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  • मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

    देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी माँ भारती के उपासक, राष्ट्रवादी चिंतक, प्रखर वक्ता, प्रख्यात कवि और लोकतांत्रिक मूल्यों के सजग प्रहरी थे। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रसेवा, सुशासन, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक आदर्शों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी ने राजनीति में उच्च आदर्शों और मूल्यों की स्थापना की। उन्होंने देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त बनाने के साथ ही भारत को विश्व पटल पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी दूरदर्शी सोच, सरल एवं सहज व्यक्तित्व तथा राष्ट्रहित के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।

  • मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी आज जनपद नैनीताल के भ्रमण पर राजकीय इंटर कॉलेज लाखनमंडी चोरगलिया पंहुचे

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी आज जनपद नैनीताल के भ्रमण पर राजकीय इंटर कॉलेज लाखनमंडी चोरगलिया पंहुचे

    हल्द्वानी(चोरगलिया) 1

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी आज जनपद नैनीताल के भ्रमण पर राजकीय इंटर कॉलेज लाखनमंडी चोरगलिया पंहुचे, जहॉं हैलीपैड में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक लालकुआं डॉ मोहन सिंह बिष्ट, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल,उत्तराखंड सरकार में विभिन्न दायित्वधारी जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी एवं विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा उनका स्वागत किया गया।

    भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज लाखनमंडी में क्षेत्रीय जनता की समस्याओं को सुना गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से निस्तारित करें।
    मुख्यमंत्री ने जनता व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी कुलक्षेम पूछी व जनसमस्याएं सुनी । उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है,इसलिए जनता की समस्याओं का शीघ्रता से समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि छोटी छोटी समस्याओं के लिए किसी को भी बार-बार चक्कर न लगाना पड़े, इसका ध्यान रखें।

    तत्पश्चात मुख्यमंत्री द्वारा हल्द्वानी-चोरगलिया-
    सितारगंज मार्ग में शेर नाला में 993.00 लाख की लागत से नव निर्मित 120 मीटर स्पान डबल लेन आर सी सी कंक्रीट सेतु का लोकार्पण किया।

    बताते चलें कि शेर नाला उफान पर आने से मानसून सीजन में क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। आवागमन बाधित होने के साथ ही क्षेत्रीय जनता लंबी दूरी तय कर गंतव्य तक पहुंचती थी। ऐसे में नव निर्मित 120 मीटर स्पान डबल लेन आरसीसी कंक्रीट सेतु के लोकार्पण से क्षेत्रीय जनता के साथ साथ पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी। क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हृदय से आभार जताया है।

    इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट,कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा,विधायक लालकुआं डॉ मोहन सिंह बिष्ट,सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी आदि मौजूद रहे।

  • स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य सचिव ने सुशासन, विकसित उत्तराखण्ड और हिमालय संरक्षण का लिया संकल्प

    स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य सचिव ने सुशासन, विकसित उत्तराखण्ड और हिमालय संरक्षण का लिया संकल्प

    देहरादून।

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सचिवालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड श्री आनन्द बर्द्धन ने प्रदेशवासियों, सचिवालय परिवार, उत्तराखण्ड पुलिस एवं पीएसी के जवानों, राजकीय इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

    मुख्य सचिव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करने का दिन है, जिनके संघर्ष से आज भारत एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और संप्रभु राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। स्वतंत्रता हमें विरासत में मिली है, लेकिन राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी की है।
    उन्होंने कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी एवं सामरिक क्षेत्रों में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। भारत के वैज्ञानिक अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर रहे हैं, युवा विश्वभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं और डिजिटल तकनीक ने शासन एवं नागरिक सेवाओं के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन किया है। अब हमारा लक्ष्य ऐसा समावेशी, सतत और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है, जिसमें प्रत्येक नागरिक को समान अवसर मिले और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

    25 वर्ष के उत्तराखण्ड में उपलब्धियों के साथ चुनौतियों पर भी ध्यान जरूरी

    मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड की 25 वर्षों की यात्रा आत्मावलोकन और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। राज्य का गठन केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं था, बल्कि इसके पीछे पर्वतीय क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं, भौगोलिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियों और विकास की आकांक्षाओं का लंबा संघर्ष रहा है। उन्होंने कहा कि इन 25 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसके बावजूद पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन, रोजगार के पर्याप्त अवसरों का सृजन, दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं शिक्षा की पहुंच, आपदा जोखिम को कम करना, जल स्रोतों का संरक्षण और हिमालयी पारिस्थितिकी की रक्षा जैसी चुनौतियों पर निरंतर कार्य करने की आवश्यकता है।

    विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखण्ड का लक्ष्य

    मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सफलता में उत्तराखण्ड की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारा लक्ष्य ‘विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखण्ड’ होना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि विकसित उत्तराखण्ड का अर्थ केवल बड़े शहरों और बड़ी परियोजनाओं से नहीं है। विकसित उत्तराखण्ड वह होगा, जहां पहाड़ का युवा अपने गांव में रहकर सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सके, महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हों, प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रत्येक नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। गांव सड़क, इंटरनेट और आधुनिक सुविधाओं से जुड़े हों तथा विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक बनें।

    सुशासन और परिणाम आधारित प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुख्य सचिव ने कहा कि सचिवालय राज्य शासन का मस्तिष्क है और यहां लिए गए प्रत्येक निर्णय का प्रभाव प्रदेश के गांव-गांव और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचता है। इसलिए प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि सरकार का प्रत्येक निर्णय नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि प्रशासन को केवल योजनाओं और फाइलों तक सीमित न रखते हुए ‘फाइल डिस्पोजल’ से आगे ‘आउटकम डिलीवरी’ की ओर ले जाना होगा। प्रशासन की सफलता इस बात से तय होगी कि सरकारी निर्णयों और योजनाओं से लोगों के जीवन में कितना वास्तविक सुधार आया। उन्होंने ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ की भावना के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, डाटा एनालिटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से प्रशासन को अधिक तेज, पारदर्शी, संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित बनाया जाना चाहिए।

    मुख्य सचिव ने सचिवालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि वे स्वयं को केवल सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि लोक सेवक मानें। उन्होंने कहा कि उनके पास जो अधिकार हैं, वे व्यक्तिगत अधिकार नहीं बल्कि जनता द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारियां हैं। कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को केवल एक केस या फाइल के रूप में नहीं, बल्कि उसकी आशाओं, अपेक्षाओं और परिवार से जुड़े व्यक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए।

    स्थानीय अर्थव्यवस्था और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा  दिया जाए

    मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड की वास्तविक शक्ति हमारे गांवों, महिलाओं, युवाओं और प्राकृतिक संपदा में है। पर्वतीय अर्थव्यवस्था के ऐसे मॉडल विकसित करने की आवश्यकता है, जो स्थानीय परिस्थितियों पर आधारित हों और स्थानीय उत्पादन को वैश्विक बाजार से जोड़ें। उन्होंने मिलेट्स, स्थानीय कृषि उत्पाद, बागवानी, औषधीय एवं सुगंधित पौधों, हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद तथा पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों ने इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है और अब इन्हें केवल आजीविका समूहों तक सीमित न रखते हुए ग्रामीण उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

    युवाओं के लिए रोजगार के साथ उद्यमिता के अवसर

    मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने—यह हमारा लक्ष्य होना चाहिए। स्टार्टअप, नवाचार, पर्यटन, आईटी, नवीकरणीय ऊर्जा, क्रिएटिव इकोनॉमी और उद्यमिता के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर विकसित करने होंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि उत्तराखण्ड का युवा रोजगार के लिए केवल देहरादून, दिल्ली, चंडीगढ़ या बेंगलुरु की ओर न देखे, बल्कि रोजगार और उद्यम के अवसर पहाड़ तक पहुंचें और प्रतिभा पहाड़ से बाहर जाने के बजाय यहीं अवसर प्राप्त करे।

  • मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण किया।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण किया।

    देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण से पहले मुख्यमंत्री एवं उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा मां भारती की रक्षा के लिए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन करते हुए उनका स्मरण किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर बलिदानियों ने जिस सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ योगदान देना होगा। सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से ही देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के समग्र, संतुलित और सतत विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में सभी के सहयोग और सहभागिता से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है।

  • वीपीएचईपी, पीपलकोटी के टेल रेस टनल हादसे में मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख एवं घायलों को ₹1 लाख की अनुग्रह राशि देगा टीएचडीसी इंडिया लि.

    वीपीएचईपी, पीपलकोटी के टेल रेस टनल हादसे में मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख एवं घायलों को ₹1 लाख की अनुग्रह राशि देगा टीएचडीसी इंडिया लि.

