Category: शिक्षा

  • आर्यन स्कूल ने मनाया अपना 24वां स्थापना दिवस

    आर्यन स्कूल ने मनाया अपना 24वां स्थापना दिवस

     

    *, देहरादून:* आर्यन स्कूल ने आज स्कूल परिसर में एक शानदार समारोह के साथ अपना 24वां स्थापना दिवस मनाया। संस्थापक दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शिक्षाविद् और हेरिटेज मीडिया उत्तराखंड की प्रधान संपादक डॉ. कंचन नेगी ने शिरकत की, जबकि भाजपा युवा विंग की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी दिन में आयोजित वार्षिक प्रदर्शनी की मुख्य अतिथि रहीं।

    समारोह की शुरुआत स्वागत गीत से हुई। समारोह के मुख्य आकर्षणों में से एक स्कूल की वार्षिक पत्रिका संस्कार का विमोचन रहा, जिसके बाद प्रिंसिपल बी. दासगुप्ता ने स्कूल की वार्षिक प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रस्तुत की।

    मुख्य अतिथि डॉ. नेगी ने विद्यालय के शैक्षणिक और एथलेटिक विजेताओं को पदक व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया, तथा उन्हें उत्कृष्टता की खोज जारी रखने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एंटरटेनमेंट एक्सपो था, जिसमें छात्रों द्वारा शानदार नृत्य प्रदर्शन देखा गया। कलाकारों ने अली बाबा और चालीस चोरों के जीवंत अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    छात्रों को संबोधित करते हुए, डॉ. नेगी ने सफलता के लिए प्रयास करते समय मानवीय और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

    दिन के दौरान, स्कूल परिसर में एक वार्षिक प्रदर्शनी ने बारह विविध वर्गों में छात्रों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक नवाचार और सांस्कृतिक अन्वेषण को प्रदर्शित किया। मुख्य आकर्षणों में कोशिका से लेकर अंग प्रणाली (डीएनए), भौतिकी को मौज-मस्ती के साथ लागू करना और पर्यावरण पर केंद्रित परियोजनाएं जैसे लोगों और ग्रह को बचाये रखना शामिल थे। ग्रीक पौराणिक कथाओं, वेदों से सीखना और विश्व शांति व मानवाधिकारों पर प्रदर्शनियों के माध्यम से सांस्कृतिक और मानवीय विषयों पर प्रकाश डाला गया, जबकि उत्तराखंड विरासत, भारत की कर प्रणाली और खाद्य व पोषण के संलयन पर अनुभागों ने प्रदर्शनी में गहराई जोड़ी।

    नेहा जोशी ने अपने संबोधन के दौरान कहा, “यहां प्रदर्शित प्रोजेक्ट्स की विविधता और गहराई न केवल अकादमिक उत्कृष्टता को दर्शाती है, बल्कि समकालीन वैश्विक चुनौतियों की गहन समझ भी दर्शाती है।”

    प्रिंसिपल बी. दासगुप्ता ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “आज हम अपना 24वां स्थापना दिवस मनाते हुए उस दृष्टिकोण और मूल्यों का सम्मान करते हैं, जिन पर आर्यन स्कूल की स्थापना हुई थी। यह दिन न केवल अकादमिक उत्कृष्टता बल्कि रचनात्मकता, सहानुभूति और प्रत्येक छात्र में जिम्मेदारी की भावना को पोषित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुझे छात्रों की उपलब्धियों और इस प्रदर्शनी के माध्यम से उनके द्वारा दिखाए गए प्रयासों पर बेहद गर्व है।”

  • द पेसल वीड स्कूल देहरादून ने उत्साहपूर्वक मनाया 33वां स्थापना दिवस

    द पेसल वीड स्कूल देहरादून ने उत्साहपूर्वक मनाया 33वां स्थापना दिवस

     

     

