Category: स्वास्थ्य

  • टिहरी में चलेगा ‘नशे को ना, ज़िंदगी को हाँ’ अभियान, स्कूलों में मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित

    टिहरी में चलेगा ‘नशे को ना, ज़िंदगी को हाँ’ अभियान, स्कूलों में मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित

     

    टिहरी गढ़वाल
    जनपद टिहरी को नशा मुक्त बनाने और विद्यार्थियों को मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस संबंध में जनपद की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्वेता चौबे से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के प्रदेश सचिव कुलदीप नेगी ने शिष्टाचार भेंट कर अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की।
    बैठक के दौरान जनपद के विद्यालयों में मानवाधिकार संरक्षण एवं नशा मुक्ति विषयक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। एसएसपी श्वेता चौबे ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का नशे और अन्य व्यसनों से दूर रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरूक और स्वस्थ युवा ही समाज एवं राष्ट्र की प्रगति का आधार बन सकते हैं।
    वहीं, प्रदेश सचिव कुलदीप नेगी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी तभी सफल वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, खिलाड़ी या सामाजिक कार्यकर्ता बन सकता है, जब वह स्वस्थ जीवनशैली अपनाए और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहे।
    आयोग द्वारा जनपद स्तर पर विभिन्न टीमों का गठन किया गया है, जो पुलिस विभाग के सहयोग से जागरूकता अभियान की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेंगी। इसके तहत ‘नशे को ना, ज़िंदगी को हाँ’ अभियान चलाकर स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों तथा मानवाधिकारों के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।
    अभियान का उद्देश्य युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित करना, उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रेरित करना तथा नशा मुक्त और जागरूक समाज के निर्माण में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करना है।

  • फादर्स डे के अवसर पर देहरादून में प्रेस्टीज एक्सक्लुसिव का हुआ भव्य शुभारंभ

    फादर्स डे के अवसर पर देहरादून में प्रेस्टीज एक्सक्लुसिव का हुआ भव्य शुभारंभ

     

     

    देहरादून : : प्रेस्टीज एक्सक्लूसिव, देहरादून द्वारा फादर्स डे के शुभ अवसर पर “हर पिता के प्यार, ताकत और साथ का जश्न” मनाने हेतू “प्रेस्टीज एक्सक्लूसिव ग्रैंड ओपनिंग” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रेस्टीज एक्सक्लूसिव, स्काईकिंग, राजपुर रोड, जाखन में आयोजित हुआ। दूनवासियों के लिए घरेलू उपकरणों और किचन सॉल्यूशंस के क्षेत्र में एक नई सौगात लेकर आई हैं। जिसमें परिवारों के लिए मनोरंजक गतिविधियों, विशेष लॉन्च ऑफर्स और कई आकर्षक उपहारों की व्यवस्था की गई । शुभारंभ अवसर पर ग्राहकों को “एनीथिंग फॉर एनीथिंग” एक्सचेंज ऑफर के तहत किसी भी ब्रांड के पुराने उत्पाद के बदले नए उत्पादों पर 60 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिलेगा।

    कार्यक्रम की विशेष आकर्षण “स्पिन द व्हील” गतिविधि रही, जिसके माध्यम से ग्राहकों को 4,999 रुपये मूल्य का एयर फ्रायर जीतने का अवसर प्राप्त किया। इसके अलावा लॉन्च डे पर विशेष छूट, एक्सक्लूसिव ऑफर्स और परिवार के सभी सदस्यों के लिए मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

    कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रेस्टीज एक्सक्लूसिव का उद्देश्य ग्राहकों को आधुनिक किचन और घरेलू उपयोग के उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि देहरादून में ऐसा पहली बार हो रहा है कि प्रेस्टीज एक्सक्लूसिव की और से डोर स्टेप सेवा ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा। नया शोरूम ग्राहकों को प्रीमियम शॉपिंग अनुभव के साथ नवीनतम तकनीक और डिज़ाइन वाले उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध कराएगा।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर श्रीमती विनोद उनियाल, उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद्, उत्तराखण्ड, मौजूद रही वही प्रेस्टीज एक्सक्लूसिव की ओर से मोहित सेल्स मैनेजर, रचिता अग्रवाल, ऋतुराज द्विवेदी एवं नैहा खन्ना मौजूद रहें।

