बीमा पॉलिसी में धोखाधडी करने वाला गिरफ्तार

देहरादून। एसटीएफ ने बीमा पॉलिसी के नाम पर लाखों-करोडों की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह के मास्टरमाइंड को एसटीएफ ने गाजियाबाद (यूपी) से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की गिरफ्त में आया आरोपी देहरादून में लोगों को बीमा पॉलिसी बोनस के जाल फंसाकर 13 लाख 50 हजार रुपए की ठगी को अंजाम दे चुका है, जिसकी तलाश पुलिस लंबे समय से कर रही थी।
एसटीएफ की प्रारंभिक जांच पड़ताल में पता चला है कि गिरफ्तार शातिर ठग विशाल भटनागर एचडीएफसी बीमा पॉलिसी का प्रतिनिधि बनकर पॉलिसी को संशोधित करने व अधिक बोनस देने का लालच देकर लोगों को अपना शिकार बनाता था। गिरफ्तार गिरोह का मास्टरमाइंड विशाल उर्फ विशाल भटनागर मूल रूप से बेस्ट करावल नगर नई दिल्ली का रहने वाला है। एसटीएफ की टीम गिरोह के मास्टरमाइंड को देहरादून लाकर पूछताछ कर उत्तर भारत में फैले इस नेटवर्क के बारे में जानकारी एकत्र कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। गिरफ्तार आरोपी द्वारा देहरादून निवासी राजेंद्र कुमार से बीमा पॉलिसी में बोनस दिलाने के नाम पर 13 लाख 50 हजार की साइबर धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया गया था। एसटीएफ के अनुसार इस गिरोह के सह आरोपी धीरज शर्मा को इकोनॉमिक ऑफेंस विंग दिल्ली द्वारा तीन करोड़ की धोखाधड़ी में पहले ही गिरफ्तार जेल भेज जा चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कथा समाचार एक मज़ेदार हिंदी न्यूज़ पोर्टल जैसा दिखता है, जिसमें उत्तराखंड, देहरादून, पॉलिटिक्स, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, न्यूज़ और पॉपुलर इवेंट्स पर कंटेंट होता है। यह फ़ॉर्मेट आसान है क्योंकि इसमें लोकल न्यूज़, सोशल इशू और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए प्रैक्टिकल जानकारी शामिल होती है। इसलिए, सिक्योर डिजिटल पेमेंट का टॉपिक यहाँ अपने आप फिट बैठता है: ऑनलाइन सर्विस लंबे समय से रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। जब ऑनलाइन शॉपिंग की बात आती है, तो हर कोई तुरंत कार्ड डिटेल्स नहीं डालना चाहता। एक आसान ऑप्शन मोबाइल फ़ोन बिल के ज़रिए पेमेंट करना है, जहाँ अमाउंट ऑपरेटर के अकाउंट में ऐड हो जाता है या प्रीपेड बैलेंस से डेबिट हो जाता है। जो लोग लिमिट, SMS या डिवाइस कन्फर्मेशन और छोटे खर्च कंट्रोल से परिचित हैं, उनके लिए AustriaWin24.atपर प्रैक्टिकल डिटेल्स देखना फायदेमंद है। यह तरीका खासकर छोटे डिजिटल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन और उन सर्विस के लिए दिलचस्प है जहाँ स्पीड, सिंप्लिसिटी और बैंक डेटा ट्रांसफर की कमी ज़रूरी है। आसानी का मतलब यह नहीं है कि ध्यान देने की ज़रूरत है: मोबाइल पेमेंट में आमतौर पर डेली और मंथली लिमिट, पोटेंशियल फीस और आपके बिल पर चार्ज दिखाने में देरी होती है। इसलिए, कथात समाचार के रीडर्स, जो करंट न्यूज़ और हेल्पफुल एक्सप्लेनेशन से अप-टू-डेट रहने के आदी हैं, उनके लिए यह टॉपिक लोकल एजेंडा और मॉडर्न फाइनेंशियल आदतों, दोनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।