    देहरादून – । : द पेसल वीड स्कूल में 33वें स्थापना दिवस का दो दिवसीय समारोह चल रहा है। 25 अक्टूबर की शाम 5 बजे वार्षिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसके मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर हरीश कुमार सेठी थे । साथ ही छात्रों के माता – पिता एवं छात्रों ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रर्दशनी अत्यधिक सुंदर ढंग से आयोजित की गई थी। द पेस्टल वीड स्कूल के छात्रों ने एक नुक्कड नाटक  “आत्मनिर्भर भारत “एवं बीएड छात्रों के द्वारा” साइबर अपराधों से बचने के उपायों” का  बड़े सुंदर ढंग से प्रस्तुतीकरण किया गया। साथ ही विज्ञान वृक्ष के माध्यम से विज्ञान की उपयोगिता को दर्शाया गया था । छात्रों द्वारा बनाया गया। साफ्ट ड्रिंक डिस्पेंसर अद्भुत लग रहा था। वहीं एक विज्ञान कक्ष के अंदर प्रवेश करते ही सौरमंडल दिखाई दिया जहाँ सूर्य अपने सभी ग्रहों के साथ परिक्रमा कर रहा था । चन्द्रयान उड़ने को तैयार था ।साथ ही चन्द्रमा पर उतारा हुआ रोबोट भी दिखाई दे रहा था। दूसरे कक्ष में छात्रों द्वारा बनाए गए विज्ञान से संबंधित भिन्न- भिन्न प्रकार के मॉडल थे । जो बहुत आकर्षक लग रहे थे । जिनमें संचालित कार, रक्त का शुद्धिकरण, किड्नी की कार्यप्रणाली , भिन्न – भिन्न प्रकार के साबुन, हैंड वाश, सैनिटाइजर आदि को प्रदर्शित किया गया। साथ ही छात्रों  द्वारा बनाए गए चित्रों व  कागज़ से बनाई गई विभिन्न प्रकार की शिल्पकला जैसे – कागज़ के तोते, मछली, फूल, नाव, बंदनवार आदि का भी प्रदर्शन किया गया। ये प्रदर्शनी सभी को मंत्रमुग्ध कर रही थी। मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर हरीश कुमार सेठी व सभी अभिभावकों ने छात्रों के इस अदभुत कौशल की सराहना की। सायं 6 बजे स्कूल के ओपन एयर एम्फीथिएटर ‘द थ्रोबिंग स्टोन्स’ में अतीत और वर्तमान की विरासत और उपलब्धि, खेल और कला का एक शानदार मिलन समारोह का आयोजन हुआ।

     

    हमारे मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर हरीश कुमार सेठी सेंट जोसेफ अकादमी, देहरादून के पूर्व छात्र ब्रिगेडियर हरीश कुमार सेठी ने मध्य प्रदेश में एक डोगरा टुकड़ी, एक जाट स्क्वाड्रन और पंजाब सेक्टर में एक स्वतंत्र मशीनीकृत ब्रिगेड की कमान संभाली और देहरादून में तैनात होने से पहले बख्तरबंद कोर अग्निवीरों को प्रशिक्षित करने के लिए जिम्मेदार थे।, उन्होंने ने प्रतिभागियों के कौशल और दृढ़ता की सराहना की।

     

    शाम की शुरुआत में द पेसल वीड स्कूल, चिल्ड्रन एकेडमी, के सी और पेस्टल वीड कॉलेज ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के छात्रों की बॉक्सिंग प्रतियोगिता के साथ हुई, जिसमें न केवल युवा मुक्केबाजों के शारीरिक कौशल का प्रदर्शन किया गया, बल्कि स्कूल द्वारा विकसित खेल भावना और सौहार्द का भी प्रदर्शन देखा गया। प्रत्येक मुकाबला धीरज और लचीलेपन का प्रतीक था ।

     

    हमारे संस्थापक, डॉ. प्रेम कश्यप की दृष्टि को ध्यान में रखते हुए, पेस्टल वीड प्रत्येक बच्चे में अव्यक्त प्रतिभा का पता लगाने में विश्वास करता है ताकि उसे अपनी क्षमता का ज्ञान हो, छात्र के भीतर गहरी इच्छा पैदा की जा सके, उसे सपने देखने तथा उन्हे साकार करने में मदद मिल सके ।

     

    द पेस्टल वीड स्कूल के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप , बाल अकादमी की अध्यक्ष श्रीमती किरण कश्यप, प्रबंधक श्री आकाश कश्यप, द पेस्टल वीड स्कूल की प्रबंधक श्रीमती राशि कश्यप, मुख्य अतिथि श्री अनिल मेहरा और डॉ जेसी पंत , ब्रिगेडियर हरीश कुमार सेठी व सभी अभिभावकों का ह्रदय से  स्वागत किया, जिनकी उपस्थिति छात्रों और स्कूल के लिए एक उत्साहजनक और प्रेरक प्रोत्साहन थी। वे सभी उत्कृष्ट गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति से अभिभूत थे । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर हरीश कुमार सेठी ने सभी प्रतिभागियों को उनके अनुकरणीय कौशल और दृढ़ता के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय ही छात्र के जीवन का प्रशिक्षण मैदान है जो उसे समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार करता है। उन्होंने  छात्रों के लिए इस तरह के एक अद्भुत शिक्षण मंच प्रदान करने के लिए, डॉ प्रेम कश्यप और स्कूल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुक्केबाजी सिर्फ शारीरिक मजबूती के बारे में नहीं है, यह अनुशासन, साहस और खेल भावना से परिपूर्ण है।

