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  • विभाजन विभीषिका की स्मृतियों को जीवंत करेगी विशेष प्रदर्शनी, नगर निगम में गूंजेगा राष्ट्रप्रेम का स्वर

    विभाजन विभीषिका की स्मृतियों को जीवंत करेगी विशेष प्रदर्शनी, नगर निगम में गूंजेगा राष्ट्रप्रेम का स्वर

     

    *देहरादून
    भारत विभाजन की पीड़ा, विस्थापन और उससे जुड़ी स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर देहरादून में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 14 अगस्त को दून लाइब्रेरी एवं शोध केंद्र में विभाजन विभीषिका और उससे जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियों पर आधारित तीन दिवसीय विशेष फोटो एवं फिल्म प्रदर्शनी का शुभारंभ होगा। प्रदर्शनी 14, 15 एवं 16 अगस्त को प्रातः 10 बजे से शाम 7 बजे तक आमजन के अवलोकन के लिए खुली रहेगी।

    प्रदर्शनी के माध्यम से वर्ष 1947 में भारत विभाजन के दौरान विस्थापन, संघर्ष और पीड़ा झेलने वाले लाखों लोगों की स्मृतियों और इतिहास के उन मार्मिक अध्यायों को सामने लाया जाएगा, जिन्हें याद रखना आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। प्रदर्शनी आमजन को उस दौर की परिस्थितियों को समझने और विभाजन की मानवीय त्रासदी से रूबरू होने का अवसर प्रदान करेगी।

    वहीं, 14 अगस्त की शाम 6ः30 बजे जुगमन्दर हॉल, नगर निगम देहरादून में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सरोकारों पर आधारित भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कवि सम्मेलन के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया जाएगा। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रमों में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी प्रतिभाग करगें।

    जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 के विभाजन की विभीषिका झेलने वाले लोगों को कार्यक्रम में सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाए, ताकि उनकी स्मृतियों और अनुभवों को समाज के सामने लाया जा सके।

    जिलाधिकारी ने कहा कि विभाजन की त्रासदी केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन से जुड़ी ऐसी पीड़ा है, जिसे स्मरण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नई पीढ़ी को इस इतिहास से परिचित कराने के लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में वाद-विवाद, क्विज, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित कराने के निर्देश दिए। साथ ही शहर में स्थापित एलईडी स्क्रीन के माध्यम से विभाजन विभीषिका से संबंधित लघु फिल्मों का प्रसारण करने को भी कहा।

    जिलाधिकारी ने कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश चन्द्र तिवारी, एसडीएम रवीन्द्र ज्वांठा, डीडीओ सुनील कुमार, जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसपाल चौहान सहित संस्कृति, शिक्षा एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • तकनीकी शिक्षा मंत्री ने दो नये बीटेक पाठ्यक्रमों के संचालन को दी मंजूरी

    तकनीकी शिक्षा मंत्री ने दो नये बीटेक पाठ्यक्रमों के संचालन को दी मंजूरी

    देहरादून
    उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के बीटीकेआईटी परिसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग तथा रोबोटिक्स पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे ताकि छात्रों को अत्याधुनिक व वैश्विक तकनीक से जोड़ा जा सके। इन दोनों नये बीटेक पाठ्यक्रमों के संचालन को तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मंजूरी दे दी है। दोनों पाठ्यक्रम वर्तमान शैक्षणिक सत्र से स्व-वित्त पोषित माध्यम से चलाये जायेंगे।

    सूबे के तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। जिसको देखते हुये राज्य सरकार ने राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में स्नातक एवं परास्नातक स्तर पर आधुनिक पाठ्यक्रमों के संचालन का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया बिपिन त्रिपाठी कुमायूं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीटीकेआईटी), द्वाराहाट में दो नये बीटेक पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग (एआई एंड एमएल) तथा रोबोटिक्स शामिल है। डाॅ. रावत ने बताया कि दोनों पाठ्यक्रमों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्व-वित्त पोषित माध्यम से संचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई है। इसके साथ ही दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

