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  • स्वच्छ एवं सुंदर शहर के लिए जनसहभागिता जरूरीः डीएम*

    स्वच्छ एवं सुंदर शहर के लिए जनसहभागिता जरूरीः डीएम*

     

    *देहरादून,
    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत लक्ष्मण चौक एवं कांवली रोड क्षेत्र में विशेष स्वच्छता एवं स्वच्छता जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान में जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने प्रतिभाग करते हुए स्वयं स्वच्छता अभियान का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
    अभियान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला प्रशासन, नगर निगम, वेस्ट वॉरियर्स संस्था सहित विभिन्न संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारियों, स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता की। अभियान में 100 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग करते हुए क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
    जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों एवं नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान चिन्हित स्थलों पर समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही कूड़ा उठान एवं उसके वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखी जाए। उन्होंने कहा कि केवल अभियान के दौरान सफाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि चिन्हित क्षेत्रों में नियमित निगरानी एवं निरंतर स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वच्छता अभियान संचालित किए जाएं तथा स्थानीय नागरिकों को भी इन अभियानों से जोड़ते हुए स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के मध्य बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जाना आवश्यक है।
    जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ एवं सुंदर शहर के निर्माण के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आमजन की सक्रिय सहभागिता भी जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घर, प्रतिष्ठान एवं आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखें, कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डालें तथा सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी न फैलाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों के सहयोग से ही शहर की स्वच्छता व्यवस्था को स्थायी एवं प्रभावी बनाया जा सकता है।
    जिलाधिकारी ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई एवं जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही इसके उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए संबंधित विभागों एवं संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इस दिशा में निरंतर अभियान चलाए जाएंगे।
    इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीमा डुंगराकोटी ने स्वच्छता अभियान में प्रतिभाग किया और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन एवं नैतिक दायित्व का हिस्सा बनाकर ही हम अपने घर, मोहल्ले, शहर एवं राज्य को स्वच्छ रख सकते हैं। उन्होंने लोगों से स्वच्छता के प्रति जागरूक रहते हुए अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की। अभियान के दौरान विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं द्वारा अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करते हुए सफाई कार्य किया गया तथा चिन्हित स्थलों पर स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
    इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम, तहसीलदार सदर सुरेंद्र देव, वेस्ट वॉरियर्स संस्था से नवीन सडाना सहित जिला प्रशासन, नगर निगम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं विभिन्न संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • मुख्य सचिव  आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश के मेगा प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की

    मुख्य सचिव  आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश के मेगा प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की

    *देहरादून
    मुख्य सचिव  आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश के मेगा प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रदेश के भीतर सभी बड़े प्रोजेक्ट्स का निर्माण कार्य नियमित समय पर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मासिक एवं त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए सभी कार्यों की नियमित निगरानी किए जाने पर जोर दिया।

    मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग के अंतर्गत उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम, पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन एवं यूपीसीएल के बड़े प्रोजेक्ट्स की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने लॉस रिडक्शन वर्क्स के वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए लगातार मॉनिटरिंग की जाए एवं निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने वाइब्रेंट विलेज का विद्युतीकरण कार्य भी निर्धारित समय पर पूर्ण किए जाने हेतु मासिक लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।

    मुख्य सचिव ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के शीघ्र संचालित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर एवं पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों को निर्माण कर शीघ्र से शीघ्र पूर्ण करते हुए कक्षाएं शुरू की जाएं। उन्होंने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य में तेजी लायी जाए।

    मुख्य सचिव ने शारदा घाट कार्य में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर का कार्य भी आगामी कुंभ – 2027 को ध्यान में रखते हुए, उतना की कार्य शुरू किए जाने के निर्देश दिए, जितना विभाग दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर सकें। उन्होंने महिला एवं बाल कल्याण विभाग के तहत् निर्माणाधीन कामकाजी महिला छात्रावास के संचालन के लिए मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

    इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित कुमार सिन्हा, सचिव श्री नितेश कुमार झा, श्री दिलीप जावलकर, श्री चंद्रेश कुमार यादव, श्री सी. रविशंकर एवं श्री विनोद कुमार सुमन सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर डीएम डॉ0 आशीष चौहान ने की समीक्षा बैठक

    स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर डीएम डॉ0 आशीष चौहान ने की समीक्षा बैठक

     

    *देहरादून, । जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में स्वतंत्रता दिवस समारोह को गरिमापूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
    जिलाधिकारी ने समारोह स्थल पर सीटिंग प्लान, पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय गौरव एवं सम्मान का पर्व है, इसलिए समारोह से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं सुव्यवस्थित होनी चाहिए।
    उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि समारोह स्थल पर अतिथियों एवं आमजन के बैठने की व्यवस्था के लिए स्पष्ट एवं व्यवस्थित सीटिंग प्लान तैयार किया जाए। पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही समारोह स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जाए। उन्होंने विद्युत आपूर्ति एवं वैकल्पिक व्यवस्था की भी समुचित तैयारी रखने के निर्देश दिए।
    जिलाधिकारी ने पुलिस एवं संबंधित विभागों को यातायात प्लान तैयार कर समारोह के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पार्किंग स्थलों को चिन्हित करने, वाहनों के आवागमन के लिए आवश्यक रूट डायवर्जन एवं यातायात प्रबंधन की व्यवस्था समय से सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह से संबंधित सभी तैयारियां आपसी समन्वय से पूर्ण की जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। समारोह स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं का पूर्व निरीक्षण करते हुए कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश भी दिए गए।
    बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविंद्र जुआंठा, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, उप निदेशक सूचना बद्री चंद नेगी, जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • एसआईआर में तेजी के साथ पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करें अधिकारी : सीडीओ अभिनव शाह

    एसआईआर में तेजी के साथ पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करें अधिकारी : सीडीओ अभिनव शाह

     

     

    *देहरादून,
    भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार जनपद में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) कार्य की समीक्षा को लेकर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) के साथ बैठक आयोजित की गई।
    बैठक में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देशों के क्रम में एसआईआर के अंतर्गत मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से मतदाता सूची में सामने आ रही अनोमलीज (Anomalies), नो-मैपिंग (No Mapping) नोटिस के वितरण, दावे एवं आपत्तियों तथा प्राप्त प्रपत्रों की स्थिति की जानकारी ली गई।

    मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जिन मतदाताओं के विवरण में अनोमलीज सामने आई हैं अथवा जिनका मैपिंग नहीं हो पाया है, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया एवं अभिलेखों के आधार पर ऐसे मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जा रहा है।
    उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित अभिलेख प्रस्तुत किए जाने तथा नियमानुसार परीक्षण के उपरांत पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस संबंध में मतदाताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हुए उनकी शंकाओं एवं भ्रांतियों का निराकरण किया जाए।

    मुख्य विकास अधिकारी ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसआईआर के दौरान प्राप्त होने वाले दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई पूरी गंभीरता, निष्पक्षता एवं नियमानुसार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
    उन्होंने समस्त बीएलओ को भी निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में मतदाताओं को एसआईआर प्रक्रिया, आवश्यक अभिलेखों, दावों एवं आपत्तियों से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दें तथा मतदाताओं के साथ समुचित समन्वय बनाए रखें।
    समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूरा करें पुनरीक्षण कार्य
    सीडीओ अभिनव शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसआईआर कार्य में समयबद्धता, पारदर्शिता एवं शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण करते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
    उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध एवं त्रुटिरहित होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसलिए सभी अधिकारी एवं कार्मिक पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए एसआईआर प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
    राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई प्रक्रिया की जानकारी
    बैठक में एसआईआर के दौरान प्राप्त होने वाले विभिन्न प्रपत्रों, दावों एवं आपत्तियों तथा उनके निस्तारण की प्रक्रिया के संबंध में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने अनोमलीज एवं नो-मैपिंग से संबंधित प्रकरणों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया से भी अवगत कराया।
    मुख्य विकास अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे एसआईआर प्रक्रिया में निर्वाचन विभाग का सहयोग करें तथा मतदाताओं को सही एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में अपनी भूमिका निभाएं।
    बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे
    इस अवसर पर सीपीआईएम से अनंत आकाश, भाजपा से अरविन्द जैन एवं महेश गुप्ता, कांग्रेस से रितेश जोशी, आम आदमी पार्टी से कमल राना, बसपा से सतेन्द्र सिंह एवं सतेन्द्र चोपड़ा सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • केंद्र सरकार अनुसूचित जाति, ओबीसी, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर, वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध : श्री रामदास अठावले

