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  • लोनिवि मंत्री ने परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की बैठक में रखे कई सुझाव

    लोनिवि मंत्री ने परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की बैठक में रखे कई सुझाव

     

    देहरादून/दिल्ली। प्रमुख नदियों व्यास, रावी, भागीरथी, अलकनंदा, तीस्त आदि में वैज्ञानिक ढ़ग से ड्रेजिंग और बाढ़ सुरक्षा उपाय के लिए संयुक्त कार्य योजना पर चर्चा के लिए नई दिल्ली में हुई बैठक में प्रदेश के सिंचाई, लोक निर्माण, ग्रामीण निर्माण, पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति सतपाल महाराज ने उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे।

    नई दिल्ली स्थित ट्रांसपोर्ट भवन के सागर मंथन हाल में गुरुवार को परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय, वन पर्यावरण जलवायु परिवर्तन एवं जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में प्रमुख नदियों व्यास, रावी, भागीरथी, अलकनंदा, तीस्त आदि में वैज्ञानिक ढ़ग से ड्रेजिंग और बाढ़ सुरक्षा उपाय के लिए हुई बैठक में संयुक्त कार्य योजना पर चर्चा की गई। बैठक में प्रतिभा करते हुए प्रदेश के सिंचाई, लोक निर्माण, ग्रामीण निर्माण, पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति सतपाल महाराज ने महत्वपूर्ण सुझाव रखते हुए कहा कि उत्तरकाशी से गंगोत्री के मध्य लगभग 100 किलोमीटर का क्षेत्र पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस क्षेत्र में नदी तल पर भारी मात्रा में बोल्डर का प्रभाव होने पर कभी-कभी बोलेरो एवं रेट के मिश्रण का नदी तल पर जमाव हो जाता है जिससे नदी ताल का स्तर ऊंचा होने के साथ-साथ झील बनने की संभावना उत्पन्न हो जाती है इसलिए नदी किनारे स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग की ऊंचाई को बढ़ाए जाने पर विचार किया जाना चाहिए।

    बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री महाराज ने यह भी कहा कि हर्षिल के निकट निर्मित कृत्रिम झील से राजमार्ग 34 की सुरक्षा हेतु 200 मी का बांध बनाया गया है उसे स्थान पर राजमार्ग के लगभग 600 मी भाग में राजमार्ग को एक से डेढ़ मीटर तक ऊंचा उठाने की आवश्यकता है।

    बैठक के दौरान उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक पत्र भी सौंपा जिसमें श्री महाराज ने उत्तराखंड में प्रस्तावित टनकपुर-बागेश्वर, बागेश्वर-कर्णप्रयाग एवं ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल परियोजनाओं में रेलवे के साथ निर्मित होने वाली स्केप टनल को रेल मंत्रालय एवं सड़क परिवहन मंत्रालय की संयुक्त सहभागिता से न्यूनतम दो लेन मोटर वाहन यातायात हेतु उपयोगी बनाए जाने का प्रावधान किए जाने की भी बात कही है। इसके अलावा उन्होंने तिलवाड़ा-मायली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग को सुपर मार्ग के रूप में दो लेन में विकसित करने का भी अनुरोध किया है।

    बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की इस दौरान विभिन्न राज्यों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

     

  • दुबई चैंबर्स ने एजेंटीक एआई सहयोग को बढ़ावा देने और भारत के साथ निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए किए दो एमओयू

    दुबई चैंबर्स ने एजेंटीक एआई सहयोग को बढ़ावा देने और भारत के साथ निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए किए दो एमओयू

     