    विभागीय मंत्री डाॅ. रावत ने बताया कि दोनों नये पाठ्यक्रमों के संचालन को बीटीकेआईटी द्वारा उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय की प्रशासकीय परिषद तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), नई दिल्ली से भी आवश्यक अनुमोदन ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य तकनीकी संस्थानों में भी स्नातक व परास्नातक स्तर पर शीघ्र ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, बॉयोटेक, सेमीकंडक्टर तथा फुल-स्टैक डेवलपमेंट जैसे लोकप्रिय पाठ्यक्रमों का संचालन शुरू किया जायेगा, ताकि नये तकनीकी पाठ्यक्रमों के संचालन से युवाओं को प्रदेश में ही अत्याधुनिक क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।

     

  • केयर इकॉनॉमी को सुदृढ़ बनाने पर देहरादून में पहली विशेष कार्यशाला

    केयर इकॉनॉमी को सुदृढ़ बनाने पर देहरादून में पहली विशेष कार्यशाला

     

    *देहरादून
    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार एवं समाज कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड के संयुक्त प्रयास से बुधवार को देहरादून में वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए पहली बार केयर इकॉनॉमी विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्रदेश में देखभाल सेवाओं को व्यवस्थित रूप से विकसित कर उन्हें अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ने तथा इसके माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर व्यापक मंथन किया गया।

    केयर इकॉनॉमी के अंतर्गत लोगों की देखभाल, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा दैनिक जीवन से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने वाली आर्थिक गतिविधियां एवं सेवाएं शामिल हैं। इनमें बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, बीमार एवं दिव्यांगजनों की देखभाल, स्वास्थ्य सेवाएं, घरेलू कार्य, बाल देखभाल सहित विभिन्न देखभाल संबंधी सेवाएं प्रमुख हैं।

    कार्यशाला में समाज कल्याण मंत्री खजान दास मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में परंपरागत रूप से वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों की देखभाल परिवार के सदस्य ही करते हैं, लेकिन बदलती सामाजिक परिस्थितियों में केयर इकॉनॉमी की आवश्यकता तेजी से बढ़ रही है। एकल परिवारों की बढ़ती संख्या तथा महिला एवं पुरुष दोनों के नौकरीपेशा होने से पेशेवर देखभाल सेवाओं की मांग बढ़ रही है। ऐसे में केयर इकॉनॉमी युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में युवाओं के पलायन के कारण पर्वतीय क्षेत्रों के अनेक गांवों में वरिष्ठ नागरिक अपेक्षाकृत अकेले रह जाते हैं। ऐसे में उनकी सामाजिक, भावनात्मक एवं दैनिक आवश्यकताओं की देखभाल के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। सरकार इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केयर इकॉनॉमी को मजबूत बनाने के लिए सरकार, गैर-सरकारी संगठनों, विशेषज्ञों और सिविल सोसाइटी को मिलकर कार्य करना होगा।

    कार्यशाला में बताया गया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की संख्या 10.38 करोड़ थी, जो कुल आबादी का लगभग 8.6 प्रतिशत थी। अनुमान है कि वर्ष 2050 तक प्रत्येक पांच में से एक व्यक्ति 60 वर्ष से अधिक आयु का होगा तथा वरिष्ठ नागरिकों की संख्या लगभग 35 करोड़ तक पहुंच सकती है। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ देखभाल सेवाओं की आवश्यकता भविष्य में और अधिक बढ़ने की संभावना है।

    कार्यशाला में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, ग्राम्य विकास एवं वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ विषय विशेषज्ञों, वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांगजन कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। लतिका रॉय फाउंडेशन एवं हैप्पी फैमिली हेल्थ केयर एंड रिसर्च एसोसिएशन सहित विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों की ओर से केयर इकॉनॉमी से संबंधित विषयों पर प्रस्तुतियां दी गईं।

    कार्यक्रम में सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, निदेशक समाज कल्याण संजय कुमार, अपर सचिव सुंदलाल सेमवाल, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, अपर सचिव मनमोहन मैनाली, संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल, मुख्य वित्त नियंत्रक पूजा नेगी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

     

  • एमआईटी-डब्ल्यूपीयू टीम ने यूरोपियन हाइपरलूप वीक 2026 में दुनिया के शीर्ष 10 में बनाई जगह, ‘इमर्जिंग इंजीनियरिंग टैलेंट’ पुरस्कार से सम्मानित

    एमआईटी-डब्ल्यूपीयू टीम ने यूरोपियन हाइपरलूप वीक 2026 में दुनिया के शीर्ष 10 में बनाई जगह, ‘इमर्जिंग इंजीनियरिंग टैलेंट’ पुरस्कार से सम्मानित

     

     