    केंद्र सरकार अनुसूचित जाति, ओबीसी, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर, वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध : श्री रामदास अठावले

     

    – प्रश्नपत्र लीक मामलों में कड़ी कार्रवाई तथा सभी राजनीतिक दलों से संसद के शांतिपूर्ण एवं सुचारु संचालन की अपील : श्री रामदास अठावले

    – मोदी सरकार के 12 वर्षों में अभूतपूर्व निर्णय लिए गए : श्री रामदास आठवले

    – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मेरे अच्छे मित्र हैं, उनके नेतृत्व में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है : श्री रामदास आठवले

    भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले शुक्रवार को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर देहरादून पहुंचे। उन्होंने बीजापुर गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार की सामाजिक न्याय, समावेशी विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विभिन्न पहलों की जानकारी दी।

    श्री अठावले ने कहा कि भारत सरकार विभिन्न प्रमुख योजनाओं एवं नीतिगत पहलों के माध्यम से सामाजिक न्याय, समावेशी विकास तथा समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर, वरिष्ठ नागरिकों तथा अन्य कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

    श्री अठावले ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देशभर में करोड़ों लोगों तक पहुंचा है। उन्होंने जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत देशभर में 58.30 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें उत्तराखंड में 40.91 लाख खाते शामिल हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत देशभर में 58.31 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जबकि उत्तराखंड में 36.87 लाख लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी प्रमुख योजनाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है।

    केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अठावले ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देशभर में 12.17 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए 790 केंद्रों की स्थापना, वृद्धाश्रमों को सहयोग, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने तथा एमएसएमई एवं युवा उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने के सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया। युवाओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    सामाजिक न्याय एवं आरक्षण पर श्री अठावले ने कहा कि आरक्षण संविधान प्रदत्त व्यवस्था है तथा इसका विरोध संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की परिकल्पना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग को भी आरक्षण का लाभ दिलाने की थी, हालांकि उस समय यह संभव नहीं हो पाया। प्रस्तावित जातीय जनगणना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे विभिन्न समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का आकलन करने तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

    महिला सशक्तिकरण पर श्री अठावले ने कहा कि महिला आरक्षण की पहल लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी को और सुदृढ़ करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परिसीमन की प्रक्रिया व्यापक राजनीतिक सहमति के साथ आगे बढ़ेगी।

    प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर श्री अठावले ने कहा कि सरकार ने प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून बनाया है, जिसके तहत दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने समाज से भी ऐसे तत्वों का सामाजिक बहिष्कार करने का आह्वान किया।

    मानसून सत्र का उल्लेख करते हुए  अठावले ने सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रहित में संसद के सुचारु संचालन में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को अपना अच्छा मित्र बताते हुए उनके नेतृत्व में राज्य में संचालित विकास कार्यों की सराहना की।

  • कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे: जिलाधिकारी

    कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे: जिलाधिकारी

     

    *देहरादून,
    जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के अंतर्गत सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न पोलिंग बूथों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची से संबंधित दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण हेतु लगाए गए विशेष शिविरों की व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को अभियान को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं समयबद्धता के साथ संपादित करने के निर्देश दिए।
    निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की स्थिति, उनके सत्यापन की प्रगति तथा अभिलेखों के रखरखाव की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्राप्त आवेदन का नियमानुसार परीक्षण करते हुए समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए।
    जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी पूरी जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए तथा सभी प्रक्रियाएं भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हों।
    उन्होंने बूथों पर आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश देते हुए कहा कि आवश्यक प्रपत्र, अभिलेख एवं अन्य व्यवस्थाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए उनकी सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही नागरिकों को दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
    जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसआईआर अभियान के दौरान प्राप्त प्रत्येक आवेदन का तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष सत्यापन किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रगति की दैनिक समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
    निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट देहरादून राकेश तिवारी, निर्वाचन से जुड़े अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट, बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