    देहरादून,: दुबई चैंबर्स ने बेंगलुरु के एक उच्च-स्तरीय दौरे के दौरान एजेंटीक एआई में सहयोग को आगे बढ़ाने, दुबई और भारत के बीच व्यापार तथा निवेश को मजबूत करने और व्यापार विस्तार का समर्थन करने के लिए दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये समझौते नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नैसकॉम) और फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफकेसीसीआई) के साथ किए गए हैं।
    इस दौरे के तहत, दुबई चैंबर्स के अध्यक्ष और सीईओ महामहिम मोहम्मद अली राशिद लूता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख भारतीय व्यापारिक संगठनों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ आठ बैठकें कीं। इस कार्यक्रम में नैसकॉम डीपटेक, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) कर्नाटक राज्य परिषद, एफकेसीसीआई और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) कर्नाटक राज्य परिषद के साथ संवाद शामिल थे।
    नैसकॉम के साथ किया गया समझौता ज्ञापन एजेंटीक एआई और डीपटेक में सहयोग के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है। इसका उद्देश्य दुबई में स्थापित होने और विस्तार करने की इच्छुक भारतीय कंपनियों के लिए बाजार तक पहुंच का समर्थन करना है। यह समझौता ज्ञान साझा करने, इकोसिस्टम से जुड़ाव, नवाचार पहल और रणनीतिक औद्योगिक सहयोग को भी बढ़ावा देता है।
    इसमें एआई-केंद्रित व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल, बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें, नेटवर्किंग कार्यक्रम और भारत तथा दुबई में कंपनियों और हितधारकों को जोड़ने के लिए तैयार किए गए अन्य संवाद शामिल हैं।
    दुबई चैंबर्स के अध्यक्ष और सीईओ, महामहिम मोहम्मद अली राशिद लूता ने बात करते हुए कहा, “भारतीय कंपनियां दुबई के विकास में महत्वपूर्ण भागीदार बनी हुई हैं और वे अमीरात का सबसे बड़ा विदेशी व्यापारिक समुदाय बनाती हैं। नैसकॉम और एफकेसीसीआई के साथ हमारे समझौते एजेंटीक एआई और डीपटेक में सहयोग को आगे बढ़ाकर, व्यापार व निवेश को मजबूत करके, और अधिक भारतीय कंपनियों को दुबई में स्थापित होने व विस्तार करने में समर्थन देकर इस मजबूत नींव को और भी सुदृढ़ करेंगे।”
    ये समझौते दुबई में भारतीय व्यवसायों की महत्वपूर्ण और बढ़ती उपस्थिति के आधार पर तैयार किए गए हैं। जून 2026 के अंत तक कुल 85,841 भारतीय कंपनियां दुबई चैंबर ऑफ कॉमर्स के सक्रिय सदस्यों के रूप में पंजीकृत थीं। यह साल-दर-साल 15% की वृद्धि को दर्शाता है। चैंबर ने 2026 की पहली छमाही के दौरान 7,579 नई भारतीय कंपनियों का भी स्वागत किया।
    दुबई और भारत के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों की सकारात्मक गति बढ़ते निवेश प्रवाह में परिलक्षित होती है। 2025 में दुबई में भारतीय प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) कुल 2.28 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। दुबई से भारत में निवेश 2016 और 2025 के बीच 147 परियोजनाओं में कुल 9.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जिससे 55,274 नौकरियां पैदा हुईं।
    बेंगलुरु यात्रा के हिस्से के रूप में, दुबई चैंबर्स ने चारों व्यापारिक संगठनों के सदस्यों के लिए विशेष गोलमेज सत्र आयोजित किए।

  • कक्षा V–XII के छात्रों और कक्षा XII पास कर चुके छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू

    कक्षा V–XII के छात्रों और कक्षा XII पास कर चुके छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू

     

     

    देहरादून : : फिजिक्सवाला PWNSAT 2026 JEE/NEET की तैयारी करने वाले टॉप 500 छात्रों को मुफ्त पढ़ाई और हॉस्टल, ₹2.5 करोड़ तक के कैश प्राइज का मौका । यह फिजिक्सवाला की हर साल होने वाली स्कॉलरशिप पहल है, जिसका मकसद JEE और NEET की तैयारी करने वाले छात्रों को सपोर्ट करना है। रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त है और कक्षा V से XII तक के छात्रों के साथ-साथ कक्षा XII पास कर चुके छात्र भी इसमें शामिल हो सकते हैं। यह सुविधा PCM और PCB, दोनों स्ट्रीम के छात्रों के लिए है।

    इस साल के PWNSAT के जरिए योग्य छात्रों को 100% तक ट्यूशन फीस की स्कॉलरशिप मिल सकती है और वे ₹2.5 करोड़ तक के कैश प्राइज जीत सकते हैं। इसके अलावा, स्कॉलरशिप प्रोग्राम के तहत टॉप 500 योग्य छात्रों को मुफ्त पढ़ाई और हॉस्टल की सुविधा भी दी जाएगी।

    PWNSAT 2026 ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों मोड में आयोजित किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र इसमें हिस्सा ले सकें। ऑनलाइन परीक्षा देने वाले छात्र 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 के बीच परीक्षा दे सकते हैं। वहीं, ऑफलाइन परीक्षा 3, 4, 10 और 11 अक्टूबर 2026 को देशभर के PW विद्यापीठ, पाठशाला और ट्यूशन सेंटरों में आयोजित की जाएगी। रिजल्ट की घोषणा बाद में की जाएगी।