    देहरादून: एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (एमआईटी-डब्ल्यूपीयू) के आधिकारिक हाइपरलूप क्लब, टीम वेगापॉड हाइपरलूप ने नीदरलैंड के ग्रोनिंगन स्थित यूरोपियन हाइपरलूप सेंटर में आयोजित यूरोपियन हाइपरलूप वीक (ईएचडब्ल्यू) 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।

     

    दुनियाभर के अग्रणी इंजीनियरिंग संस्थानों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए टीम ने ‘इमर्जिंग इंजीनियरिंग टैलेंट’ पुरस्कार जीता, वैश्विक स्तर पर 7वां स्थान हासिल किया और इंजीनियरिंग डिज़ाइन श्रेणी में 6वां स्थान प्राप्त किया, जिससे उन्नत परिवहन अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एमआईटी-डब्ल्यूपीयू की बढ़ती उपस्थिति एक बार फिर स्पष्ट हुई है।

     

    यूरोपियन हाइपरलूप वीक हाइपरलूप तकनीक पर केंद्रित दुनिया की अग्रणी अंतरराष्ट्रीय छात्र इंजीनियरिंग प्रतियोगिताओं में से एक है, जिसमें यूरोप, एशिया, उत्तरी अमेरिका और मध्य पूर्व के विश्वविद्यालय दल भाग लेते हैं। प्रतिभागियों का मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय उद्योग विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के पैनल द्वारा कठोर इंजीनियरिंग डिज़ाइन समीक्षा, सब-सिस्टम सत्यापन, तकनीकी प्रस्तुतियों, सुरक्षा आकलन और प्रोटोटाइप प्रदर्शन के माध्यम से किया जाता है।

     

    टीम की सफलता के पीछे हाइपरलूप प्रणालियों के प्रदर्शन, किफायती दर और स्थिरता को बेहतर बनाने के लिए विकसित की गई नवोन्मेषी इंजीनियरिंग समाधानों की एक शृंखला रही। इनमें ऊर्जा-कुशल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक थ्रस्ट को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन की गई फ्लैट लीनियर मोटर प्रोपल्शन प्रणाली, तथा निर्माण और रखरखाव को सरल बनाते हुए संरचनात्मक दक्षता बढ़ाने वाला हल्के वज़न का, कम लागत वाला मॉड्यूलर चेसिस शामिल हैं। अपने शोध की मौलिकता को दर्शाते हुए, टीम वेगापॉड ने चार भारतीय पेटेंट प्रकाशित करने और जर्मनी में एक पेटेंट प्राप्त करने के साथ एक मज़बूत बौद्धिक संपदा पोर्टफोलियो भी तैयार किया है।

     

    इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल वी. कराड ने कहा, “यूरोपियन हाइपरलूप वीक 2026 में टीम वेगापॉड की सफलता अनुभवात्मक शिक्षा, अंतर-विषयक अनुसंधान और नवाचार-आधारित शिक्षा की शक्ति को दर्शाती है। वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करना और उत्कृष्टता हासिल करना यह साबित करता है कि हमारे छात्रों में भविष्य की गतिशीलता संबंधी चुनौतियों का समाधान करने वाली तकनीकें विकसित करने की क्षमता है। यह उपलब्धि तकनीकी प्रगति, सतत विकास और भारत के बढ़ते नवाचार पारिस्थिती की तंत्र में सार्थक योगदान देने में सक्षम इंजीनियरों को तैयार करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मज़बूत करती है।”

     

    इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए, 11 छात्र इंजीनियरों और दो फैकल्टी सलाहकारों के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की इंजीनियरिंग क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए दुनियाभर के शोधकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य नवाचारकर्ताओं के साथ सहयोग किया। यह उपलब्धि वर्षों के समर्पित अनुसंधान, डिज़ाइन, प्रोटोटाइपिंग, परीक्षण और अंतर-विषयक टीमवर्क का परिणाम है।

     

    इस उपलब्धि के साथ, टीम वेगापॉड ने उन्नत गतिशीलता अनुसंधान में एमआईटी-डब्ल्यूपीयू की उपस्थिति को और मज़बूत किया है, साथ ही वैश्विक मंच पर भारतीय इंजीनियरिंग छात्रों की बढ़ती क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया है। यह मान्यता अनुसंधान-आधारित शिक्षा, नवाचार और उद्योग-प्रासंगिक इंजीनियरिंग शिक्षा पर विश्वविद्यालय के निरंतर फोकस को दर्शाती है।