     

    अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें – विकास कुमार- 8057409636

  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर हजारों लोगों के साथ मुख्यमंत्री ने किया योगाभ्यास

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर हजारों लोगों के साथ मुख्यमंत्री ने किया योगाभ्यास

    देहरादून

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बनबसा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित योग साधकों, सशस्त्र सीमा बल के जवानों, छात्र-छात्राओं, युवाओं, मातृशक्ति एवं वरिष्ठ नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बताया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ शारदा की पावन भूमि पर आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों के साथ योगाभ्यास करने का अवसर प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। उन्होंने योग दिवस के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी योग प्रशिक्षकों, साधकों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि योग मन को स्थिरता प्रदान करता है तथा व्यक्ति को सकारात्मक, संतुलित एवं सफल जीवन की ओर अग्रसर करता है।
    उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, अवसाद और अस्वस्थ जीवनशैली से उत्पन्न चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार प्रणाली के रूप में कार्य कर रहा है। योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक एकाग्रता मजबूत होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने विश्वभर में मानवता को जोड़ने का कार्य किया है तथा भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के संदेश को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक पहचान मिली और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग से जुड़ चुके हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड योग, अध्यात्म और साधना की प्राचीन परंपराओं की भूमि है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा देश की पहली योग नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा योग, ध्यान एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध एवं अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित किए जा रहे हैं तथा सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बनबसा में राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य शारदा नदी तट पर भी योग एवं आध्यात्मिक साधना को व्यापक रूप से बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शारदा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से क्षेत्र को आध्यात्मिक एवं पर्यटन विकास की नई पहचान देने के लिए कार्य कर रही है। लगभग 3300 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना के अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। प्रथम चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्यों का शुभारंभ किया जा चुका है।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं तथा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी उत्तराखंड को योग का वैश्विक केंद्र बनाने के संकल्प को साकार करने में सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे।

    योग दिवस कार्यक्रम के अवसर पर कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री श्री भरत चौधरी, अध्यक्ष जिला पंचायत श्री आनंद सिंह अधिकारी, सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त कुमाऊं श्री दीपक रावत,सचिव आयुष श्रीमती रंजना राजगुरु,आईजी कुमाऊं श्रीमती निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी चम्पावत श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर श्री नितिन सिंह भदौरिया, पुलिस अधीक्षक उधमसिंह नगर श्री अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी मौजूद थे।

  • ब्रिटानिया टाइगर क्रंच की नई पहल ‘टाइगर हीरो हंट’

    ब्रिटानिया टाइगर क्रंच की नई पहल ‘टाइगर हीरो हंट’

     