     

    मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर हरीश कुमार सेठी ने इंटरस्कूल बॉक्सिंग चैम्पियनशिप के योग्य विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किएः

    इंटर-हाउस चैम्पियनशिप ट्रॉफी नेहरू हाउस के बॉक्सर्स द्वारा उठाई गई थी

    डॉ प्रेम कश्यप, द पेसल वीड स्कूल के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप ने कहा, “मैं विजेताओं को बधाई देता हूं और सभी प्रतिभागियों को उनके दृढ़ संकल्प, कौशल, धीरज और खेल भावना के लिए सराहना करता हूं। मैं उत्कृष्ट कला, शिल्प और विज्ञान प्रदर्शनी की भी सराहना करता हूं, जो हमारे छात्रों की रचनात्मकता और नवाचार का प्रदर्शन करता है। डॉ. कश्यप ने इस अवसर की शोभा बढ़ाने और अपनी बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा करने के लिए मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर हरीश कुमार सेठी का हार्दिक आभार व्यक्त किया और माता-पिता शिक्षकों व  छात्रों के अटूट समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

     

    श्री जतिन सेठी

    प्रधानाचार्य

  • सरकार अशासकीय विद्यालयों के राजकीयकरण को तैयारः डॉ. धन सिंह रावत

    सरकार अशासकीय विद्यालयों के राजकीयकरण को तैयारः डॉ. धन सिंह रावत

     

    देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित अशासकीय विद्यालयों के राजकीयकरण को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से तैयार है। राजकीयकरण को लेकर किसी भी विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रस्ताव प्राप्त होने पर सरकार त्वरित कार्रवाही करेगी। इन विद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त चल रहे शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों को आयोग के माध्यम से ही भरा जायेगा, इसके लिये विभागीय अधिकारियों को पूर्व में ही निर्देश दे दिये गये हैं।

    सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने प्रदेशभर के आशासकीय विद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त पदों को राज्य सरकार के किसी संस्था अथवा आयोग से भरने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से अशासकीय विद्यालयों में रिक्त पदों के सापेक्ष की जाने वाली भर्तियों में अनियमितता व भाई-भतीजावाद की शिकायतें मिलती रही है। जिसके मध्यनजर राज्य सरकार ने रिक्त पदों को भरने के लिये एक ठोस नीति बनाने के निर्देश पूर्व में ही विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं ताकि सभी भर्तियों को पारदर्शिता के साथ किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि अशासकीय विद्यालयों की प्रबंधन समिति अपने विद्यालय का राजकीयकरण का प्रस्ताव उपलब्ध कराती है तो सरकार ऐसे विद्यालयों का राजकीयकरण करने के लिये तैयार है। विभागीय समीक्षा बैठक में राज्यभर में संचालित अटल उत्कृष्ट विद्यालयों, राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों, मॉडल विद्यालयों, कस्तूरब गांधी आवासीय विद्यालयों व नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावासों के बेहतर संचालन एवं प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा की। जिसमें विभागीय मंत्री डा. रावत ने बैठक में वुर्चअल माध्यम से प्रतिभाग कर रहे विभिन्न जनपदों के शिक्षा अधिकारियों एवं खंड शिक्षा अधिकारियों से बिन्दुवार जानकारी हासिल की तथा सुझाव भी मांगे। विशेषकर प्रदेशभर में संचालित मॉडल प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरे जाने के संबंध में भी चर्चा की गई। जिसमें निर्णय लिया गया कि फिलहाल उक्त विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों के सापेक्ष अस्थाई व्यवस्था की जायेगी। जिसके लिये सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर दिशा-निर्देश जारी कर दिये जायेंगे। डॉ. रावत ने अन्य सभी श्रेणी के आवासीय विद्यालयों में रिक्त पदों को भरे जाने की प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही वार्डन की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये, साथ ही यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधाएं मुहैया करने को भी कहा। उन्होने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने जनपदों में सचालित विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं बिजली, पानी, शौचालय, फर्नीचर, कक्षा-कक्ष एवं भवनों तथा भूमि की उपलब्धता संबंधी आंकडे तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा।

