Blog

  • साईं लोक कॉलोनी में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर संपन्न

    साईं लोक कॉलोनी में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर संपन्न

    देहरादून।

    साईं लोक कॉलोनी में घरों में साफ-सफाई का काम करने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ‘एनीमिया मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। भारत विकास परिषद समर्पण संस्था के तत्वावधान में और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीमद्वार की चिकित्सा टीम के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में समाजसेवी डॉ. रेनू शर्मा बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुई।

    शिविर के दौरान कुल 63 कामकाजी महिलाओं की स्वास्थ्य व रक्त जांच की गई। महिलाओं को एनीमिया से बचाव और बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक आयरन, कैल्शियम, ओआरएस और जिंक की टैबलेट्स वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त, पोषण को ध्यान में रखते हुए पुष्टाहार के रूप में गुड़ व चना तथा स्वच्छता के लिए सेनेटरी नैपकिन का भी वितरण किया गया।

    इस महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री संजय गर्ग, मोहित, शहरी कार्यक्रम अधिकारी राकेश बिष्ट तथा साईं लोक कॉलोनी के सभी सम्मानित एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने विशेष सहयोग प्रदान किया और अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।

  • सीमाद्वार में जलभराव पर डीएम सख्त, नगर निगम को 24 घंटे में सफाई और डिवाटरिंग के निर्देश

    सीमाद्वार में जलभराव पर डीएम सख्त, नगर निगम को 24 घंटे में सफाई और डिवाटरिंग के निर्देश

     

    *देहरादून
    बारिश के कारण देहरादून शहर में जलभराव की समस्या को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मंगलवार को आईटीबीपी रोड, सीमाद्वार क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जलभराव से आमजन को किसी भी दशा में परेशानी न हो तथा समस्या के तत्काल, अस्थायी और स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय विधायक सविता कपूर भी मौजूद रहीं।

    जिलाधिकारी ने जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए नगर निगम एवं लोक निर्माण विभाग को तत्काल कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम को निर्देशित किया कि 24 घंटे के भीतर सड़क किनारे नालियों में जमा मलबे एवं कूड़े की सफाई कराई जाए तथा डिवाटरिंग पंप के माध्यम से जमा पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, लोनिवि को सड़क पर आवागमन सुचारू बनाने के निर्देश दिए।

    जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जब तक जलभराव की समस्या का तत्कालिक समाधान नहीं हो जाता, तब तक पटवारी सीमाद्वार क्षेत्र में ही रहकर स्थिति की लगातार निगरानी रखें। क्षेत्र में डिवाटरिंग कार्यों की मॉनिटरिंग के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आने वाली छोटी-छोटी समस्याओं का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करें। जलभराव के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी ने मौके पर ही आवश्यक बजट की स्वीकृति भी प्रदान की।

    जिलाधिकारी ने कहा कि सीमाद्वार क्षेत्र में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि बरसात के दौरान आमजन को आवागमन में परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था का विस्तृत सर्वेक्षण कर ड्रेनेज सिस्टम के स्थायी समाधान के लिए डीपीआर तैयार की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्ययोजना केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित भी किया जाए।

    जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए कहा कि जिला प्रशासन जलभराव की समस्या की नियमित निगरानी कर रहा है और इसका स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    *न्यूकैंट रोड पर अवैध रूप से वाहनों की पार्किंग और अतिक्रमण पर सख्ती*
    इससे पूर्व जिलाधिकारी ने न्यूकैंट रोड पर यातायात जाम की समस्या का भी औचक निरीक्षण किया। सेंट्रियो मॉल क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर अवैध रूप से खड़े चौपहिया एवं दोपहिया वाहनों को देखकर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने पुलिस अधिकारियों के माध्यम से सड़क किनारे अवैध ढंग से पार्क वाहनों के तत्काल चालान भी करवाए।

    उन्होंने सड़क किनारे अवैध रूप से संचालित फड़-फेरी एवं अस्थायी दुकानों को भी तत्काल हटाने के निर्देश दिए। साथ ही, संबंधित विभाग को सड़क पर नो-पार्किंग के स्पष्ट संकेतक बोर्ड लगाने को कहा, ताकि यातायात व्यवस्था बाधित न हो।
    जिलाधिकारी ने लोनिवि के अधीक्षण अभियंता को न्यूकैंट रोड के चौड़ीकरण के लिए तत्काल सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण में बाधक पुलिस चेकपोस्ट एवं अन्य संरचनाओं को आवश्यकतानुसार शिफ्ट कराने की कार्रवाई की जाए, ताकि न्यूकैंट क्षेत्र में बढ़ती यातायात समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।

    जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और यातायात व्यवस्था में बाधा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाकर कार्रवाई करने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओपी सिंह, तहसीलदार सुरेंद्र देव सहित पुलिस, नगर निगम एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

     

  • विष्णुगाड़–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टेल रेस टनल में तलाश एवं बचाव अभियान पूर्ण

    विष्णुगाड़–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टेल रेस टनल में तलाश एवं बचाव अभियान पूर्ण

     

    ऋषिकेश, : विष्णुगाड़–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (VPHEP) के टेल रेस टनल (TRT) में 13 अगस्त 2026 को हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद लापता श्रमिकों की तलाश एवं बचाव के लिए चलाया जा रहा अभियान, आज 18 अगस्त 2026 को पूर्ण हो गया है।

    जैसा कि पूर्व में सूचित किया गया था, घटना के समय टनल में मुख्य कार्यदायी संस्था HCC द्वारा नियुक्त/तैनात कुल 22 श्रमिकों में से 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार  हेतु अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। दुर्घटना में 7 श्रमिकों की मृत्यु हुई थी, जबकि 3 श्रमिक लापता थे। इसके पश्चात 15 अगस्त 2026 को एक लापता श्रमिक का शव बरामद किया गया तथा आज, 18 अगस्त 2026 को शेष दो लापता श्रमिकों के शव भी बरामद कर लिए गए हैं।

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) इस अत्यंत दुखद घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना एवं शोक व्यक्त करता है। निगम इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है तथा उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। घायल श्रमिकों के समुचित उपचार एवं आवश्यक चिकित्सा सहायता भी सुनिश्चित की जा रही है।

    घटना के उपरांत तत्काल राहत एवं बचाव अभियान में NDRF, SDRF, CISF, जिला प्रशासन, THDCIL तथा HCC की संयुक्त टीमों ने निरंतर समन्वय एवं प्रतिबद्धता के साथ दिन-रात कार्य किया। टनल से पानी निकालने, मलबा हटाने तथा खोज एवं बचाव दलों की सुरक्षित आवाजाही के लिए आवश्यक संसाधनों और उपकरणों का लगातार उपयोग किया गया।

    टीएचडीसीआईएल के प्रबंध निदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर अभियान की प्रत्यक्ष निगरानी करते रहे तथा सभी संबंधित एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय सुनिश्चित किया।

    टीएचडीसीआईएल सभी संबंधित एजेंसियों, राहत एवं बचाव दलों तथा इस कठिन अभियान में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करता है।

     

  • मुख्य सचिव ने की चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा

    मुख्य सचिव ने की चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा

    *देहरादून,

    मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए आमजन को गुणवत्तापरक उपचार एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    *जिला एवं बड़े उप जिला अस्पतालों का 31 मार्च, 2027 तक एनएबीएच प्रत्यायन कराने के दिए निर्देश*

    मुख्य सचिव ने अस्पतालों में उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रदेश के सभी चिकित्सालयों को नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) से प्रत्यायन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों एवं बड़े उप जिला अस्पतालों का 31 मार्च, 2027 तक एनएबीएच प्रत्यायन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इसकी प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पतालों को निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एनएबीएच के माध्यम से नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी की जा सकती है।

    *स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण एवं ई-हॉस्पिटल पर जोर*

    मुख्य सचिव ने प्रदेश के अस्पतालों को डिजिटाइज करते हुए ई-हॉस्पिटल की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने एकीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली को प्रदेश में तत्काल लागू करने को कहा। उन्होंने प्रणाली के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग तथा वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

    *रिक्त चिकित्सकीय पदों को शीघ्र भरने पर दिया जोर*

    मुख्य सचिव ने चिकित्सकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के साथ ही गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे चिकित्सक जो सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवाएं देने के इच्छुक हों, उनके संबंध में सेवानिवृत्ति से पूर्व ही आवश्यक औपचारिकताएं एवं पेपर वर्क पूरा किया जाए, ताकि पद रिक्त होने की स्थिति में उन्हें उनकी इच्छानुसार स्थान पर सेवाएं देने का अवसर दिया जा सके। इसके साथ ही निजी अस्पतालों में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों को विजिटिंग डॉक्टर के रूप में जोड़ने की संभावनाओं पर भी कार्य करने को कहा।