    सहारनपुर- ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के ‘ब्रिटानिया टाइगर क्रंच’ ने ‘टाइगर हीरो हंट’ अभियान की शुरुआत की है। यह एक इंटरैक्टिव और इमर्सिव स्टोरीटेलिंग (कहानी सुनाने का अनूठा तरीका) अनुभव है, जिसका उद्देश्य बच्चों को बुलिंग की परिस्थितियों को पहचानने और उनके खिलाफ खड़े होने में मदद करना है।इस अभियान के तहत ब्रिटानिया टाइगर क्रंच ने 8 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए बड़े पैमाने पर एक ‘स्कूल जागरूकता कार्यक्रम’ आयोजित किया। इसके माध्यम से पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के 180 स्कूलों के 70,000 से अधिक छात्रों तक पहुंच बनाई गई। इस पहल ने बच्चों को बेहद सरल और सुलभ तरीके से बुलिंग जैसे गंभीर विषय पर खुलकर बात करने का मंच प्रदान किया।इस गतिविधि के जरिए बच्चों को बुलिंग की घटनाओं को पहचानने और उनके प्रति सहानुभूति, साहस व संवेदनशीलता के साथ प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक बच्चे को विशेष रूप से तैयार की गई एक कॉमिक स्ट्रिप दी गई, जिसमें अलग-अलग परिस्थितियां दिखाई गई थीं। बच्चों से इस कहानी को आगे बढ़ाने और यह चुनने के लिए कहा गया कि वे ऐसी स्थिति में क्या कदम उठाएंगे। इससे छात्रों को हर परिस्थिति पर गहराई से विचार करने और सकारात्मक समाधान खोजने का अवसर मिला।इस कार्यक्रम को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए ‘टाइगर’ मैस्कॉट ने खुद स्कूलों का दौरा कर बच्चों से सीधा संवाद किया। इसके अलावा, छात्रों को ब्रांडेड मर्चेंडाइज भी बांटे गए, जिसने इस पूरी गतिविधि को बेहद मनोरंजक और आकर्षक बना दिया।‘टाइगर हीरो हंट’ का यह अनूठा अनुभव केवल स्कूलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अब यह ब्रिटानिया टाइगर क्रंच के विशेष पैकेट्स पर ‘ऑन-पैक एक्सपीरियंस’ के माध्यम से भी उपलब्ध रहेगा।

  • पेट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय (यूपीईएस) बिधौली के नज़दीक तंबाकू बेचने वालों पर कार्रवाई, चालान व अर्थदंड वसूला

    पेट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय (यूपीईएस) बिधौली के नज़दीक तंबाकू बेचने वालों पर कार्रवाई, चालान व अर्थदंड वसूला

    देहरादून।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून डॉ मनोज कुमार शर्मा के निर्देश पर जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ देहरादून द्वारा बिधौली क्षेत्र के अंतर्गत तंबाकू विक्रय की दुकानों का निरीक्षण किया गया। थाना प्रेमनगर की पुलिस टीम से समन्वय स्थापित कर UPES यूनिवर्सिटी के आसपास निरीक्षण किया गया। टीम द्वारा कार्यवाही के दौरान 22 दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से 17 तंबाकू विक्रेता COTPA अधिनियम का उल्लंघन करते पाए गए I कई विक्रेता शैक्षणिक संस्थान के नजदीक तंबाकू उत्पाद बेचते हुए पाए गए तथा सार्वजनिक स्थान पर छात्र-छात्राओं द्वारा धूम्रपान करते हुए पाए गए उनके विरुद्ध भी अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत अर्थदंड एवं चालान कार्रवाई की गई। टीम द्वारा इन सभी से कुल ₹ 3400 का अर्थ दंड वसूल किया गया।

    गौरतलब है कि कोटपा अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत शैक्षणिक संस्थाओं के नजदीक तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना कोटपा के तहत कानूनी अपराध है

    निरीक्षण टीम में गिरीश पटवाल(हेड कांस्टेबल), आशीष नेगी (कांस्टेबल) तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की जिला सलाहकार अर्चना उनियाल, सामाजिक कार्यकर्ता रेखा एवं अनुराग उनियाल शामिल रहे।

  • मानसून से पहले जलभराव वाले संवेदनशील स्थलों पर समस्या का करें त्वरित समाधानः डीएम

    मानसून से पहले जलभराव वाले संवेदनशील स्थलों पर समस्या का करें त्वरित समाधानः डीएम

     