    फिजिक्सवाला के शिक्षक, फाउंडर और CEO, अलख पांडे ने कहा, “अच्छी शिक्षा पाने का मौका किसी छात्र की आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं होना चाहिए। PWNSAT के जरिए हमारा मकसद छात्रों की कुछ आर्थिक परेशानियों को कम करना और उन्हें पढ़ाई से जुड़ी सही गाइडेंस देना है, ताकि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी तैयारी जारी रख सकें। हमें उम्मीद है कि यह पहल देशभर के ज्यादा से ज्यादा छात्रों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी और आर्थिक परेशानी उनकी राह में रुकावट नहीं बनेगी।”

    इस पहल के तहत PWNSAT 2026 में प्रदर्शन के आधार पर चुने गए कुछ छात्रों को एक्सक्लूसिव रैंकर्स ग्रुप के जरिए JEE और NEET की तैयारी में मदद के लिए अतिरिक्त अकादमिक मेंटरशिप और गाइडेंस भी दी जाएगी।

     

    अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें – विकास कुमार- 8057409636

  • जिला चिकित्सालय चंपावत में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण

    जिला चिकित्सालय चंपावत में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण

    देहरादून

    जिला चिकित्सालय चंपावत में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का गुरूवार को लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत को आदर्श जिला बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत उनके लिए केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की स्थापना से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। इस सुविधा के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को आवश्यक जीवनरक्षक रक्त घटक समय पर उपलब्ध हो सकेंगे। चंपावत जिले में पहली बार यह सुविधा उपलब्ध हुई है। इससे पहले कुमाऊं मंडल के जिला चिकित्सालयों में यह सुविधा रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में उपलब्ध थी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला चिकित्सालय चंपावत में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही सीटी स्कैन, एमआरआई और डायलिसिस यूनिट जैसी सुविधाएं स्थापित की जा चुकी हैं। जिला चिकित्सालय में लगभग 11.71 करोड़ रुपये की लागत से लोअर ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग तथा प्रथम एवं द्वितीय तल पर डायग्नोस्टिक विंग और ऑपरेशन थिएटर का निर्माण किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार ने चंपावत को आदर्श जिला बनाने का संकल्प लिया है और इस दिशा में विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में विभिन्न मोटर मार्गों के निर्माण एवं चौड़ीकरण के कार्यों के साथ ही जाम की समस्या के समाधान के लिए आधुनिक पार्किंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। चंपावत रोडवेज स्टेशन में 62 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। मां पूर्णागिरि धाम, रीठा साहिब और पर्यटन आवास गृह में भी पार्किंग सुविधाओं का विकास किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मजबूत आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। जिले में 66 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक सिटी ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। भूमिगत विद्युत लाइनों का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही 240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से जिले की पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। साइंस सेंटर, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और आधुनिक आईएसबीटी जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी चंपावत के विकास को नई दिशा प्रदान कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत को विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में उत्तराखंड का आदर्श मॉडल बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चंपावत के विकास का कोई भी सपना अधूरा नहीं रहने दिया जाएगा और जिले के प्रत्येक गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और जन-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जिला चिकित्सालय चंपावत में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की स्थापना से गंभीर एवं आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को आवश्यक रक्त घटक स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे। इससे मरीजों को समय पर उपचार मिलने के साथ ही उन्हें अन्य जिलों के अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी।

    इस अवसर पर सचिव स्वास्थ्य श्री विनय शंकर पाण्डेय, दायित्वधारी श्री सुभाष बगौली, विधायक प्रतिनिधि चंपावत श्री प्रकाश चन्द्र तिवारी, भाजपा नेता श्री सतीश पाण्डेय, वर्चुअल माध्यम से जिला पंचायत अध्यक्ष चंपावत श्री आनन्द सिंह अधिकारी, चम्पावत के भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गोविन्द सामन्त, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद चम्पावत श्रीमती प्रेमा पाण्डेय, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद लोहाघाट श्री गोविन्द वर्मा, दायित्वधारी श्री श्याम नारायण पाण्डेय, श्री मनोज कालाकोटी, श्री मुकेश महराना, श्रीमती हेमा जोशी, श्रीमती किरन देवी, बलॉक प्रमुख चम्पावत श्रीमती अंचला बोहरा, भाजपा के जिला महामंत्री  मुकेश कलखुड़िया एवं अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद थे।

  • मुख्यमंत्री धामी का लक्ष्य है “हर पात्र परिवार का हो अपना घर”

    मुख्यमंत्री धामी का लक्ष्य है “हर पात्र परिवार का हो अपना घर”

     