     

  • दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ी 12 किमी ग्रीनफील्ड बाईपास परियोजना का डीएम ने किया निरीक्षण

    दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ी 12 किमी ग्रीनफील्ड बाईपास परियोजना का डीएम ने किया निरीक्षण

    देहरादून। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ी 12 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड चार लेन बाईपास परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को परियोजना के निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी लाते उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
    निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन विभिन्न स्थलों का अवलोकन करते हुए कार्यों की वर्तमान स्थिति, निर्माण गुणवत्ता, मशीनरी एवं मानव संसाधनों की उपलब्धता तथा कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जनहित से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना है, जिसके पूर्ण होने से देहरादून शहर में यातायात का दबाव कम होगा तथा स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।
    जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनावश्यक बाधा अथवा विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को कार्यस्थलों पर पर्याप्त मशीनरी, संसाधन एवं श्रमिक उपलब्ध कराते हुए निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति लाने तथा प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किए जाएं। साथ ही निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यातायात प्रबंधन, चेतावनी संकेतकों, बैरिकेडिंग एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
    जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना की नियमित समीक्षा की जाए तथा भूमि, तकनीकी अथवा अन्य प्रशासनिक स्तर पर यदि कोई समस्या उत्पन्न होती है तो उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के संचालित हो सके।
    यह परियोजना झाझरा से प्रारंभ होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-7 के नए पांवटा साहिब/बल्लूपुर खंड को जोड़ते हुए आशारोड़ी चेक पोस्ट के निकट दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ रही है। लगभग 716 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के अप्रैल 2027 तक पूर्ण होने की संभावना है।
    परियोजना के पूर्ण होने पर भारी एवं पारगमन (ट्रांजिट) यातायात को शहर के बाहर डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे देहरादून शहर में यातायात जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके साथ ही शहरी परिवहन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी तथा नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार होगा।
    निरीक्षण के दौरान एनएचएआई अधिकारियों ने जिलाधिकारी को परियोजना की वर्तमान प्रगति, शेष कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित की इस महत्वपूर्ण परियोजना को समयबद्ध, सुरक्षित एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सभी संबंधित विभागों की सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
    निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र देव सहित एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • सौड़ा सरौली में सुरक्षा दीवारों का निर्माण पूर्णता की ओर, कलिंगा नहर बहाल होने से किसानों को मिली राहत

    सौड़ा सरौली में सुरक्षा दीवारों का निर्माण पूर्णता की ओर, कलिंगा नहर बहाल होने से किसानों को मिली राहत

     

    *देहरादून,
    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के सतत मार्गदर्शन एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशन में मालदेवता, सौड़ा सरौली तथा आसपास के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्निर्माण एवं सुरक्षा कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण, सुरक्षा दीवारों के निर्माण तथा नदी तटों के संरक्षण संबंधी कार्यों में तेजी लाते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन को सुरक्षित एवं सुचारु बनाया जा रहा है।

    गत मंगलवार को हुई भारी वर्षा के कारण रायपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अनेक सड़क मार्ग एवं सुरक्षा संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं। स्थिति का स्वयं स्थलीय निरीक्षण करने के उपरांत जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से पुनर्स्थापन एवं सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप अधिकांश आवश्यक कार्य निर्धारित समय में पूर्ण कर लिए गए हैं।

    जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशील स्थलों पर निर्मित सुरक्षा उपायों की निरंतर निगरानी की जा रही है। सुरक्षा दीवारों पर लगाए गए जाल तथा अन्य सुरक्षात्मक व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि लगातार हो रही वर्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके तथा स्थानीय नागरिकों की आवाजाही निर्बाध बनी रहे।