     

    ऋषिकेश, : विष्णुगाड़–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (VPHEP) के टेल रेस टनल (TRT) में 13 अगस्त 2026 को हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के दृष्टिगत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) द्वारा प्रत्येक मृतक श्रमिक के निकटतम परिजन (Next of Kin) को ₹5 लाख तथा प्रत्येक घायल श्रमिक को ₹1 लाख की अनुग्रह राशि प्रदान की जायेगी।

    THDCIL प्रबंधन इस दुखद दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा शोक एवं दुःख व्यक्त करता है तथा दिवंगत श्रमिकों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट करता हैं। इस कठिन एवं पीड़ादायक समय में टीएचडीसीआईएल प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है और उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।

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  • मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने टीएचडीसी टनल हादसे का किया स्थलीय निरीक्षण, रेस्क्यू अभियान का लिया जायजा

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टीएचडीसी टनल हादसे का किया स्थलीय निरीक्षण, रेस्क्यू अभियान का लिया जायजा

    देहरादून।

    मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा अधिकारियों एवं बचाव दलों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने टनल के अंदर जाकर बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लिया और रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों से मौके पर आवश्यक जानकारी ली।

    टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित सभी टीमों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा टनल में फंसे शेष 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए।

    जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को घटनाक्रम, अब तक किए गए रेस्क्यू तथा मौके पर संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि टनल में फंसे 22 लोगों में से अब तक 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि शेष 3 लोगों की तलाश एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। घटना में अभी तक 7 लोगों की दुखद मृत्यु की सूचना है।

    रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है, जहां स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका उपचार एवं स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेस्क्यू अभियान के साथ-साथ घायलों के उपचार, परिजनों की सहायता एवं घटनास्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी न हो। उन्होंने बचाव दलों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अभियान को पूरी गंभीरता एवं सावधानी के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।

    इस दौरान काबीना मंत्री एवं प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री हरक सिंह, पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष आरती नवानी, सभासद राजा जोशी, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडेय, चंद्रशेखर वशिष्ठ सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।

  • घायल श्रमिकों से मिले मुख्यमंत्री, जिला अस्पताल में जाना कुशलक्षेम

    घायल श्रमिकों से मिले मुख्यमंत्री, जिला अस्पताल में जाना कुशलक्षेम

    देहरादून।

    मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की स्थिति का जायजा लेने के उपरांत जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे। यहां उन्होंने रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनसे बातचीत की।

    मुख्यमंत्री ने श्रमिकों से उनके स्वास्थ्य एवं उपचार के बारे में जानकारी ली तथा अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा व्यवस्थाओं के संबंध में चिकित्सकों से भी जानकारी प्राप्त की।

    मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को घायल श्रमिकों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा उनके उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घायल श्रमिकों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जाए और आवश्यकतानुसार उन्हें सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रत्येक व्यक्ति की जान हमारे लिए बहुत कीमती है। इसके लिए हमारे पास जितने भी साधन उपलब्ध हैं, उन सभी का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और रेस्क्यू अभियान में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहने दी जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना में प्रभावित श्रमिकों के परिजनों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने के लिए संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी उन्होंने स्वयं वार्ता की है। साथ ही टनल दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

    इस दौरान बद्रीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. राजीव पाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • बेहद खराब मौसम के बीच भी पीपलकोटी पहुंचे मुख्यमंत्री धामी

    बेहद खराब मौसम के बीच भी पीपलकोटी पहुंचे मुख्यमंत्री धामी

    देहरादून।

    बेहद खराब मौसम के बीच मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी पीपलकोटी पहुंचे। प्रतिकूल मौसम के कारण हेलीकॉप्टर की लैंडिंग भी बेहद मुश्किल परिस्थितियों में हो सकी। मुख्यमंत्री टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।

    मुख्यमंत्री मौके पर मौजूद प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित सभी संबंधित एजेंसियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। इसके उपरांत मुख्यमंत्री रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम भी जानेंगे।

    टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी एजेंसियां युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं।

  • एलजी ने नए अल्ट्रा-लार्ज एआई टीवी और नेक्स्ट-जेनरेशन मिनी एलईडी तकनीक के साथ प्रीमियम टीवी पोर्टफोलियो का किया विस्तार

    एलजी ने नए अल्ट्रा-लार्ज एआई टीवी और नेक्स्ट-जेनरेशन मिनी एलईडी तकनीक के साथ प्रीमियम टीवी पोर्टफोलियो का किया विस्तार

     