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू)  को नई गति दी है। जरूरतमंद पात्र परिवारों का अपने आशियाने का सपना साकार हो रहा है। आगामी दिसंबर माह तक 15 हजार से अधिक परिवारों को पक्की छत मिलने जा रही है। आवास विभाग ने लंबित आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अगले माह सितंबर तक की टाइम लाइन निर्धारित की है।

    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत हर पात्र परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने के लिए धामी सरकार प्रतिबद्ध है। सचिव आवास डॉ आर राजेश के अनुसार प्रदेश में कुल 18 परियोजनाओं के तहत 15496 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें लगभग 84 फीसदी यानी 12948 आवासों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। जबकि 1271 घरों की चाबियां भी लाभार्थियों को सौंपी जा चुकी है। इनमें 768 रुड़की और 503 लाभार्थी हरिद्वार के हैं। लंबित आवासीय परियोजनाओं को 30 सितंबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश कार्यदायी संस्थाओं को दिए गए हैं।

    *योजना के तहत कहां कितने आवास*

    *जनपद ऊधमसिंह नगर*
    योजना के तहत सर्वाधिक 10200 मकान ऊधमसिंह नगर जनपद में बनाए जा रहे हैं। इनमें रुद्रपुर हाउसिंग स्कीम के 1872 आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा 1264 आवास भवानीपुर (जसपुर), 1168 उकरौली-1 (सितारगंज), 864 उकरौली-2 (सितारगंज), 1256 कनकपुर (काशीपुर), 928 मटकोटा (रुद्रपुर), 928 श्यामनगर (गदरपुर), 824 महुवाखेड़ागंज, 512 मानपुर (काशीपुर) एवं 584 गंगापुर गोसाल (काशीपुर) में पात्र लाभार्थियों को मिलेंगे।

    *हरिद्वार*
    जनपद में कुल 4528 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है, इनमें 544 मंगलौर, 448 झब्बरपुर, 1152 अन्नेखी, 1088 बेल्दी (बेलड़ी, रुड़की), 768 आवास शिकारपुर एवं 528 इंद्रलोक आवासीय योजना के तहत बन रहे हैं।

    *नैनीताल*
    जनपद के उम्मेदनगर (रामनगर) में सभी 528 आवासीय इकाइयों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है।

    *देहरादून*
    जनपद में धौलास हाउसिंग स्कीम के तहत 240 में से 180 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।

    *कोट*——–

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के अनुरूप विकास योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। प्रदेश में हजारों गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को योजना का सीधा मिला है। पात्र परिवारों की मदद के लिए योजना में अब राज्य सरकार की हिस्सेदारी को ₹50 हजार से बढ़ाकर ₹75 हजार किया जा रहा है।

  • आयोग की पहल पर सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का खाका तैयार

    आयोग की पहल पर सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का खाका तैयार

     

    *देहरादून
    उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) श्री भगवत प्रसाद मकवाना की पहल पर सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर बुधवार को पंचायती राज निदेशालय, आईटी पार्क देहरादून में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सचिव शहरी विकास श्री नितेश कुमार झा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सफाई कर्मचारी यूनियनों के अध्यक्ष एवं महामंत्री, आयोग के सदस्यगण, नगर निकायों के आयुक्त तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष श्री भगवत प्रसाद मकवाना ने शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी एवं विस्तारित क्षेत्रफल के अनुरूप मानकों के तहत पर्यावरण मित्रों एवं पर्यवेक्षकों के नए स्थायी पद सृजित किए जाने तथा समाप्त किए गए पदों को पुनः बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने नगर निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों में सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती कराने की मांग रखी।

    उन्होंने कहा कि मोहल्ला स्वच्छता समितियों तथा आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों को उपनल कार्मिकों की तर्ज पर समान वेतन उपलब्ध कराया जाए। दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक एवं तदर्थ रूप से नियुक्त कार्मिकों में से विनियमितीकरण नियमावली-2025 के तहत 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को नियमित किए जाने की मांग भी रखी गई।

    आयोग के उपाध्यक्ष ने सफाई कार्य में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, मयूर विहार में वाल्मीकि छात्रावास एवं प्रशिक्षण केंद्र के लिए भूमि आवंटित करने, नमस्ते योजना के अंतर्गत सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे कर्मचारियों का पंजीकरण कराने तथा सफाई कर्मचारियों के लिए कल्याण कोष स्थापित करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों को भूमि एवं आवास की सुविधा, कैशलेस उपचार तथा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के स्थायी पदों का ढांचा स्वीकृत किए जाने की मांग रखी गई।