    लगातार वर्षा के कारण सोंग नदी के बढ़े जलस्तर से मालदेवता स्थित कलिंगा नहर भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। सिंचाई विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नहर का पुनर्निर्माण पूर्ण कर लिया है, जिससे किसानों को पुनः सिंचाई हेतु पर्याप्त जल उपलब्ध होने लगा है। इसके अतिरिक्त प्रशासन द्वारा पोकलैंड एवं जेसीबी मशीनों के माध्यम से नदी का चौनलाइजेशन कार्य भी युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। नदी के बहाव को नियंत्रित करने तथा संभावित क्षति को कम करने के उद्देश्य से संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। जिला प्रशासन भी विभिन्न विभागों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं पुनर्वास कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर संचालित कर रहा है।

    अपर जिलाधिकारी श्री के.के. मिश्रा ने बताया कि अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों एवं सुरक्षा दीवारों के पुनर्निर्माण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशन में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) द्वारा क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों एवं सुरक्षा दीवारों का निर्माण कराया गया है, जबकि मालदेवता क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त स्थलों के पुनर्स्थापन का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही सिंचाई विभाग द्वारा कलिंगा नहर का पुनर्निर्माण भी पूर्ण कर लिया गया है, जिससे क्षेत्र के किसानों को सिंचाई जल की समस्या से राहत मिल गई है।

    जिलाधिकारी ने मानसून अवधि के दौरान सभी संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी जारी रखने तथा जनसुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।

  • उत्तराखंड के अंडरग्रेजुएट विद्यार्थियों ने नेशनल फाइनेंशियल लिटरेसी क्विज़ 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया

    उत्तराखंड के अंडरग्रेजुएट विद्यार्थियों ने नेशनल फाइनेंशियल लिटरेसी क्विज़ 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया

     

     

     

     

     

    देहरादून, – नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के सहयोग नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित SCOPE कन्वेंशन सेंटर में नेशनल फाइनेंशियल लिटरेसी क्विज़ (एनएफएलक्यू) 2026 के उत्तर क्षेत्रीय दौर का सफलतापूर्वक आयोजन किया। दो दिनों के कार्यक्रम में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा उत्तर भारत के दूसरे राज्यों से आए अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्र शामिल हुए। छात्रों ने वित्तीय बाज़ार, निवेश के नियमों, निवेशकों की सुरक्षा और ज़िम्मेदार वित्तीय आदतों से जुड़े विषयों पर सवाल-जवाब के स्वरूप में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। मुंबई में 18-19 जुलाई को हुए पश्चिम क्षेत्रीय दौर के बाद, एनएफएलक्यू 2026 का दूसरा क्षेत्रीय दौर नई दिल्ली में आयोजित किया गया।

    देश भर में शुरू की गई इस पहल में 4 लाख से ज़्यादा छात्रों ने अपने कॉलेजों और ऑनलाइन क्वालिफाइंग राउंड के ज़रिए हिस्सा लिया। उनके प्रदर्शन के आधार पर बेहतरीन टीमों को चुना गया जिन्होंने भारत के पूर्वी, दक्षिणी, उत्तरी, मध्य, पश्चिमी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में आयोजित होने वाले क्षेत्रीय दौरों में आगे बढ़ीं।

    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) के डायरेक्टर, श्री सशी कृष्णन ने इसमें भाग लेने वाले सभी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “वित्तीय साक्षरता का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को सही समय पर सूचित, जिम्मेदार और आत्मविश्वासपूर्ण वित्तीय निर्णय लेने में सक्षम बनाना है। । एनएफएलक्यू वित्तीय साक्षरता को परस्पर बातचीत पर आधारित और एक प्रतिस्पर्धी माहौल में पेश करता है। इससे छात्र अपनी समझ को बेहतर बना पाते हैं, साथ ही उनमें वित्तीय परिवेश के बारे में जानने की इच्छा भी बढ़ती है। इस पहल को मिली ज़बरदस्त प्रतिक्रिया से साफ़ है कि भारत के युवाओं के बीच काम में आने वाली वित्तीय जानकारी पाने की इच्छा बढ़ रही है। एनआईएसएम एक ऐसा प्लेटफॉर्म्स तैयार करने के अपने इरादे पर अटल है, जो वित्तीय शिक्षा को आसान, मज़ेदार और उपयोगी बनाए।

    भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के सीजीएम और क्षेत्रीय निदेशक, श्री विजयंत कुमार वर्मा ने कहा, “भारत के सिक्योरिटीज मार्केट को लगातार आगे बढ़ाने के लिए आज की युवा पीढ़ी का वित्तीय रूप से जागरूक होना बेहद ज़रूरी है। एनएफएलक्यू जैसी पहल, छात्रों को शुरुआती दौर में ही सोच-समझकर निवेश करने, निवेशकों के अधिकारों, बाज़ार के नियमों और जोखिम जैसे विषयों की जानकारी देकर, उन्हें वित्तीय व्यवस्था में जिम्मेदारी से भाग लेने के लिए तैयार करती है। सेबी की निवेशक शिक्षा से जुड़ी कोशिशों का मकसद इसी बुनियाद को मज़बूत करना और भारत के युवाओं को ज़्यादा जागरूकता और समझदारी के साथ वित्तीय फ़ैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।”

    एनएफएलक्यू 2026, असल में एनआईएसएम की ओर से बड़े पैमाने पर शुरू किए गए उस जनसंपर्क कार्यक्रम का हिस्सा है जिसका उद्देश्य सिक्योरिटीज़ मार्केट के बारे में छात्रों की समझ को बेहतर बनाना और उन्हें सोच-समझकर वित्तीय निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस क्विज़ में फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स, बाज़ार के कामकाज के तरीके, निवेशकों के अधिकार, इससे जुड़े नियम और बाज़ार के मध्यस्थों की भूमिका जैसे विषय शामिल हैं, जिससे प्रतिभागियों को भारत के फाइनेंशियल इकोसिस्टम के बारे में उपयोगी जानकारी मिलती है। यह पहल जुलाई से सितंबर 2026 तक चलेगी और इस दौरान मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु, भोपाल, गुवाहाटी और कोलकाता में इसके क्षेत्रीय दौर आयोजित किए जाएंगे। इन सभी दौर में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमें नवंबर 2026 में होने वाले नेशनल फ़िनाले में पहुंचेंगी, जहां उन्हें महाराष्ट्र के रसायनी, पातालगंगा में स्थित एनआईएसएम के परिसर में राष्ट्रीय खिताब के लिए मुकाबला करना होगा।

    महाराष्ट्र के रसायनी, पातालगंगा स्थित एनआईएसएम के परिसर में आयोजित ग्रैंड फ़िनाले में देश भर की बेहतरीन टीमें राष्ट्रीय खिताब के लिए मुक़ाबला करेंगी।

    क्षेत्रीय दौर की हर श्रेणी में शीर्ष तीन विजेताओं के लिए इनाम की राशि इस प्रकार है:

    अंडरग्रेजुएट श्रेणी:

    · पहला इनाम – 40,000/- रुपये (BFSI विभाग, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी)

    · दूसरा इनाम – 30,000/- रुपये (कॉमर्स एवं फाइनेंस विभाग, क्वांटम स्कूल ऑफ़ ग्रेजुएट स्टडीज़)

    ·  तीसरा इनाम – 20,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, मित्तल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस)

    पोस्टग्रेजुएट श्रेणी:

    · पहला इनाम – 40,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट)

    · दूसरा इनाम – 30,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, भारतीय प्रबंधन संस्थान, काशीपुर)

    · तीसरा इनाम –20,000/- रुपये (प्रबंधन विभाग, मित्तल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस)

    इसके अलावा, उत्तरी क्षेत्र के 12 अंडरग्रेजुएट कॉलेजों ने राष्ट्रीय चरणों में आगे बढ़ने के लिए अपनी जगह बनाई। चुने गए संस्थानों की सूची इस प्रकार है।