    देहरादून, : एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड ने आज अपने 2026 एआई टीवी लाइनअप की घोषणा की है, जिसमें अल्ट्रा-लार्ज स्क्रीन और मिनी एलईडी तकनीक को इसकी प्रीमियम टेलीविज़न रणनीति के केंद्र में रखा गया है। चूंकि भारतीय उपभोक्ता तेजी से ओटीटी स्ट्रीमिंग, लाइव स्पोर्ट्स और गेमिंग के लिए बड़ी स्क्रीन की ओर रुख कर रहे हैं, इसलिए एलजी की क्यूएनईडी ईवो मिनी एलईडी रेंज इस लॉन्चिंग का मुख्य आकर्षण है। इसमें 292 सेमी (115-इंच) का फ्लैगशिप मॉडल शामिल है, जो एलजी द्वारा भारतीय बाज़ार में अब तक पेश की गई सबसे बड़ी मिनी एलईडी स्क्रीन है।
    एलजी की 2026 टीवी रेंज में चार डिस्प्ले तकनीकों – क्यूएनईडी ईवो मिनी एलईडी, ओएलईडी ईवो, माइक्रो आरजीबी ईवो / मिनी आरजीबी ईवो, और नैनो 4के यूएचडी के तहत 25 अल्ट्रा-लार्ज (190 सेमी (75-इंच) और उससे अधिक) मॉडल शामिल हैं। ये भारतीय घरों के लिए बेहतरीन पिक्चर क्वालिटी, इंटेलिजेंट पर्सनलाइज़ेशन, शानदार साउंड और बेहतरीन गेमिंग अनुभव का संयोजन पेश करते हैं।
    एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के मीडिया एंटरटेनमेंट सॉल्यूशन के निदेशक, ब्रायन जंग ने कहा:”भारत में बड़ी स्क्रीन की मांग पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ी से बढ़ रही है, और मिनी एलईडी के ज़रिए हम इस मांग को बड़े पैमाने पर पूरा कर रहे हैं। इस साल की रेंज में हमारे 292 सेमी (115-इंच) के क्यूएनईडी ईवो मिनी एलईडी फ्लैगशिप टीवी के साथ-साथ ओएलईडी ईवो, माइक्रो आरजीबी ईवो और नैनो 4K यूएचडी पोर्टफोलियो शामिल हैं। इनके ज़रिए हम स्टेडियम जैसे स्पोर्ट्स अनुभव, सिनेमाई डिटेल्स और नेक्स्ट-जेनरेशन एआई प्रोसेसिंग को देश भर के लिविंग रूम तक पहुंचा रहे हैं।”

    2026 के लाइनअप में सबसे आगे एलजी की क्यूएनईडी ईवो मिनी एलईडी रेंज है, जिसका सबसे बड़ा साइज़ 292 सेमी (115-इंच) है और इसके चुनिंदा मॉडल्स अल्फा 8 एआई प्रोसेसर जेन3 द्वारा संचालित हैं। डायनामिक क्यूएनईडी कलर प्रो सर्टिफाइड 100% कलर वॉल्यूम देता है, जबकि प्रिसिजन डिमिंग अल्ट्रा सबसे बड़ी स्क्रीन पर गहरे कंट्रास्ट के लिए हज़ारों डिमिंग ज़ोन को कंट्रोल करता है।
    एलजी ओएलईडी ईवो जी6 और सी6 टीवी, अल्फा 11 डुअल एआई इंजन प्रोसेसर जेन3 द्वारा संचालित हैं। ये टीवी हाइपर रेडिएंट कलर टेक्नोलॉजी और ब्राइटनेस बूस्टर अल्ट्रा के बेहतरीन संयोजन के साथ आते हैं, जो एक साधारण ओएलईडी टीवी की तुलना में 3.9 गुना तक अधिक ब्राइटनेस देते हैं। इन दोनों ही टीवी में रिफ्लेक्शन फ्री प्रीमियम, डॉल्बी विज़न, डॉल्बी एटमॉस, एआई साउंड प्रो के साथ-साथ एनवीडिया जी-सिंक और एएमडी फ्रीसिंक प्रीमियम का सपोर्ट मिलता है। यह सब 3-साल की पैनल वारंटी के साथ आता है। एक ऑल-राउंडर ओएलईडी के तौर पर ओएलईडी बी6 इस अनुभव को और आगे बढ़ाता है। इसमें ब्राइट रूम रेडी परफॉरमेंस, परफेक्ट ब्लैक व परफेक्ट कलर वेरिफिकेशन और अल्फा 8 एआई प्रोसेसर जेन3 मिलता है।
    वहीं, मिनी आरजीबी ईवो (एमआरजीबी85) इन इनोवेशन को टैंडेम एलईडी तकनीक का इस्तेमाल कर अन्य प्रीमियम एलसीडी टीवी तक ले जाता है। रोज़मर्रा की 4के क्लैरिटी एलजी नैनो 4के यूएचडी टीवी एक प्रीमियम बड़ी स्क्रीन का अनुभव लाता है, जिसका मुख्य आकर्षण इसका विशाल 248 सेमी (98-इंच) का मॉडल है।
    एलजी का वेबओएस 26 प्लेटफॉर्म 2026 लाइनअप में एआई-आधारित पर्सनलाइज़ेशन फीचर्स जोड़ता है। वॉयस आईडी की मदद से टीवी अलग-अलग यूज़र्स को पहचान सकता है और अपने आप उनका पर्सनलाइज़्ड होम स्क्रीन लोड कर सकता है। एआई कंसीयज यूज़र के देखने की पसंद के आधार पर स्मार्ट सुझाव देता है।
    इस पूरे इकोसिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए ‘एलजी शील्ड’ का इस्तेमाल किया गया है, जो सीईएस 2026 इनोवेशन अवार्ड विजेता तकनीक है। इसके अतिरिक्त, एलजी गेमिंग पोर्टल एक्सबॉक्स क्लाउड गेमिंग जैसी क्लाउड गेमिंग सेवाओं तक पहुंच देता है, और एलजी चैनल्स कई भाषाओं में न्यूज़, एंटरटेनमेंट, म्यूज़िक, लाइफस्टाइल और डिवोशनल जैसी कैटेगरी में 150 से अधिक मुफ्त लाइव चैनल प्रदान करता है।