     

    अपनी इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और पेटेंट प्राप्त नवाचारों के लिए वैश्विक मान्यता अर्जित करते हुए, टीम ने अगली पीढ़ी की परिवहन तकनीक के तेज़ी से विकसित हो रहे क्षेत्र में भारत की उपस्थिति को मज़बूत किया है और युवा नवाचारकर्ताओं की एक नई पीढ़ी को परिवर्तनकारी इंजीनियरिंग समाधान अपनाने के लिए प्रेरित किया है।

     

  • *मुख्यमंत्री से विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने की भेंट

    *मुख्यमंत्री से विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने की भेंट

    देहरादून।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने भेंट की। प्रतिनिधिमंडलों ने अपने-अपने विभागों एवं संवर्गों से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिनिधिमंडलों की समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता से सुनते हुए शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को नियमानुसार परीक्षण कर यथोचित कार्यवाही एवं समस्याओं के उचित समाधान के निर्देश दिए।

    शिक्षा अधिकारी प्रशासनिक संवर्ग एसोसिएशन, उत्तराखंड के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने श्री गोविंद राम जायसवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से भेंट की।प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक, अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक एवं खंड शिक्षा अधिकारियों के रिक्त पदों पर विभागीय पदोन्नति किए जाने तथा कार्मिकों की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के उपरांत स्वतः स्थायीकरण की व्यवस्था सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान का अनुरोध किया।

    उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, जल संस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड जल संस्थान के राजकीयकरण की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। वहीं, उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक कार्मिकों के रिक्त पदों को भरे जाने, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में गैर-शिक्षण कार्मिकों के पदों के पुनर्गठन तथा गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों को राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों के समान वेतनमान प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।

    उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 25 अक्टूबर 2005 से पूर्व विज्ञापित पदों पर नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना में सम्मिलित किए जाने तथा वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा में शिथिलता प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।

    इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संगठन, उत्तराखंड, उत्तराखंड एएनएम संवर्ग संगठन, लैब टेक्निशियन संगठन, राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ उत्तराखंड, माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ उत्तराखंड, अंशकालिक शिक्षक संघ तथा उत्तराखंड राज्य आबकारी निरीक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडलों ने भी मुख्यमंत्री से भेंट कर अपने-अपने संवर्गों से संबंधित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से अवगत कराया।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु को निर्देश दिए कि विभिन्न संगठनों द्वारा रखी गई मांगों एवं समस्याओं का संबंधित विभागों के माध्यम से नियमानुसार परीक्षण कराते हुए उचित समाधान की दिशा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

    इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव  शैलेश बगोली, श्री दिलीप जावलकर, आयुक्त गढ़वाल श्री आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, अपर सचिव श्री जे.सी. काण्डपाल सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • तमकनाला आपदा पर CM धामी की सीधी नजर

    तमकनाला आपदा पर CM धामी की सीधी नजर

     

     

    देहरादून। चमोली जनपद के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में बेली ब्रिज बहने की घटना के बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी पूरे घटनाक्रम की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मंगलवार को भी मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली एवं गढ़वाल मंडल आयुक्त से स्थिति की जानकारी लेते हुए राहत-बचाव, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और कनेक्टिविटी बहाली को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों एवं अन्य उपलब्ध माध्यमों से ग्रामीणों तक जरूरी सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर आवाजाही को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर तत्काल कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति एवं नुकसान का स्वयं आकलन करने को कहा, ताकि राहत और पुनर्व्यवस्था से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

    बदलते मौसम और बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निचले क्षेत्रों तथा नदी-नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पूरी तैयारी रखी जाए।

    राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से भी चमोली सहित प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर 24×7 नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जा सके।

    सोमवार को चमोली जनपद के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में अचानक अत्यधिक जलप्रवाह बढ़ने के कारण 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज बह गया था। तेज बहाव की चपेट में एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के बहने की सूचना भी प्राप्त हुई थी।

    घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और राहत-बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों की टीमें भी मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं।

