं पाया गया तथा फ्रिज बंद अवस्था में पाया गया। अत्यधिक अनियमितताओं के मद्देनजर, निरीक्षण टीम द्वारा स्टोर को तत्काल बंद कराया गया तथा स्टोर में दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगायी गयी तथा कार्यालय खाद्य एवं औषधि प्रशासन में स्पष्टीकरण का जवाब देने के निर्देश दिये गये। साथ ही कड़ी चेतावनी दी गयी कि यदि स्टोर चालक द्वारा उक्त अनियमितताओं का संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया, तो स्टोर का लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी। _*आज के निरीक्षण में यह भी पाया गया कि सभावाला, छोटा-रामपुर, बड़ा-रामपुर, सुद्धोवाला, सहसपुर क्षेत्र के कई अन्य मेडिकल स्टोरों ने निरीक्षण की जानकारी होते ही अपने-अपने मेडिकल स्टोर बंद कर दिये, जिससे उनकी कार्यप्रणाली एवं विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न उत्पन्न होता है।_*
    सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुँगराकोटी ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य एवं जीवन से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। औषधियों के विक्रय से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों को विधि के अनुरूप कार्य करना अनिवार्य है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून आमजन से भी अपील करता है कि यदि किसी मेडिकल स्टोर पर बिना चिकित्सकीय पर्चे के प्रतिबंधित औषधियों का विक्रय, एक्सपायरी दवाइयों का उपयोग अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी प्राप्त हो, तो उसकी सूचना संबंधित विभाग अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून को दें। जनसहभागिता से ही एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशा-मुक्त समाज का निर्माण संभव है।

  • कांवड़ यात्रा को लेकर स्वास्थ्य विभाग की व्यापक तैयारियां, यात्रा मार्ग पर स्थापित होंगे एमआरपी

    कांवड़ यात्रा को लेकर स्वास्थ्य विभाग की व्यापक तैयारियां, यात्रा मार्ग पर स्थापित होंगे एमआरपी

     

    *देहरादून
    आगामी 30 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारु एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियों को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप यात्रा मार्ग पर व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में कांवड़ियों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थलों एवं चिन्हित चेक पोस्टों पर विशेष स्वास्थ्य निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। इन सभी स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी और श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं पर पैनी नजर रखेंगी।

    30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाली कावड़ यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक मेडिकल रिलीफ पोस्ट पर डॉक्टर, फिजिशियन, फार्मासिस्ट तथा वार्ड बॉय व स्टाफ नर्स की तैनाती रहेगी, जिससे किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल उपचार एवं प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके।

    इसके अलावा यात्रा मार्ग पर आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार सामग्री एवं आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सा कर्मियों को पूरी यात्रा अवधि के दौरान मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना ही हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा चिन्हित पॉइंट श्यामपुर चौकी और आईडीपीएल मे तैनात स्वास्थ्य विभाग की (एमआरपी) मेडिकल रिलीज पोस्ट 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगी। जहां रोस्टर के अनुसार शिफ्ट वाइस डॉक्टरों की तैनाती रहेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि हमारे द्वारा बस स्टैंड और रेलवे स्टैंड में भी एंबुलेंस की सुविधा श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध रहेगी, जिससे यात्रा सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

  • विधायक विनोद चमोली ने किया बहुउद्देशीय शिविर का शुभारम्भ; ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ पहल के तहत सैकड़ों ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ

    विधायक विनोद चमोली ने किया बहुउद्देशीय शिविर का शुभारम्भ; ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ पहल के तहत सैकड़ों ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ

     

    देहरादून। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत आज दिनांक 13 जुलाई 2026 को धर्मपुर विधानसभा के अंतर्गत जेपी प्लाजा, कारगी में एक विशाल बहुउद्देशीय शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस जनकल्याणकारी शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को सभी मूलभूत सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना तथा केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक योजनाओं की व्यापक जानकारी व सीधा लाभ जनता तक पहुंचाना रहा। शिविर का विधिवत शुभारम्भ मुख्य अतिथि माननीय विधायक धर्मपुर श्री विनोद चमोली जी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के सभी सम्मानित मंडल अध्यक्ष, क्षेत्र के पार्षदगण एवं महिला मोर्चा की वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    आम जनता की सहूलियत के लिए आयोजित इस बहुउद्देशीय शिविर में लगभग 23 सरकारी विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए, जिनके माध्यम से जनमानस को विभागीय योजनाओं से सीधे लाभान्वित किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय भागीदारी रही, जिसके अंतर्गत विभाग द्वारा विशेष स्टॉल लगाकर स्वास्थ्य योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण व विभिन्न प्रकार की जांचें की गईं, साथ ही क्षय रोग (टीबी) निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत मरीजों के डिजिटल एक्स-रे एवं अन्य आवश्यक लैब जांचें निःशुल्क सुनिश्चित की गईं।

    शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे स्थानीय निवासियों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया, जिसके अंतर्गत कुल 173 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार व एनसीडी (NCD) स्क्रीनिंग की गई। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, लाभ उठाने वाले कुल मरीजों में 76 पुरुष और 97 महिलाएं शामिल रहीं। डिजिटल हेल्थ मिशन को बढ़ावा देते हुए शिविर में मौके पर ही 38 नागरिकों की ‘आभा आईडी’ (ABHA ID) तैयार की गई, जबकि विभिन्न बीमारियों के सटीक आकलन के लिए 25 मरीजों की आवश्यक रक्त जांचें (Blood Tests) भी सफलतापूर्वक संपन्न की गईं।

    क्षेत्रीय विधायक श्री विनोद चमोली जी ने शिविर की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस मुहिम से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ सीधे पहुंच रहा है। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता ने भी स्वास्थ्य विभाग सहित सभी 23 विभागों की इस सराहनीय पहल का स्वागत किया।

    शिविर में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 प्रदीप राणा, सिटी अर्बन हेल्थ ऑफिसर राकेश बिष्ट एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कारगी के चिकित्सक, अन्य स्टाफ एवं आशा कार्यकत्रियां उपस्थित रही।