    1. D BFSI विभाग, ग्राफ़िक एरा हिल यूनिवर्सिटी

    2. कॉमर्स एवं फ़ाइनेंस विभाग, क्वांटम स्कूल ऑफ़ ग्रेजुएट स्टडीज़

    3. प्रबंधन विभाग, मित्तल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस

    4. फैकल्टी ऑफ कॉमर्स, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी

    5. कॉमर्स, बिज़नेस मैनेजमेंट और इकोनॉमिक्स विभाग, DAV यूनिवर्सिटी

    6. प्रबंधन विभाग, इनवर्टिस यूनिवर्सिटी, बरेली

    7. प्रबंधन विभाग, GLA यूनिवर्सिटी

    8. बीबीए/बीसीए विभाग, राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी

    9. बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग, एलनहाउस बिज़नेस स्कूल, कानपुर

    10. प्रबंधन विभाग, चितकारा बिज़नेस स्कूल, राजपुरा

    11. इंजीनियरिंग/बीबीए/बीसीए विभाग, डॉ. के. एन. मोदी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, गाजियाबाद

    12. कॉमर्स एवं प्रबंधन विभाग, पाल कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, हल्द्वानी

     

    उत्तरी क्षेत्र के 12 पोस्टग्रेजुएट कॉलेजों ने राष्ट्रीय चरणों में आगे बढ़ने के लिए अपनी जगह बनाई। चुने गए संस्थानों की सूची इस प्रकार है:

     

    1. फैकल्टी ऑफ कॉमर्स, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी

    2. प्रबंधन विभाग, महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी

    3. प्रबंधन विभाग, GLA यूनिवर्सिटी

    4.  प्रबंधन  विभाग, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल

    5.  प्रबंधन  विभाग, लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट

    6.  प्रबंधन विभाग, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, काशीपुर

    7.  प्रबंधन विभाग, मित्तल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस

    8.  प्रबंधन विभाग, उत्तरांचल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट

    9.  फाइनेंस विभाग, नई दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट

    10. फाइनेंस और अकाउंटिंग विभाग, FORE स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट

    11. प्रबंधन विभाग, स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट साइंसेज

    12.   आईएमबीए, सीनियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी

     

    अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें – विकास कुमार- 8057409636

  • 11 अगस्त को देहरादून में रोजगार मेला, 559 पदों पर होगा चयन

    11 अगस्त को देहरादून में रोजगार मेला, 559 पदों पर होगा चयन

     

    *देहरादून,
    जनपद के बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, देहरादून द्वारा आगामी 11 अगस्त, 2026 को प्रातः 9.30 बजे से कार्यालय परिसर में एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेले में विभिन्न प्रतिष्ठित निजी कंपनियां कुल 559 रिक्त पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर चयन प्रक्रिया संपन्न करेंगी।

    क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान नेगी ने बताया कि रोजगार मेले में प्रतिभाग करने के इच्छुक अभ्यर्थियों का पंजीकरण 04 अगस्त, 2026 से क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इच्छुक अभ्यर्थी साक्षात्कार में सम्मिलित होने से पूर्व किसी भी कार्य दिवस पर कार्यालय पहुंचकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

    उन्होंने बताया कि पंजीकरण के समय अभ्यर्थियों को अपना बायोडाटा, मूल शैक्षिक एवं अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्र तथा उनकी छायाप्रतियां, सेवायोजन कार्यालय का पंजीयन कार्ड, पासपोर्ट आकार के फोटो एवं वैध पहचान-पत्र (आईडी प्रूफ) साथ लाना अनिवार्य होगा।

    रोजगार मेले में सीएएमपी-108, एनआईटीटी लिमिटेड, परिश्रम रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड, डिक्सॉन, एक्सिस बैंक, आईजोन, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक, बारबेक्यू नेशन, आईपीसीए, मोचिको तथा टीआई मेडिकोज सहित विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियां प्रतिभाग करेंगी। इन कंपनियों द्वारा कुल 559 रिक्त पदों पर अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया जाएगा।

    क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाली कंपनियों एवं उपलब्ध रिक्तियों की संख्या परिस्थितियों के अनुसार घट या बढ़ सकती है। उन्होंने जनपद के अधिक से अधिक शिक्षित एवं रोजगार के इच्छुक युवाओं से समय रहते पंजीकरण कराकर रोजगार मेले का लाभ उठाने की अपील की।