    *डायलिसिस सुविधा 24×7 एवं किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शीघ्र शुरू करने के निर्देश*

    मुख्य सचिव ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में वर्तमान में संचालित डायलिसिस सुविधा को 24×7 संचालित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा भी शीघ्र शुरू करने को कहा। बैठक में बताया गया कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया गया है तथा विशेषज्ञ की व्यवस्था भी कर ली गई है। इस पर मुख्य सचिव ने अगले तीन माह के भीतर किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए।

    *जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश*

    मुख्य सचिव ने आमजन को जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र सहजता से उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र के लिए माता-पिता को अस्पताल, नगर निगम अथवा अन्य कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिसके माध्यम से माता-पिता को जन्म प्रमाण पत्र स्वतः उपलब्ध हो सके। इसी प्रकार मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए भी मृतक के परिजनों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। उन्होंने प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को चिह्नित कर उनका तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक जनसेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लाए जाने पर भी जोर दिया।

    *मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी एवं सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश*

    मुख्य सचिव ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त फैकल्टी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के वार्डों की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करने को कहा।

    मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेजों में इवनिंग ओपीडी शुरू किए जाने के भी निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।

    बैठक में सचिव श्री विनय शंकर पाण्डेय, सीईओ स्टेट हेल्थ अथॉरिटी श्रीमती रीना जोशी, अपर सचिव श्री रोहित मीणा, श्री सौरभ गहरवार एवं महानिदेशक स्वास्थ्य श्रीमती सुनीता टम्टा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • *15 सितंबर को प्रकाशित होगी फाइनल निर्वाचक नामावली-डीएम

    *15 सितंबर को प्रकाशित होगी फाइनल निर्वाचक नामावली-डीएम

     

    *देहरादून
    जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति साझा की गई तथा राजनीतिक दलों को प्रारूप-9, 10, 11ए और 11बी की सूचियां भी सौंपी गईं।

    जिलाधिकारी ने बताया कि 13 अगस्त तक जिले में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए 39,025 नागरिकों ने प्रारूप-6 में आवेदन किया है। वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए प्रारूप-7 में 10,235 दावे/आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जबकि मतदाता सूची में विवरण संशोधन के लिए 10,718 नागरिकों ने प्रारूप-8 में आवेदन प्रस्तुत किए हैं।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 के तहत प्राप्त सभी आपत्तियों पर संबंधित बीएलओ द्वारा संबंधित व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील कराया जाएगा। नोटिस प्राप्त होने के सात दिन बाद ही सुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। जिलेभर में बूथवार आयोजित होने वाले इन शिविरों में जिस मतदाता के विरुद्ध आपत्ति दर्ज की गई है और आपत्तिकर्ता, दोनों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आपत्तिकर्ता द्वारा ठोस आधार अथवा प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में किसी भी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईआर कार्यक्रम अब अपने अंतिम एवं अत्यंत महत्वपूर्ण चरण में है, ऐसे में सभी राजनीतिक दलों की सक्रिय एवं रचनात्मक भागीदारी आवश्यक है।

    उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि जिन नागरिकों को नोटिस तामील किए जाएंगे, उन्हें अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से संबंधित बूथ तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि सभी दावे एवं आपत्तियों का निष्पक्ष, प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 में मिथ्या घोषणा प्रस्तुत करने वालों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।

    डॉ. चौहान ने बताया कि 14 जुलाई को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार जिले में अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्ष 2003 एवं 2026 की मतदाता सूचियों के मिलान के दौरान विवरण में विसंगति, अपूर्ण जानकारी अथवा डेटा का सही मिलान न होने के कारण 5.47 लाख मतदाताओं को व्यक्तिगत नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें 3,95,772 मतदाताओं के विवरण में विसंगति तथा 1,52,170 मतदाताओं की मैपिंग नहीं होने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं।

    बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली सहित कांग्रेस के डॉ. जसविंदर सिंह, प्रशांत खंडूड़ी एवं सुनील जायसवाल, आम आदमी पार्टी के कमल राणा सहित वर्चुअल माध्यम से विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे।