  • कालागढ़ मंडल के एक दिवसीय भ्रमण पर पहुंचीं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण, तिरंगा यात्रा में किया प्रतिभाग

    कालागढ़ मंडल के एक दिवसीय भ्रमण पर पहुंचीं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण, तिरंगा यात्रा में किया प्रतिभाग

    देहरादून।

    विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज कोटद्वार विधानसभा के कालागढ़ मंडल का एक दिवसीय भ्रमण किया। कालागढ़ पहुंचने पर क्षेत्रवासियों, भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया।

    कालागढ़ पहुंचने पर विधानसभा अध्यक्ष ने वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र का भी भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने वहां हाथी को केला खिलाया तथा वन्यजीवों के संरक्षण एवं देखभाल से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वन्यजीव और वन क्षेत्र हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं, जिनका संरक्षण पर्यावरणीय संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    इसके पश्चात विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने विद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं क्षेत्रवासियों के साथ रामगंगा भवन, कालागढ़ से रामलीला मैदान, कालागढ़ तक आयोजित तिरंगा यात्रा में प्रतिभाग किया। हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक यात्रा में भाग लिया। तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया तथा भारत माता की जय के नारों से वातावरण गूंज उठा।

    विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान और शान का प्रतीक है। युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम एवं देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के लिए इस प्रकार के आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

    इसके पश्चात मनोरंजन केंद्र, कालागढ़ में महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में क्षेत्र की 60 से अधिक महिलाओं को सम्मानित किया गया।

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मातृशक्ति समाज की आधारशिला है। महिलाएं परिवार के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, राजनीति, खेल, स्वरोजगार सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं का सम्मान और सशक्तीकरण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
    महिला सम्मान समारोह के दौरान कीर्तन मंडलियों एवं मंदिर समिति को कीर्तन से संबंधित आवश्यक सामग्री प्रदान कर सम्मानित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं हमारी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। कीर्तन एवं धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में आध्यात्मिकता, संस्कार, आपसी भाईचारे और सद्भाव की भावना को बढ़ावा मिलता है।

    कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने क्षेत्रवासियों से संवाद भी किया तथा कालागढ़ क्षेत्र से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
    कार्यक्रम का संचालन दीपक मंडोला ने किया।

    इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष मीनाक्षी चौधरी, विधायक प्रतिनिधि योगेश कुमार, युवा मोर्चा अध्यक्ष मयंक सिंह, जगदीश, कोमल सिंह, अंजु पाल, अनीता सैनी, पूर्व विधायक प्रतिनिधि शंकर सिंघल, राम कुमार, राकेश कटारिया, सुरेंद्र सिंह, मयंक माहेश्वरी, दीपक नेगी, पवन यादव, रामशरण, विक्रम सिंह, राजबाला सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, महिला समूहों की सदस्याएं, मंदिर समिति एवं कीर्तन मंडलियों के सदस्य तथा क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

    विधानसभा अध्यक्ष के कालागढ़ मंडल के एक दिवसीय भ्रमण के दौरान क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला। तिरंगा यात्रा के माध्यम से राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति का संदेश दिया गया, वहीं महिला सम्मान समारोह के माध्यम से मातृशक्ति के योगदान को सम्मानित किया गया। साथ ही वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र के भ्रमण के दौरान वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।