देश में बढ़ती मंहगाई के खिलाफ़ आप का पूरे प्रदेश में प्रर्दशन, केन्द्र और राज्य सरकार के खिलाफ़ किया पुतला दहन

 

देश में खाद्य सामग्रियों के दाम बढ़ने और GST दरों में परिवर्तन को देखते हुए आप पार्टी ने देहरादून के आरघर चौक पर बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार का पुतला दहन किया।

इस दौरान आप पार्टी गढ़वाल मीडिया प्रभारी रवींद्र आनंद ने कहा कि, जिस प्रकार से देश में केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा खाद्य सामग्री के मूल्यों में वृद्धि की जा रही है , इससे जनता परेशान है। उन्होने आगे बताया कि सिलेंडरों के दाम के साथ परिवहन विभाग ने बसों के किराए में बढ़ोतरी की है जिसका असर सीधे पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर पड़ रहा है।

उन्होने आगे कहा कि बीजेपी सरकार देश में महंगाई बढ़ाकर आम आदमी की कमर तोड़ने का काम कर रही है।

बीजेपी ने जनता को सिर्फ वोट बैंक के लिए इस्तेमाल किया। जनता से किए वादे पूरे करने के बजाय बीजेपी जनता को महंगाई की मार से मारने का काम कर रही है। इसी कड़ी में आज पूरे प्रदेश में आम आदमी पार्टी ने बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन किया और आगे भी महंगाई वृद्धि के खिलाफ लगातार धरने प्रदर्शन करती रहेगी। इस मौके पर उमा सिसोदिया, राधा सिंह, डॉ आर पी रतूड़ी ,कमलेश रमन, सुधा पटवाल, मुकेश पांडे, विपिन खन्ना , नितिन जोशी,सीमा कश्यप सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कथा समाचार एक मज़ेदार हिंदी न्यूज़ पोर्टल जैसा दिखता है, जिसमें उत्तराखंड, देहरादून, पॉलिटिक्स, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, न्यूज़ और पॉपुलर इवेंट्स पर कंटेंट होता है। यह फ़ॉर्मेट आसान है क्योंकि इसमें लोकल न्यूज़, सोशल इशू और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए प्रैक्टिकल जानकारी शामिल होती है। इसलिए, सिक्योर डिजिटल पेमेंट का टॉपिक यहाँ अपने आप फिट बैठता है: ऑनलाइन सर्विस लंबे समय से रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। जब ऑनलाइन शॉपिंग की बात आती है, तो हर कोई तुरंत कार्ड डिटेल्स नहीं डालना चाहता। एक आसान ऑप्शन मोबाइल फ़ोन बिल के ज़रिए पेमेंट करना है, जहाँ अमाउंट ऑपरेटर के अकाउंट में ऐड हो जाता है या प्रीपेड बैलेंस से डेबिट हो जाता है। जो लोग लिमिट, SMS या डिवाइस कन्फर्मेशन और छोटे खर्च कंट्रोल से परिचित हैं, उनके लिए AustriaWin24.atपर प्रैक्टिकल डिटेल्स देखना फायदेमंद है। यह तरीका खासकर छोटे डिजिटल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन और उन सर्विस के लिए दिलचस्प है जहाँ स्पीड, सिंप्लिसिटी और बैंक डेटा ट्रांसफर की कमी ज़रूरी है। आसानी का मतलब यह नहीं है कि ध्यान देने की ज़रूरत है: मोबाइल पेमेंट में आमतौर पर डेली और मंथली लिमिट, पोटेंशियल फीस और आपके बिल पर चार्ज दिखाने में देरी होती है। इसलिए, कथात समाचार के रीडर्स, जो करंट न्यूज़ और हेल्पफुल एक्सप्लेनेशन से अप-टू-डेट रहने के आदी हैं, उनके लिए यह टॉपिक लोकल एजेंडा और मॉडर्न फाइनेंशियल आदतों, दोनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।