    संकट के बीच सरकार का फोकस—सुरक्षा, राहत और कनेक्टिविटी

    तमकनाला की घटना के बाद सरकार की प्राथमिकता केवल राहत एवं बचाव कार्यों तक सीमित नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति, वैकल्पिक कनेक्टिविटी और आवाजाही की शीघ्र बहाली पर भी समान रूप से काम किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री धामी की लगातार मॉनिटरिंग और अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर त्वरित निर्णय लेने के निर्देश राज्य सरकार की प्रो-एक्टिव आपदा प्रबंधन नीति को दर्शाते हैं। प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन समय पर सतर्कता, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई से उनके प्रभाव को कम किया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि कठिन परिस्थितियों में प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • भारतीय कारोबारों के लिए स्मार्ट कॉमर्स और पेमेंट्स को नई गति देने हेतु NTT DATA पेमेंट सर्विसेज़ ने ADAPTIS की शुरुआत

    भारतीय कारोबारों के लिए स्मार्ट कॉमर्स और पेमेंट्स को नई गति देने हेतु NTT DATA पेमेंट सर्विसेज़ ने ADAPTIS की शुरुआत

     

     

    देहरादून-  भारत में डिजिटल कॉमर्स का विस्तार तेजी से हो रहा है, ऐसे में कारोबारी और कंपनियां अब ऐसे एकीकृत समाधानों की तलाश कर रही हैं, जिनके जरिए उन्हें पेमेंट, कॉमर्स और बिजनेस संचालन से जुड़ी सभी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल सकें। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए NTT DATA पेमेंट सर्विसेज़ इंडिया ने आज पेमेंट और कॉमर्स समाधान के लिए अपने नए एकीकृत सर्विस ब्रांड ADAPTIS की शुरुआत की।

    इस लॉन्च के साथ NTT DATA पेमेंट सर्विसेज़ इंडिया ने भुगतान स्वीकार करने की सेवाओं, व्यापारियों के लिए समाधान, वैल्यू-एडेड सर्विसेज़ और कॉमर्स से जुड़ी अपनी सभी सुविधाओं को एक ही ब्रांड के तहत उपलब्ध करा दिया है।

    ADAPTIS को स्थानीय दुकानदारों, तेजी से बढ़ रहे एमएसएमई (MSMEs) और बड़े उद्यमों सहित हर तरह के कारोबार की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह प्लेटफॉर्म व्यापारियों को पेमेंट स्वीकार करने, अपने कारोबार का संचालन आसान बनाने, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों पर ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने और बिजनेस से जुड़ी गतिविधियों पूरी को एक ही एकीकृत प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित करने में मदद करता है।

    लॉन्च के अवसर पर, NTT DATA पेमेंट सर्विसेज़ इंडिया के पूर्णकालिक निदेशक एवं CEO, श्री ताकेओ उएनो ने कहा:”भारत हमारी क्षेत्रीय विकास रणनीति का एक अहम बाजार है, जो डिजिटल तकनीक को अपनाने और व्यापारियों की बदलती ज़रूरतों से आगे बढ़ रहा है। ADAPTIS के माध्यम से हम अपनी वैश्विक विशेषज्ञता और भारतीय बाजार की गहरी समझ को एक साथ जोड़ते हुए, हर तरह के व्यवसाय के लिए सुरक्षित, विस्तार योग्य और ग्राहक-केंद्रित कॉमर्स समाधान उपलब्ध करा रहे हैं।”

    यह लॉन्च व्यापारियों तक अपनी पहुंच का विस्तार करने, अपने साझेदारों के साथ संबंधों को और मजबूत बनाने तथा भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र के निरंतर विकास को गति देने की हमारी लंबे समय तक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

    श्री शिनिचिरो निशिकावा, प्रमुख, ग्लोबल पेमेंट्स स्ट्रैटेजी एंड ट्रांसफॉर्मेशन सेक्शन, NTT DATA जापान ने कहा: “भारत में ADAPTIS का लॉन्च विभिन्न देशों में एकीकृत पेमेंट और कॉमर्स प्लेटफॉर्म विकसित करने के हमारे विज़न की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अपनी सभी क्षमताओं को एक ही ब्रांड के तहत लाकर हमारा उद्देश्य व्यापारियों को एक जैसा, उच्च गुणवत्ता वाला अनुभव

    प्रदान करना है, साथ ही प्रत्येक स्थानीय बाजार की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार समाधान उपलब्ध कराने का लचीलापन भी बनाए रखना है।”

     