    *सफाई कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि सुनिश्चित करने पर जोर*
    सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा ने कहा कि शासन एवं निकायों के तंत्र में सफाई कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पद सृजन सहित शासन स्तर से संबंधित विषयों को शासन के संज्ञान में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के वेतन बैंड को एक इंडेक्स से लिंक करते हुए अन्य कार्मिकों की भांति वेतन वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

    उन्होंने सभी नगर आयुक्तों को निर्देश दिए कि आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों को भी निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और निकायों में सफाई कार्य में लगे कार्मिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यदि कहीं सुरक्षा उपकरणों की कमी का मामला सामने आता है तो उसका तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

    *हर सफाई कर्मचारी को ईएसआई, पीएफ और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश*
    सचिव ने प्रत्येक सफाई कर्मचारी को ईएसआई सुविधा एवं पीएफ का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए तत्काल समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को भूमि एवं आवास उपलब्ध कराने के संबंध में विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। निजी भूमि उपलब्ध होने वाले सफाई कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना में वरीयता देने तथा भवन निर्माण कर आवास उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।

    उन्होंने नगर निकायों के आयुक्तों को निर्देश दिए कि सभी सफाई कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने के लिए अगले तीन माह में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। साथ ही प्रत्येक सफाई कर्मचारी का वर्ष में कम से कम एक बार संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए और किसी बीमारी की पहचान होने पर समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए जल्द ही कल्याण कोष की स्थापना भी की जाएगी।

    बैठक के दौरान विभिन्न सफाई कर्मचारी यूनियनों के अध्यक्ष एवं महामंत्रियों ने सफाई कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं एवं मांगों को बैठक के समक्ष रखा। अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

    बैठक में निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, मुख्य नगर आयुक्त देहरादून आलोक पांडेय, मुख्य नगर आयुक्त हरिद्वार नंदन कुमार, निदेशक पंचायती राज निधि यादव, प्रभारी सचिव सफाई कर्मचारी आयोग विनोद कौर सहित प्रदेश के 12 सफाई कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष, महामंत्री एवं आयोग के सदस्यगण उपस्थित रहे।

     

  • भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत का उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने किया भव्य अभिनंदन

    भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत का उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने किया भव्य अभिनंदन

     

    देहरादून- : उत्तरांचल पंजाबी महासभा, जिला महानगर देहरादून की कार्यकारिणी द्वारा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व सांसद श्री तीरथ सिंह रावत जी को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर आज उनका शॉल ओढ़ाकर, माल्यार्पण एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

    इस अवसर पर उत्तरांचल पंजाबी महासभा की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर 14 अगस्त को मनाए जाने वाले ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के संबंध में देहरादून एवं हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी भी श्री तीरथ सिंह रावत जी को दी गई।

    महासभा के पदाधिकारियों ने बताया कि देहरादून में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर एक विशाल कार्यक्रम एवं श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें पंजाबी समाज की विभिन्न बिरादरियों, गुरुद्वारा कमेटियों, मंदिर समितियों तथा बड़ी संख्या में पंजाबी समाज से जुड़े लोगों ने भाग लिया। इस दौरान वर्ष 1947 के विभाजन के समय हुए नरसंहार में अपने प्राण गंवाने वाले पूर्वजों एवं शहीदात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा नई पीढ़ी को विभाजन की त्रासदी एवं उसके दर्दनाक इतिहास से अवगत कराने का संकल्प लिया गया।

    इसी क्रम में हरिद्वार स्थित प्रेमनगर आश्रम में राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उत्तराखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी, रुड़की विधायक एवं मंत्री श्री प्रदीप बत्रा जी, हरिद्वार के विधायक एवं मंत्री श्री मदन कौशिक जी, राज्य मंत्री (कैबिनेट स्तर) श्री विश्वास डाबर जी सहित सैकड़ों लोगों एवं पंजाबी समाज के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

    उत्तरांचल पंजाबी महासभा के पदाधिकारियों ने श्री तीरथ सिंह रावत जी को बताया कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले लाखों निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि देना, उनके संघर्ष एवं बलिदान को स्मरण करना तथा आने वाली पीढ़ियों को उस त्रासदी के इतिहास से परिचित कराना है।

    इस अवसर पर उत्तरांचल पंजाबी महासभा के जिला महानगर देहरादून अध्यक्ष बलदेव पराशर, एडवोकेट ने कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ श्री तीरथ सिंह रावत जी का शॉल ओढ़ाकर, माल्यार्पण एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। उनकी धर्मपत्नी एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. रश्मि रावत जी तथा उनकी सुपुत्री का भी मुँह मीठा कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