    *देहरादून,
    जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक में प्री-मानसून एवं मानसून सीजन के दौरान जनपद में जलभराव की समस्या तथा उसके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए जलभराव की समस्या का शार्ट टर्म निस्तारण के साथ स्थायी समाधान हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें।
    बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद के देहरादून, ऋषिकेश, मसूरी एवं विकासनगर क्षेत्रों में कुल 61 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां मानसून के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। इनमें रिस्पना क्षेत्र, आईटी पार्क, आईएसबीटी सहित अन्य संवेदनशील स्थान शामिल हैं।
    जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों, नगर निगम, नगर निकायों एवं नगर पंचायतों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रत्येक जलभराव स्थल के लिए शॉर्ट टर्म एवं स्थायी समाधान हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत प्रदान करने हेतु अस्थायी व्यवस्थाओं के साथ-साथ समस्या के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।
    जिलाधिकारी ने नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा अन्य संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां तय करते हुए कहा कि प्रत्येक विभाग अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले जलभराव स्थलों के समाधान हेतु कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करे।
    उन्होंने नगर निगम एवं समस्त नगर निकायों को निर्देश दिए कि मानसून से पूर्व नदी-नालों, बरसाती नालों एवं जल निकासी तंत्र की व्यापक सफाई अभियान चलाते हुए कार्य पूर्ण कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि जल निकासी मार्गों में किसी प्रकार का अवरोध नहीं रहना चाहिए, जिससे वर्षा जल का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित हो सके।
    बैठक में आईटी पार्क क्षेत्र में लगातार जलभराव की समस्या पर विशेष चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलभराव निस्तारण के लिए स्वीकृत कार्य तत्काल प्रारंभ किए जाएं। उन्होंने बताया कि उक्त कार्यों के भुगतान हेतु जिला योजना से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। साथ ही रिस्पना पुल के पास जलभराव की समस्या एवं निस्तारण के साथ ही नगर निगम, लोनिवि के अधिकारियों से निरीक्षण कर संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
    जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत जिला प्रशासन पूर्ण संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। सभी विभाग मानसून अवधि के दौरान सतर्कता बरतते हुए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं मानवबल की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी की जाए तथा संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में पूर्व तैयारी सुनिश्चित कर जनधन की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। जिला प्रशासन द्वारा मानसून अवधि में जलभराव एवं आपदा संबंधी घटनाओं पर सतत निगरानी रखी जाएगी तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

  • अमरदीप गैस सेवा के उपभोक्ताओं की सुविधा हेतु वैकल्पिक गैस एजेंसियों पर किया गया अस्थायी स्थानांतरण

    अमरदीप गैस सेवा के उपभोक्ताओं की सुविधा हेतु वैकल्पिक गैस एजेंसियों पर किया गया अस्थायी स्थानांतरण

    देहरादून।

    जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जी.एम.एस. रोड, देहरादून स्थित अमरदीप गैस सेवा के निलंबित होने के उपरांत उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा एलपीजी आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहे, इसके लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशों के क्रम में संबंधित उपभोक्ताओं को अस्थायी रूप से अन्य गैस एजेंसियों से संबद्ध किया गया है।
    उन्होंने बताया कि अमरदीप गैस सेवा से जुड़े कुल 27 हजार उपभोक्ताओं को अन्य एजेंसियों में स्थानांतरित किया गया है, जिनमें
    16,000 उपभोक्ता – डिवाइन भारत गैस सर्विस, टर्नर रोड (मो. 7417666000)।

    10,000 उपभोक्ता – सर्वोदय भारत गैस सर्विस, प्रेमनगर (मो. 6398688503, 9690568127, 7078446841)

    1,000 उपभोक्ता – जीवन ज्योति भारत गैस सर्विस, कैनाल रोड (मो. 9412078085, 7302994129, 9627167899)

    जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि उपभोक्ता अब गैस बुकिंग, रिफिल आपूर्ति एवं अन्य सेवाओं के लिए अपनी नव-आवंटित गैस एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को सुचारु एवं निर्बाध एलपीजी आपूर्ति उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
    जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने पाए तथा गैस वितरण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की जाए। संबंधित अधिकारियों को उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
    किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए उपभोक्ता संबंधित आवंटित गैस एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं।

  • विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने समय पर जांच और इलाज के महत्व पर दिया जोर

    विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने समय पर जांच और इलाज के महत्व पर दिया जोर

    देहरादून, : विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने ब्रेन ट्यूमर के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। अस्पताल ने कहा कि समय पर पहचान, सही समय पर इलाज और उन्नत न्यूरोसर्जरी सुविधाओं तक पहुंच से मरीजों के इलाज के परिणाम और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है।

    ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। ये ट्यूमर अपने प्रकार, व्यवहार, बढ़ने की गति और गंभीरता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ ट्यूमर लंबे समय तक कोई लक्षण नहीं दिखाते, जबकि कुछ तेजी से बढ़ते हैं और तुरंत इलाज की जरूरत पड़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता की कमी और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना अक्सर बीमारी की पहचान में देरी और जटिलताओं का कारण बनता है।

    ब्रेन ट्यूमर के सामान्य लक्षणों में लगातार सिरदर्द, दौरे पड़ना, उल्टी होना, हाथों या पैरों में कमजोरी, बोलने में परेशानी, चलते समय संतुलन बिगड़ना, धुंधला दिखाई देना, सोचने-समझने में दिक्कत, याददाश्त कमजोर होना और व्यवहार में अचानक बदलाव शामिल हो सकते हैं। चूंकि इन लक्षणों को अक्सर लोग सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं समझ लेते हैं, इसलिए कई बार डॉक्टर के पास जाने में देरी हो जाती है।

    इस अवसर पर डॉ. यशबीर देवान, डायरेक्टर – न्यूरोसर्जरी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने कहा, “ब्रेन ट्यूमर के सफल इलाज में समय पर पहचान बहुत महत्वपूर्ण होती है। न्यूरोइमेजिंग, माइक्रोसर्जरी, मिनिमली इनवेसिव तकनीकों और क्रिटिकल केयर में हुई प्रगति के कारण आज इलाज के परिणाम पहले की तुलना में काफी बेहतर हैं। समय पर इलाज मिलने से मरीज बेहतर तरीके से स्वस्थ होकर अपनी सामान्य जिंदगी में वापस लौट सकते हैं।”

    उन्होंने आगे कहा, “हर ब्रेन ट्यूमर कैंसर नहीं होता और हर मरीज को बड़ी सर्जरी की जरूरत भी नहीं पड़ती। इलाज का तरीका ट्यूमर के प्रकार, आकार, उसकी स्थिति और मरीज की कुल स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। आज का इलाज केवल ट्यूमर को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान दिया जाता है कि मरीज अच्छी तरह से स्वस्थ होकर एक सक्रिय और स्वतंत्र जीवन जी सके।”

    विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि लंबे समय तक न्यूरोलॉजिकल लक्षणों को नजरअंदाज करने से स्थायी कमजोरी, नजर से जुड़ी समस्याएं, दौरे, बोलने में दिक्कत और जीवन की गुणवत्ता में कमी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए लगातार या बिना किसी स्पष्ट कारण के होने वाले लक्षणों की स्थिति में समय पर न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श और जांच कराना जरूरी है।

    विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून लोगों से अपील करता है कि वे शुरुआती चेतावनी संकेतों को पहचानें, लगातार बने रहने वाले न्यूरोलॉजिकल लक्षणों के लिए स्वयं दवा लेने से बचें और बेहतर इलाज के लिए समय पर विशेषज्ञ से सलाह लें।

  • स्वास्थ्य मंत्री ने किया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुर के नए चिकित्सालय भवन का लोकार्पण

    स्वास्थ्य मंत्री ने किया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुर के नए चिकित्सालय भवन का लोकार्पण