    NTT DATA पेमेंट सर्विसेज इंडिया के मुख्य वित्तीय अधिकारी श्री राहुल जैन ने कहा: “ADAPTIS हमारे कारोबार को लंबी अवधि के सतत विकास की दिशा में मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अपनी सभी क्षमताओं को एकीकृत ब्रांड के तहत लाकर हम अपने साझेदारों को अधिक मूल्य प्रदान करने के साथ-साथ भारत भर के व्यापारियों की बदलती जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करने की स्थिति में हैं।”

    भारत में ADAPTIS स्थानीय बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चार प्रमुख सेवा श्रेणियों के तहत अपनी सेवाएं उपलब्ध कराएगा:

    ADAPTIS इन-स्टोर: भौतिक (ऑफलाइन) रिटेल स्टोर्स के लिए आसान भुगतान समाधान

     

    ADAPTIS ई-कॉमर्स: ऑनलाइन कारोबार के लिए सुरक्षित और विस्तार योग्य पेमेंट समाधान

    ADAPTIS एंटरप्राइस: बड़े उद्यमों के लिए एंटरप्राइज स्तर का पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यावसायिक समाधान

    ADAPTIS VAS (वैल्यू-एडेड सर्विसेज़): वैल्यू-एडेड सर्विसेज़, जो कारोबार की कार्यक्षमता बढ़ाने और ग्राहकों के साथ बेहतर जुड़ाव सुनिश्चित करती हैं

     

    भारत के भुगतान क्षेत्र में लगभग दो दशकों के अनुभव के साथ, NTT DATA पेमेंट सर्विसेज़ इंडिया वर्तमान में लाखों व्यापारियों को अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है और हर वर्ष 10 करोड़ (100 मिलियन) से अधिक लेनदेन प्रोसेस करती है। यह सब सुरक्षित, PCI-DSS मानकों के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर और अत्याधुनिक तकनीक के सहयोग से हो रहा है।

    अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें – विकास कुमार – 8057409636

  • दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान को सितंबर में लगेगा संयुक्त मोबाइल कोर्ट

    दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान को सितंबर में लगेगा संयुक्त मोबाइल कोर्ट

     

    *देहरादून
    दिव्यांगजनों की शिकायतों एवं समस्याओं के त्वरित निस्तारण तथा उन्हें उनके अधिकारों और विधिक संरक्षण का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सितंबर 2026 में जनपद में संयुक्त मोबाइल कोर्ट आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन मुख्य आयुक्त दिव्यांगजन, भारत सरकार एवं राज्य आयुक्त दिव्यांगजन, उत्तराखण्ड के संयुक्त तत्वावधान में प्रस्तावित है।

    मुख्य आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय की ओर से प्रदेश के सभी जनपदों में संयुक्त मोबाइल कोर्ट के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन अपनी समस्याएं एवं शिकायतें मोबाइल कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर सकें।

    जिला समाज कल्याण अधिकारी, देहरादून दीपांकर घिल्डियाल ने सभी सहायक समाज कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में दिव्यांगजनों, दिव्यांगजन संगठनों एवं संबंधित हितधारकों को कार्यक्रम की जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही दिव्यांगजनों की शिकायतों एवं समस्याओं से संबंधित आवश्यक जानकारी मोबाइल नंबर सहित एकत्रित की जाए।

    संयुक्त मोबाइल कोर्ट में दिव्यांगजन दिव्यांग अधिकारों, सरकारी योजनाओं, सुविधाओं, दिव्यांग प्रमाण-पत्र, पेंशन, सहायक उपकरण, पुनर्वास सहित अन्य संबंधित विषयों पर अपनी शिकायतें एवं समस्याएं प्रस्तुत कर सकेंगे। प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण के लिए सक्षम स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जनपद के दिव्यांगजनों से अपील की है कि मोबाइल कोर्ट की तिथि एवं स्थान निर्धारित होने पर अधिक से अधिक संख्या में इसमें प्रतिभाग कर अपनी समस्याएं प्रस्तुत करें। शिकायत पत्र के साथ दिव्यांगता प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। शिकायत पत्र संबंधित खंड विकास अधिकारी कार्यालय अथवा जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में भी जमा किए जा सकते हैं।

    संयुक्त मोबाइल कोर्ट की तिथि, स्थान एवं अन्य आवश्यक विवरण निर्धारित होने के बाद पृथक रूप से व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

     