    कार्यक्रम में उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश संगठन मंत्री श्री जी. एस. आनंद जी, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री पी. एस. कोचर जी, जिला महानगर देहरादून के महामंत्री श्री गोविंद मोहन जी, वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती बबिता सहोत्रा जी, प्रतिष्ठित उद्योगपति, फिल्म अभिनेत्री एवं हिमाचल टाइम्स की संपादक एवं ओनर श्रीमती इंदिरा पांधी जी, विवेक भंडारी जी, पुनीत बग्गा जी, रवि वोहरा जी, मनोज धवन जी, सुरेंद्र घई जी, दिलबाग सिंह जी, डी. एन. दत्ता जी, प्रमोद गुलाटी जी, गुरप्रीत छाबड़ा जी सहित महासभा के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी तथा भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी का आभार व्यक्त किया। महासभा ने कहा कि उत्तराखंड के गौरव, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व सांसद श्री तीरथ सिंह रावत जी को भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया जाना उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है।

    महासभा के अध्यक्ष बलदेव पराशर, एडवोकेट ने कहा कि श्री तीरथ सिंह रावत जी का सरल, सहज एवं जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व सभी के लिए प्रेरणादायी है। राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से उत्तराखंड सहित पूरे प्रदेशवासियों में हर्ष का वातावरण है। उन्होंने श्री रावत जी को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव एवं मार्गदर्शन से संगठन और समाज को नई दिशा एवं ऊर्जा मिलेगी।

    उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने एक बार फिर श्री तीरथ सिंह रावत जी को हार्दिक बधाई एवं सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

    इस अवसर पर उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश संगठन मंत्री श्री जी. एस. आनंद जी, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री पी. एस. कोचर जी, जिला महानगर देहरादून के अध्यक्ष बलदेव पराशर, एडवोकेट, महामंत्री श्री गोविंद मोहन जी, वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती बबिता सहोत्रा जी, प्रतिष्ठित उद्योगपति, फिल्म अभिनेत्री एवं हिमाचल टाइम्स समाचार पत्र की संपादक एवं ओनर श्रीमती इंदिरा पांधी जी, विवेक भंडारी जी, पुनीत बग्गा जी, रवि वोहरा जी, मनोज धवन जी, सुरेंद्र घई जी, दिलबाग सिंह जी, डी. एन. दत्ता जी, प्रमोद गुलाटी जी, गुरप्रीत छाबड़ा जी, विजय कथूरिया, सुमन साहनी,मीनू चड्ढा नीरू छिब्बर,रेणु चड्ढा,किशन शर्मा,रजनी चड्ढा सहित महासभा के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

    — उत्तरांचल पंजाबी महासभा, जिला महानगर, देहरादून

  • उत्तराखंड बोर्ड ने घोषित किया परीक्षाफल सुधार परीक्षा का रिजल्ट

    उत्तराखंड बोर्ड ने घोषित किया परीक्षाफल सुधार परीक्षा का रिजल्ट

     

    रामनगर/देहरादून,
    उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद् ने हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परिषदीय परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2026 का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिये है। परीक्षाफल सुधार परीक्षा-2026 के तहत हाईस्कूल का कुल परीक्षा परिणाम 83.13 फीसदी रहा जबकि इण्टरमीडिएट में परीक्षा परिणाम 73.35 फीसदी रहा। इसके साथ ही अब बोर्ड परीक्षा के कुल परीक्षा परिणामों के आंकड़ों में भी वृद्धि हुई है।

    उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सभापति व निदेशक माध्यमिक शिक्षा वी.पी. सिमल्टी ने बताया कि बोर्ड ने हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परिषदीय परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2026 (प्रथम) एवं परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2025 (तृतीय) का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2026 (प्रथम) के तहत हाईस्कूल का कुल परीक्षाफल 83.13 फीसदी रहा। जिसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 82.61 प्रतिशत तथा बालिकाओं का 84.34 प्रतिशत रहा। इसी प्रकार इण्टरमीडिएट में कुल परीक्षाफल 73.35 फसदी रहा। जिसमें बालकों का उत्तीण प्रतिशत 71.20 प्रतिशत तथा बालिकाओं का 76.07 प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि परीक्षाफल सुधार परीक्षा के उपरांत बोर्ड परीक्षा के कुल परीक्षा परिणामों के आंकड़ों में भी वृद्धि हुई है। जिसके तहत हाईस्कूल का कुल परीक्षाफल 92.10 फीसदी से बढ़कर 96.07 फीसदी हो गया है, जिसमें 93.94 फीसदी बालक व 98.14 फीसदी बालिकाएं हैं। इसी प्रकार इण्टरमीडिएट में भी उत्तीर्ण प्रतिशत में जबरदस्त उछाल आया है। पहले जहां 85.11 फीसदी छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुई अब इनकी संख्या बढ़कर 91.80 फीसदी हो गई है। जिसमें 89.26 फीसदी बालक और 94.16 फीसदी बालिकाएं शामिल हैं।