    देहरादून।

    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुर में 1410.56 लाख रुपए की लागत से तैयार 30 शैय्यायुक्त नवनिर्मित चिकित्सालय भवन का लोकार्पण आज राज्य के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सुबोध उनियाल जी द्वारा राज्यसभा सांसद नरेश बंसल जी एवं क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ जी की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। स्वास्थ्य मंत्री एवं अन्य अतिथि गणों ने विधिवत पूजा अर्चना के उपरांत नए चिकित्सालय भवन में प्रवेश किया। चिकित्सालय की महिला कर्मचारियों ने स्वागत गीत गाकर तथा आशा कार्यकत्रियों ने मांगल गीत गाकर स्वास्थ्य मंत्री जी का स्वागत किया।

    नए चिकित्सालय भवन में ओपीडी, आईपीडी, प्रशासनिक ब्लॉक, जनरल वार्ड, सेमी प्राइवेट वार्ड, प्राइवेट वार्ड, पैथोलॉजी लैब, आपात चिकित्सा सेवाओं का संचालन किया जाएगा।

    इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने नए चिकित्सालय भवन को क्षेत्रीय जनता को समर्पित करते हुए कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का यह नवनिर्मित भवन रायपुर क्षेत्र में जन स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम देगा।

    उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य सेवाओं को वृहद और जनसुलभ बनाना सरकार की प्राथमिकता है। विशेषकर शतप्रतिशत गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क संस्थागत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में गर्भवती महिला को अपने खर्चे पर चिकित्सालय तक पहुंचाने के लिए आशा कार्यकत्रियों को ₹2000 की धनराशि दी जाएगी।

    उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं के मामले में संवेदनशील जोन चिन्हित करते हुए वहां पर “गोल्डन आवर” में त्वरित चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराए जाएंगी। साथ उन्होंने बताया कि चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किया जा रहे हैं।

    उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि वह जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करें। मरीजों को बाहर की दवाइयां ना लिखें और प्रयास करें कि गंभीर मामलों को छोड़कर मरीजों को अस्पताल से रेफर ना किया जाए।

    इस अवसर पर उपस्थित राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल जी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार की उपलब्धियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति को दृष्टिगत रखते हुए विकास कार्य कर रही है।

    इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से यह मांग थी की रायपुर में चिकित्सालय भवन का उच्चीकरण किया जाए। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य मंत्री जी के माध्यम से सरकार का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह भवन आमजन को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।

    कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ सुनीता टम्टा ने कहा कि विभाग द्वारा जन आकांक्षाओं एवं सरकार के मार्गदर्शन के अनुरूप निरंतर कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है। रायपुर चिकित्सालय में यदि अन्य चिकित्सा सुविधाओं एवं चिकित्सा उपकरणों की आवश्यकता होगी तो उन्हें भी उपलब्ध कराया जाएगा।

    देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार शर्मा द्वारा मा. स्वास्थ्य मंत्री, मा. राज्यसभा सांसद एवं मा. विधायक सहित अन्य अतिथि गणों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उन्होंने चिकित्सालय भवन के निर्माण में मा विधायक जी के प्रयासों के लिए आभार प्रकट किया।

    इस अवसर पर रायपुर ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सरोजिनी जवाडी, स्वास्थ्य निदेशक डॉ आर के पंत, निदेशक एन एच एम डॉ रश्मि पंत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी रायपुर डॉ प्रताप रावत सहित चिकित्सालय का समस्त स्टाफ एवं आशा कार्यकत्रियां उपस्थिति रहीं।

  • ओवेरियन कैंसर को लेकर जागरूकता बढ़ाने की पहल, मणिपाल हॉस्पिटल ने आयोजित किया विशेष सत्र

    ओवेरियन कैंसर को लेकर जागरूकता बढ़ाने की पहल, मणिपाल हॉस्पिटल ने आयोजित किया विशेष सत्र

     

     

     

     