  • सोशल मीडिया की बनाई पहचान से लेकर रिश्तों में पूर्णता की तलाश तक, पहले एपिसोड में कार्तिकेय ने आधुनिक जीवन के कई अनकहे सवालों को छुआ

    सोशल मीडिया की बनाई पहचान से लेकर रिश्तों में पूर्णता की तलाश तक, पहले एपिसोड में कार्तिकेय ने आधुनिक जीवन के कई अनकहे सवालों को छुआ

     

     

    देहरादून- । सोशल मीडिया के दौर में हमारी पहचान सिर्फ इस बात से तय नहीं होती कि हम कौन हैं, बल्कि इस बात से भी तय होने लगी है कि हम दुनिया को अपने बारे में क्या दिखाते हैं। हमारी तस्वीरें, उपलब्धियां, पसंद और जीवनशैली लगातार सार्वजनिक होती जा रही हैं। ऐसे समय में लेखक, वकील, क्रिकेटर और आध्यात्मिक चिंतक कार्तिकेय वाजपेयी का नया पॉडकास्ट ‘इनसाइट आउट फीचरिंग कार्तिकेय वाजपेयी’ उस सवाल की ओर लौटता है, जो इस पूरे शोर के बीच अक्सर पीछे छूट जाता है—हम वास्तव में कौन हैं?

     

    यह पॉडकास्ट जिंदगी को केवल उपलब्धियों और बाहरी अनुभवों के नजरिए से देखने के बजाय उसके भीतर छिपे सवालों को समझने की कोशिश करता है। पहचान, महत्वाकांक्षा, असफलता, उद्देश्य, नेतृत्व, रिश्ते और आधुनिक जीवन जैसे विषयों पर होने वाली इन बातचीत का उद्देश्य तैयार जवाब देना नहीं, बल्कि श्रोताओं को अपने जीवन और धारणाओं पर नए सिरे से विचार करने के लिए प्रेरित करना है।

     

    पहले एपिसोड में कार्तिकेय ने सोशल मीडिया से प्रभावित होती पहचान और बाहरी स्वीकृति की बढ़ती भूमिका पर बात की। आज इंस्टाग्राम प्रोफाइल कई बार किसी व्यक्ति के रिज्यूमे की तरह दिखाई देती है। हम क्या पहनते हैं, कहां जाते हैं, क्या हासिल करते हैं और उसे दुनिया के सामने कैसे पेश करते हैं—इन सबके बीच लाइक्स, फॉलोअर्स और प्रतिक्रियाएं धीरे-धीरे आत्म-मूल्य के पैमाने में बदलने लगी हैं।

     

    कार्तिकेय इस बदलाव को एक गहरे सवाल से जोड़ते हैं—क्या हम अपनी पहचान खुद तय कर रहे हैं या धीरे-धीरे उस पहचान को अपना रहे हैं, जिसे डिजिटल दुनिया, समाज और एल्गोरिदम हमारे सामने रख रहे हैं?

     

    उनके अनुसार, आधुनिक जीवन की एक बड़ी विडंबना यह है कि हमें अजनबियों से जुड़ना कई बार खुद से जुड़ने की तुलना में आसान लगता है। ‘इनसाइट आउट’ इसी बाहरी शोर के बीच व्यक्ति को अपने भीतर देखने और खुद के साथ अपने रिश्ते को समझने की जरूरत पर बात करता है।

     

    रिश्तों को लेकर भी कार्तिकेय ने पहले एपिसोड में एक अलग नजरिया सामने रखा। आमतौर पर रिश्तों को एक-दूसरे की कमियां पूरी करने या अधूरेपन को भरने के माध्यम के रूप में देखा जाता है। इसके विपरीत, कार्तिकेय का मानना है कि एक सार्थक रिश्ता दो ऐसे व्यक्तियों के बीच बनता है, जो स्वयं में पूर्ण हों। उनके लिए रिश्ता किसी दूसरे व्यक्ति के जरिए खुद को पूरा करने की कोशिश नहीं, बल्कि दो संपूर्ण व्यक्तियों की साझी यात्रा है।

     