    परिसद के सभापति वी.पी. सिमल्टी ने बताया कि बोर्ड ने परीक्षाफल सुधार परीक्षा 2025 (तृतीय) के परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिये हैं। जिसमें हाईस्कूल का कुल परीक्षा परिणाम 66.67 फीसदी रहा। जिसमें बालकों का परीक्षाफल 71.88 फीसदी तथा बालिकाओं का 57.89 फीसदी रहा। इसी प्रकार इण्टरमीडिएट का कुल परीक्षा परिणाम 58.70 फीसदी रहा। जिसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 61.54 तथा बालिकाओं का 55.00 फीसदी रहा।

    *बयान-*
    परीक्षाफल सुधार परीक्षा उन छात्र-छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो मुख्य बोर्ड परीक्षा में किसी विषय में अनुत्तीर्ण रह गये हों या फिर अपने अंकों में सुधार करना चाहते हों। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपनी मेहनत के बल पर बेहतर परिणाम प्राप्त करने का एक और अवसर मिलता है। परीक्षाफल सुधार परीक्षा में उत्तीर्ण सभी छात्र-छात्राओं एंव उनके अभिभावकों को बधाई व शुभकामनाएं। – *डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।*

     

  • आज फिर अंकिता हत्याकांड के सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

    आज फिर अंकिता हत्याकांड के सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

     

     

    देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में आज एक बार फिर सभी आरोपियों की जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी। प्रदेश सरकार की ओर से की गई मजबूत और प्रभावी पैरवी के चलते आरोपियों को कोई राहत नहीं मिल सकी। यह एक बार फिर स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बेटी अंकिता को न्याय दिलाने और दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा सुनिश्चित करने के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है।

    अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को उम्रकैद की सजा मिलना इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने इस संवेदनशील प्रकरण में पहले दिन से लेकर न्यायालय के अंतिम फैसले तक अपराधियों को कठोर सजा दिलाने के लिए पूरी गंभीरता और मजबूती से कार्य किया।

    घटना सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। 24 घंटे के भीतर आरोपियों को जेल भेजा गया और मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई।

    जांच के दौरान करीब 500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट तैयार की गई, जिसमें लगभग 100 गवाहों के बयान सहित महत्वपूर्ण साक्ष्यों को शामिल किया गया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष द्वारा लगातार मजबूती से पैरवी की गई, जिसके चलते आरोपियों की जमानत अर्जियां बार-बार खारिज हुईं और वे मुकदमे के दौरान सलाखों के पीछे रहे। मजबूत जांच और प्रभावी अभियोजन के परिणामस्वरूप अंततः अंकिता के कातिलों को उम्रकैद की सजा मिली।

    प्रदेश सरकार ने पूरी प्रक्रिया के दौरान अंकिता के माता-पिता और परिवार की भावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। परिजनों की मांग के अनुरूप तीन बार सरकारी अधिवक्ता बदले गए। इतना ही नहीं, अंकिता के माता-पिता द्वारा सीबीआई जांच की मांग किए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रकरण की सीबीआई जांच के आदेश भी दिए।

    सरकार ने परिवार को संबल प्रदान करने के लिए ₹25 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। इसके साथ ही दिवंगत अंकिता के भाई और उनके पिता को नौकरी प्रदान कर परिवार के साथ खड़े होने की अपनी प्रतिबद्धता को भी पूरा किया।

    इस पूरे प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का रुख पहले दिन से स्पष्ट रहा कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के कठघरे तक पहुंचाकर कठोरतम सजा दिलाई जाएगी। जांच को लेकर उठाए गए सवालों के बीच न्यायिक स्तर पर भी जांच प्रक्रिया को संतोषजनक माना गया और मजबूत अभियोजन के परिणामस्वरूप दोषियों को सजा तक पहुंचाया गया।