    देहरादून, : ओवेरियन कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर और कैंसर योद्धाओं के अदम्य साहस एवं जज़्बे को सम्मान देने के उद्देश्य से आज मणिपाल हॉस्पिटल ने “हर निशान हिम्मत और संघर्ष की कहानी कहता है” शीर्षक से एक विशेष ओवेरियन कैंसर जागरूकता सत्र का आयोजन किया। इस जागरूकता कार्यक्रम में ओवेरियन कैंसर से उबर चुकी महिलाएं, उनके परिजन, डॉक्टर और विभिन्न संगठनों से जुड़े वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य ओवेरियन कैंसर की शुरुआती पहचान, उपचार और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना था। इस अवसर पर डॉ. इरीना डे, कंसल्टेंट – ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, डॉ. पारोमिता रॉय, कंसल्टेंट – गायनेकोलॉजिक ऑन्कोलॉजिस्ट, डॉ. तन्मय कुमार मंडल, कंसल्टेंट – मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और डॉ. साग्निक रे, कंसल्टेंट – सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट ने स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन सत्र का संचालन किया।

     

     

    इस पहल के बारे में बात करते हुए डॉ. इरीना डे ने कहा, “ओवेरियन कैंसर के लक्षण अक्सर सामान्य होते हैं, जैसे पेट फूलना, पेट में असहजता, भूख में बदलाव या बिना किसी कारण के अत्यधिक थकान महसूस होना। महिलाएं अक्सर इन संकेतों को नजरअंदाज कर देती हैं। इसलिए इन चेतावनी संकेतों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और नियमित स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना शुरुआती पहचान के लिए बेहद जरूरी है।”

     

     

    डॉ. तन्मय कुमार मंडल ने कहा, “कम उम्र की महिलाओं में भी ओवेरियन कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है। आज की आधुनिक कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और पर्सनलाइज्ड कैंसर उपचार के कारण इलाज के परिणामों में काफी सुधार हुआ है। हालांकि, चिकित्सा उपचार के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता, परिवार का सहयोग और सही काउंसलिंग भी मरीजों को आत्मविश्वास और मजबूती के साथ इस बीमारी से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”

     

     

    कैंसर योद्धाओं में से एक, 62 वर्षीय मरीज रीना घोष ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “जब मुझे स्टेज फोर ओवेरियन कैंसर होने का पता चला, तो मेरी पूरी दुनिया बदल गई। डर, अनिश्चितता और दर्द मेरे जीवन का हिस्सा बन गए थे। सात घंटे से अधिक समय तक चली बड़ी सर्जरी मेरे जीवन की सबसे कठिन लड़ाइयों में से एक थी। लेकिन साहस, उम्मीद और मेरे परिवार व देखभाल करने वालों के निरंतर समर्थन ने मुझे इस कठिन दौर से लड़ने की ताकत दी। आज मैं जीवन को एक नए नजरिए से देखती हूं। इस अनुभव ने मुझे सिखाया कि डर कितना भी बड़ा क्यों न हो, जीने की इच्छा और ठीक होने की उम्मीद उससे कहीं ज्यादा मजबूत होती है। अब मैं हर खुशी, हर मुस्कान और अच्छे स्वास्थ्य के हर दिन को पूरे दिल से संजोकर रखती हूं।”

     

     

    डॉ. पारोमिता रॉय ने कहा, “बढ़ती उम्र के साथ ओवेरियन कैंसर का खतरा भी बढ़ता है। इसलिए शरीर में किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है। साथ ही, इस बीमारी के बारे में परिवार में खुलकर बात करना भी आवश्यक है, ताकि हर आयु वर्ग में जागरूकता बढ़ाई जा सके।”

     

     

    डॉ. साग्निक रे ने कहा, “ओवेरियन कैंसर का इलाज आज आसानी से उपलब्ध है। सही समय पर इलाज और उचित मार्गदर्शन से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है और लोगों की सोच में बदलाव लाया जा सकता है। स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”