    पॉडकास्ट की प्रेरणा के बारे में कार्तिकेय कहते हैं, “इनसाइट आउट की शुरुआत एक सरल उद्देश्य से हुई—शाश्वत ज्ञान को व्यावहारिक बनाना। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण यह एहसास था कि हम ऐसी पहचान के साथ जी रहे हैं, जो पूरी तरह हमारी अपनी नहीं है। डिजिटल एल्गोरिदम लगातार हमारे सामने यह तस्वीर रखता रहता है कि हमें क्या बनना चाहिए। हमें अजनबियों से जुड़ना खुद से जुड़ने की तुलना में आसान लगता है—और यही वह विडंबना है, जिस पर हमें ठहरकर विचार करना चाहिए। एक आदर्श रिश्ता तभी संभव है, जब उसमें दो पूर्ण व्यक्ति हों; ऐसे दो लोग नहीं, जो एक-दूसरे के जरिए खुद को पूरा करने की कोशिश कर रहे हों।”

     

    पारंपरिक इंटरव्यू से अलग, ‘इनसाइट आउट फीचरिंग कार्तिकेय वाजपेयी’ का प्रारूप चिंतनशील बातचीत पर आधारित है। यहां किसी विषय पर अंतिम निष्कर्ष देने के बजाय बातचीत के जरिए उन पहलुओं को सामने लाने की कोशिश की जाती है, जिन पर आमतौर पर सतही चर्चा होती है। आने वाले एपिसोड में महत्वाकांक्षा, असफलता, उद्देश्य, नेतृत्व, रिश्तों और समकालीन जीवन से जुड़े अलग-अलग सवालों पर बातचीत होगी।

     

    यह पहल कार्तिकेय वाजपेयी की पहली पुस्तक ‘द अनबीकमिंग: लेट लाइफ़ रिवील इट्स परपस ’ में उठाए गए विचारों को भी आगे बढ़ाती है। पुस्तक पहचान, अहंकार और आत्म-परिवर्तन जैसे विषयों को एक ऐसे चर्चित क्रिकेटर की यात्रा के माध्यम से देखती है, जिसकी सफलता के इर्द-गिर्द बनी जिंदगी एक निर्णायक मोड़ पर बिखर जाती है और उसे अपने जीवन को नए सिरे से समझने की जरूरत पड़ती है।

     

    ‘इनसाइट आउट फीचरिंग कार्तिकेय वाजपेयी’ इसी भीतर की ओर लौटने वाली बातचीत को आगे बढ़ाता है—जहां सवाल सिर्फ यह नहीं है कि हम जिंदगी में क्या हासिल करना चाहते हैं, बल्कि यह भी है कि हम आखिर किस तरह का जीवन जीना चाहते हैं और क्यों।

    ‘इनसाइट आउट फीचरिंग कार्तिकेय वाजपेयी’ का पहला फुल सेगमेंट अब कार्तिकेय वाजपेयी के YouTube चैनल पर उपलब्ध है। पहला एपिसोड यहां देखें: https://www.youtube.com/watch?v=RYzNbEBmjho

     

     

    मीडिया संपर्क: अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें- विकाश कुमार – 8057409636

  • एसआईआर में तेजी के साथ पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करें अधिकारीः सीडीओ

    एसआईआर में तेजी के साथ पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करें अधिकारीः सीडीओ

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    *देहरादून,
    मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में एसआईआर की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की प्रगति, अनोमलीज, नो-मैपिंग नोटिस, दावे-आपत्तियों एवं प्राप्त प्रपत्रों की समीक्षा की गई।
    सीडीओ ने कहा कि अनोमलीज अथवा नो-मैपिंग की स्थिति में मतदाताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जा रहा है। आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने एवं नियमानुसार परीक्षण के बाद पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
    उन्होंने अधिकारियों एवं बीएलओ को मतदाताओं को एसआईआर प्रक्रिया एवं आवश्यक अभिलेखों की जानकारी देने, दावे-आपत्तियों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, शुद्धता एवं समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को एसआईआर से संबंधित विभिन्न प्रपत्रों एवं अनोमलीज/नो-मैपिंग प्रकरणों की प्रक्रिया की जानकारी दी गई तथा 9, 10, 11, 11ए एवं 11बी की अद्यतन सूचियां वितरित की गईं। सीडीओ ने राजनीतिक दलों से एसआईआर कार्य में सहयोग करने की अपील की।
    बैठक में उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविन्द्र ज्वांठा, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली, राजनैतिक दलों में सीपीआईएम से अनंत आकाश, भाजपा से अरविन्द जैन एवं महेश गुप्ता, कांग्रेस से डॉ जसविन्दर सिंह व रितेश जोशी, आम आदमी पार्टी से कमल राना, बसपा से सतेन्द्र सिंह समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।