  • राजकीय महाविद्यालयों में आयोजित होंगे प्रवेशोत्सवः डाॅ. धन सिंह रावत

    राजकीय महाविद्यालयों में आयोजित होंगे प्रवेशोत्सवः डाॅ. धन सिंह रावत

    देहरादून,
    उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी राजकीय महाविद्यालयों में नये शैक्षणिक सत्र शुरू होने पर प्रवेशोत्सव का आयोजन किया जायेगा। जिसमें नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं का स्वागत किया जायेगा। इसके अलावा महाविद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस व रोवर रेंजर्स की इकाईयां स्थापित की जायेगी, जिनमें प्रत्येक छात्र-छात्राओं को किसी न किसी इकाई में शामिल होने का मौका दिया जायेगा। छात्रों को नशा से दूर रखने के लिये सभी महाविद्यालयों में नशा मुक्ति अभियान भी चलाये जायेंगे।

    सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने नये शैक्षणिक सत्र के शुभारम्भ पर सभी राजकीय महाविद्यालयों में प्रवेशोत्सव आयोजित करने के निर्देश विभागीय उच्चाधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि प्रवेशोत्सव में नव आगंतुक छात्र-छात्राओं का भव्य स्वागत किया जायेगा ताकि उनके अंदर उच्च शिक्षा ग्रहण करने के प्रति विश्वास पैदा किया जा सके। डाॅ. रावत ने बताया कि राजकीय महाविद्यालयों में मानक पूर्ण होने की स्थिति में एनसीसी, एनएसएस एवं रोवर रेंजर में से किसी भी एक इकाई की स्थापना की जायेगी। जिनमें प्रत्येक छात्र-छात्रा को जोड़ने के लिये प्रेरित किया जायेगा। युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने के लिये महाविद्यालय स्तर पर नशा मुक्ति से संबंधित कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा। साथ ही विकसित भारत-2047 की थीम को लेकर भी अलग-अलग विषयों पर गोष्ठियों का आयोजन किया जायेगा। इसके लिये उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक को सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित करने को कहा गया है।

    बैठक में डाॅ. रावत ने अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के आधा दर्जन राजकीय महाविद्यालयों पाबौं, खिर्सू, थलीसैण, मजरा महादेव, उफरैंखाल एवं व्यावसायिक महाविद्यालय बनास पैठाणी की विस्तृत समीक्षा की। जिसमें भवन निर्माण, शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों की स्थिति, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, फर्नीचर, विद्युत, पेयजल, खेल मैदान एवं सामग्री आदि की समीक्षा की। उन्होंने सभी प्राचार्यों एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी महाविद्यालयों में निर्माण कार्यों को नियत समय पर पूर्ण कराया जाय तथा नव निर्मित छात्रावासों में इसी सत्र से छात्र-छात्राओं के रहने की व्यवस्था की जाय। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो कार्यदायी संस्था समय पर निर्माण कार्य पूर्ण नहीं करेगी उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी महाविद्यालयों के नये भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाये जाय। उन्होंने महाविद्यालयों में शौर्य दीवार, मां सरस्वती व स्वामी विवेकानंद की मूर्ति की भी स्थापना करने को कहा है।

    बैठक में अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, निदेशक उच्च शिक्षा वी.एन. खाली, संयुक्त सचिव प्रदीप नौटियाल, संयुक्त निदेशक संगीता गुप्ता, उप सचिव दीपक कुमार, प्राचार्य मजरा महादेव महाविद्यालय डाॅ. संजेश कुमार, प्राचार्य उफरैंखाल महाविद्यालय प्रो. अरविंद सिंह, प्राचार्य व्यावसायिक महाविद्यालय बनास पैठाणी प्रो. के.के. अग्रवाल, प्राचार्य पाबौं महाविद्यालय प्रो. एस.पी. शर्मा, प्राचार्य थलीसैण महाविद्यालय प्रो. वाई.सी. सिंह, उप निदेशक आर.एस. भाकुनी, सहायक निदेशक प्रो. गोविंद पाठक सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ’

    एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ’

    देहरादून।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, देहरादून में आयोजित एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों का देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा सभी खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गौरव का विषय है कि प्रदेश को एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से उत्तराखंड की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीतकालीन एवं आइस स्पोर्ट्स के लिए एक अनुकूल गंतव्य के रूप में और मजबूत होगी। खेल दुनिया को जोड़ने का माध्यम हैं और ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन विभिन्न देशों के बीच मित्रता, सद्भाव और खेल भावना को मजबूत करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए जीत और हार खेल के दो पहलू हैं, लेकिन वास्तविक सफलता खेल भावना, अनुशासन, समर्पण और कभी हार न मानने वाली दृढ़ इच्छाशक्ति में निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ खेल भावना की भी मिसाल पेश करेंगे और यहां से शानदार अनुभव एवं मधुर स्मृतियां लेकर लौटेंगे।

    मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े सभी आयोजकों, प्रशिक्षकों, तकनीकी अधिकारियों और सहयोगियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के साथ ही उत्तराखंड में खेल पर्यटन की संभावनाओं को भी नई गति प्रदान करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर सोच और वातावरण में व्यापक बदलाव आया है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों ने देशभर में खेल संस्कृति को मजबूत किया है। आज भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पिछले वर्ष प्रदेश में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय खेलों के माध्यम से प्रदेश में आधुनिक एवं विश्वस्तरीय खेल अवस्थापना का मजबूत आधार तैयार हुआ है। इसी का परिणाम है कि उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सक्षम हो रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके तहत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी, जहां खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हल्द्वानी में प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी तेजी से कार्य चल रहा है, जबकि लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रारंभ हो चुका है।

    उन्होंने कहा कि राज्य की नई खेल नीति के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्तियों के साथ ही आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में निःशुल्क शिक्षा एवं प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना और खेल किट योजना जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारंपरिक खेलों के साथ-साथ वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स, विंटर स्पोर्ट्स और आइस स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा दे रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए पसंदीदा खेल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो।

    एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 का आयोजन 17 से 20 अगस्त तक महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है।

    इस अवसर पर विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, एशियन स्केटिंग यूनियन के अध्यक्ष श्री म्योंग ही चांग, आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष श्री अमिताभ शर्मा, विशेष प्रमुख सचिव खेल श्री अमित सिन्हा, निदेशक खेल सुश्री दीप्ति सिंह एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

  • नई दिल्ली में NICDIT की शीर्ष मॉनिटरिंग बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने वर्चुअल प्रतिभाग किया

    नई दिल्ली में NICDIT की शीर्ष मॉनिटरिंग बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने वर्चुअल प्रतिभाग किया

    देहरादून।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास से नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की तृतीय शीर्ष मॉनिटरिंग बैठक में वर्चुअल प्रतिभाग किया। बैठक में देश में औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति, उनके समयबद्ध क्रियान्वयन तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास की समीक्षा की गई।

    बैठक में मुख्यमंत्री श्री धामी ने उत्तराखण्ड में विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC), खुरपिया की प्रगति एवं राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार IMC खुरपिया को प्रदेश के औद्योगिक विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने और इसके समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं सफल विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के लिए निर्धारित 1,002 एकड़ भूमि पूरी तरह NUITL के कब्जे में है और वर्तमान में परियोजना स्थल पर किसी प्रकार की बाधा नहीं है। इससे परियोजना के निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक आधार तैयार हो चुका है।

    उन्होंने बताया कि IMC खुरपिया के विकास के लिए EPC अनुबंध 20 मार्च 2026 को निष्पादित किया जा चुका है और निर्माण कार्य भी प्रारम्भ हो गया है। परियोजना के तहत कुल 24.1 किलोमीटर Right of Way (ROW) को क्लियर कर EPC ठेकेदार को उपलब्ध करा दिया गया है, जिसके बाद सड़क निर्माण सहित अन्य आवश्यक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।

    *बाह्य अवसंरचना के विकास पर राज्य सरकार का विशेष फोकस*

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बड़े औद्योगिक क्लस्टर की सफलता केवल औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसके लिए मजबूत कनेक्टिविटी, विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति और आधुनिक ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर का होना अत्यंत आवश्यक है। इसी दृष्टि से राज्य सरकार द्वारा IMC खुरपिया की बाह्य अवसंरचना को मजबूत करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नागला-किच्छा SH-44 के लगभग 10.7 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन किए जाने के लिए आवश्यक समन्वय एवं कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। यह मार्ग IMC खुरपिया को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री धामी ने यह भी बताया कि परियोजना के लिए निर्बाध एवं पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में PITCUL द्वारा 400/220 केवी उपकेंद्र के समयबद्ध निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही एवं समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजबूत विद्युत एवं सड़क कनेक्टिविटी IMC खुरपिया में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए एक मजबूत आधार उपलब्ध कराएगी।

    *दिसंबर 2028 तक ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा करने का लक्ष्य*

    मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि IMC खुरपिया के ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों को दिसंबर 2028 तक समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के प्रत्येक चरण की निरंतर निगरानी, विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और गति बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि IMC खुरपिया उत्तराखण्ड में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि परियोजना के विकास के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर प्राप्त हों और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो।

    मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतारने के लिए भारत सरकार तथा NICDIT/NICDC द्वारा गठित SPV से आवश्यक सहयोग एवं समन्वय की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से IMC खुरपिया को एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निवेश-अनुकूल औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार परियोजना से जुड़े सभी राज्य स्तरीय विषयों के समाधान के लिए तत्पर है और IMC खुरपिया के विकास में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए निरंतर निगरानी एवं प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि IMC खुरपिया आने वाले समय में उत्तराखण्ड के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप उत्तराखण्ड में आधुनिक औद्योगिक आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    इस अवसर पर सचिव श्री विनय शंकर पाण्डेय भी उपस्थित रहे

  • जिलाधिकारी, देहरादून महोदय के निर्देश पर मिली शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी श्री संतोष भट्ट को मौके पर भेजा गया।

    जिलाधिकारी, देहरादून महोदय के निर्देश पर मिली शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी श्री संतोष भट्ट को मौके पर भेजा गया।

    देहरादून।— जिलाधिकारी, देहरादून महोदय के निर्देश पर मिली शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी  संतोष भट्ट को मौके पर भेजा गया। जांच में ग्राम सोडा सिरौली में ऑर्डिनेंस गैस सेवा, रायपुर, देहरादून की घरेलू गैस वितरण गाड़ी की जांच की गई। जांच में पाया गया कि वाहन में कुल 26 घरेलू गैस सिलेंडर थे, जिनमें से 4 सिलेंडरों से लगभग 1 किलो से 6.5 किलो तक गैस निकाली जा चुकी थी, जबकि शेष 22 सिलेंडर पूरी तरह भरे हुए पाए गए। स्थानीय लोगों ने भी पुष्टि की कि वितरण कर्मियों द्वारा अवैध रूप से गैस निकाली जा रही थी, जिसका वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध कराया गया। मौके पर गैस स्थानांतरण में प्रयुक्त रिफिलर भी बरामद किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गैस वितरण वाहन को तत्काल जब्त कर विधिक कार्यवाही की गई। संबंधित कर्मचारी श्री जयप्रकाश पुत्र श्री प्रेमशंकर एवं श्री रटनेश श्री चंद्रपाल पुत्र के खिलाफ तथा ऑर्डिनेंस गैस सेवा, रायपुर देहरादून के विरुद्ध थाना रायपुर, जनपद देहरादून में मुकदमा दर्ज कराया गया। बरामद सभी 26 सिलेंडर सुरक्षित रूप से निकटवर्ती सहकारी गैस सेवा में जमा करा दिए गए हैं।
    जांच दल में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी श्री संतोष भट्ट तथा पूर्ति सहायक श्री विजय शामिल रहे।
    जिला पूर्ति अधिकारी, देहरादून श्री के. के. अग्रवाल ने अवगत कराया कि उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार कड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई निरंतर की जाएगी।

  • परिजनों की सोशल मीडिया पर गुहार का मुख्यमंत्री ने लिया स्वतः संज्ञान

    परिजनों की सोशल मीडिया पर गुहार का मुख्यमंत्री ने लिया स्वतः संज्ञान

    देहरादून।

    चमोली की नीति घाटी में भारी बारिश के चलते उफान पर आए तमक नाले में लापता हुए BRO के हवलदार पंकज की तलाश को लेकर उनके परिजनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परिजनों की इस गुहार का स्वतः संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हवलदार पंकज की तलाश के लिए चल रहे खोज एवं बचाव अभियान पर लगातार नजर रखी जाए और अभियान में हरसंभव तेजी लाई जाए। सेना, BRO, ITBP, पुलिस, जिला प्रशासन, NDRF एवं SDRF की टीमें लगातार खोज अभियान में जुटी हैं।

    हवलदार पंकज पिथौरागढ़ के निवासी हैं। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी ने उनके परिजनों से संवाद कर उन्हें प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भी परिवार से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है तथा खोज अभियान की प्रगति की निरंतर जानकारी ली जा रही है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हवलदार पंकज के परिजनों से भी दूरभाष पर वार्ता कर उनका हाल जाना तथा उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार इस कठिन घड़ी में पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने परिजनों को हवलदार पंकज की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने और परिवार को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हवलदार पंकज की तलाश के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है और परिवार को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ परिवार के साथ खड़ी है।