    वहीं तथाकथित ‘VIP’ के नाम पर कांग्रेस और अन्य संगठन के लोगों द्वारा भी लगातार सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया। यदि इस संबंध में किसी के पास कोई ठोस तथ्य अथवा साक्ष्य था, तो उसे जांच एजेंसियों और न्यायालय के समक्ष रखा जाना चाहिए था। अदालत के बाहर राजनीतिक लाभ के लिए आरोप लगाना और जनता को भ्रमित करना न्याय की लड़ाई नहीं, बल्कि बेटी अंकिता से जुड़े अत्यंत संवेदनशील प्रकरण का राजनीतिक इस्तेमाल है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले दिन ही स्पष्ट कर दिया था कि बेटी अंकिता को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्वरित गिरफ्तारी, एसआईटी जांच, मजबूत चार्जशीट, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, आरोपियों को जमानत न मिलने देना, परिवार की मांग के अनुसार अभियोजन व्यवस्था में बदलाव, आर्थिक सहायता और रोजगार से लेकर माता-पिता की मांग पर सीबीआई जांच के आदेश तक—सरकार ने हर स्तर पर संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ निर्णय लिए।

    अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई में धामी सरकार केवल आश्वासनों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कार्रवाई, मजबूत पैरवी और निर्णायक परिणाम के साथ परिवार के साथ खड़ी रही।

  • मेरें सपनों का उत्तराखंड’’ में अब तक 35 हज़ार से अधिक विद्यार्थियों ने पोर्टल पर अपलोड किए निबंध 11-12 के विद्यार्थियों ने 8 विषयों पर किया फोकस, विद्यार्थियों में उत्साह

    मेरें सपनों का उत्तराखंड’’ में अब तक 35 हज़ार से अधिक विद्यार्थियों ने पोर्टल पर अपलोड किए निबंध 11-12 के विद्यार्थियों ने 8 विषयों पर किया फोकस, विद्यार्थियों में उत्साह

    ‘देहरादून।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आह्वान पर ‘‘सीएम विद्यार्थी मंथन डॉट कॉम’’ पोर्टल पर अभी तक 35 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने अपने निबंध लिख कर अपलोड कर दिए है।

    उल्लेखनीय है कि पिछली 10 अगस्त को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 11-12 वीं  के करीब तीन लाख विद्यार्थियों के साथ ऑनलाइन मंथन करते हुए उन्हें राज्य के विकास में अपने विजन को एक निबंध के रूप में ऑनलाइन भेजने का आह्वान किया था।

    सीएम धामी ने युवा विद्यार्थियों से पर्यटन, रोजगार, सामाजिक विकास, वन पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी आदि विषयों पर अपने विचार साझा करने को ‘‘मेरे सपनों का उत्तराखंड‘‘ अभियान में शामिल होने की बात करते हुए कहा था कि उनके द्वारा स्वयं ऐसे विचारों का अवलोकन करते हुए उन्हें राज्य की पॉलिसी में शामिल किया जाएगा। स्मरण रहे कि सीएम धामी ने 140 श्रेष्ठ विचार लिखने वाले युवा विद्यार्थियों के साथ अपने शासन के सचिवों के साथ विचार विमर्श करने और स्वयं के साथ भी अनुभव साझा करने की बात कही थी।

    धामी सरकार ने ऐसे श्रेष्ठ विद्यार्थियों को उनके कैरियर में, परीक्षा तैयारियों में स्कॉलरशिप देने की भी घोषणा की हैं साथ ही अन्य पुरस्कार भी अपनी ओर से दिए जाने की बात कही थी। जिसके उपरांत इस अभियान में पूरे राज्य से ऑनलाइन प्रविष्टियां आने लगी है, जिसकी संख्या 35 हजार से अधिक हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक निबंध प्रविष्टि अपलोड करते ही विद्यार्थी को प्रमाण पत्र भी मिल रहा है जिससे उनमें इस अभियान में शामिल होने का जोश जुनून बना हुआ है।

    इस अभियान के संयोजक डॉ राहुल अग्रवाल ने बताया कि ऐसा अभियान देश ने पहली बार हो रहा है जिसमें जेन जी और अल्फा दोनों जेनरेशन हिस्सा ले रही है। उन्होंने बताया कि इस अभियान को सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों का समर्थन मिल रहा है और हर मिनट में राज्य के किसी न किसी कोने से निबंध पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे है।उन्होंने बताया कि 24 अगस्त तक निबंध को पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि है।

    जानकारी के मुताबिक सीएम पुष्कर सिंह धामी भी स्वयं इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे है और प्रतिदिन इसकी समीक्षा कर रहे है जो ये दर्शाता है कि सीएम धामी ने इस विजन निबंध अभियान को कितनी अहमियत दी है।