    बैठक में विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक झरना कमठान, अपर निदेशक एवं एपीडी समग्र शिक्षा डॉ. मुकुल सती एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे जबकि वर्चुअल माध्यम से अपर निदेषक गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के साथ ही सभी जनपदों के सीईओ, डीईओ तथा बीईओ ने बैठक में प्रतिभाग किया।

  • मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से लालकुआं-बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से लालकुआं-बांद्रा सुपरफास्ट ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया

    देहरादून। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा कैंची धाम के आशीर्वाद से आज लालकुंआ से बांद्र के मध्य ट्रेन संचालन का स्वप्न पूरा हुआ है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। इन्होंने कहा कि इस ट्रेन के संचालन से रामपुर, मुदादाबाद, गाजियाबाद, हजरत निजामुदीन, मथुरा, सवाई माधोपुर, कोटा, वडोदरा सूरत जैसे रेलवे स्टेशन से जुड़े लोगों को को यात्रा करने का आसानी से विकल्प मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लालकुआं-बांद्रा रेल सेवा शुरू होने से बाबा कैंची धाम, जागेश्वर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा का एक बेहतर विकल्प मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम भारतीय रेल के स्वर्णिम युग की ओर आगे बढ़ रहे हैं। आत्मनिर्भरता और आधुनिकता के प्रतीक के रूप में वंदेभारत जैसी मेड इन इंडिया ट्रेन, रेल नेटवर्क का हिस्सा बनी हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से पहाड़ तक ट्रेन पहुंचने का स्वप्न ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन बनने के साथ ही पूर्ण हो जायेगा। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन पर भी सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है, जल्द ही इसमें भी कार्य शुरू हो जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्त्राखण्ड से काशी, अयोध्या और अन्य प्रमुख शहरों के लिए रेल सेवा के और विस्तार के लिए प्रयास किये जायेंगे। आज हमारी डबल इंजन की सरकार प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक योजनाओं को धरातल पर उतार रही है। प्रदेश की देवतुल्य जनता के सहयोग से उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार हर क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है।

    सांसद श्री अजय भट्ट ने कहा कि यहां के लोगों की यह बहुत पुरानी मांग थी कि लालकुआं से मुंबई को सीधे रेल सेवा सुचारू हो, जो आज पूर्ण हुई है। इसके रेल सेवा के संचालन से पूरे कुमाऊं क्षेत्र के लोगों के साथ ही यहां के विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के दर्शनार्थियों व पर्यटकों को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब सप्ताह में तीन रेल गाड़ियां रामनगर, हल्द्वानी और अब लालकुआं से मुम्बई के लिए जा रही हैं, जिसका लाभ यहां के पर्यटक क्षेत्रों को भी मिलेगा।

    लालकुआं बान्द्रा टर्मिनल के मध्य नई ट्रेन सं० 22544 सोमवार को लालकुआ से सुबह 07ः45 बजे प्रस्थान कर रूद्रपुर सिटी, रामपुर, मुरादाबाद, गाजियाबाद, हजरत निजामुद्दीन, मथुरा, कोटा, बडोदरा, सूरत होते हुए हुए अगले दिन मंगलवार को प्रातः 08ः30 बजे बान्द्रा टर्मिनस पहुंचेगी तथा वापसी में बान्द्रा टर्मिनस से सुबह 11ः00 बजे मंगलवार को प्रस्थान कर लालकुओं अगले दिन बुधवार 13ः15 बजे लालकुओं पहुंचेगी । इस गाड़ी में यात्रियों की सुविधा के लिए  2 एसी के 01 कोच, 3 एसी के 02 कोच, एसी इकोनॉमी श्रेणी के 03 कोच तथा स्लीपर क्लास के 06 कोच, सामान्य श्रेणी के 04. कोच से संचालित होगी। इस गाड़ी में सभी कोच एलएचबी के लगाये गये हैं जो कि यात्रियों के लिए सुविधाजनक एवं संरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त हैं।

    इस अवसर पर विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक  नवीन दुमका, जिलाध्यक्ष  प्रदीप बिष्ट,  दीप कोश्यारी और डी.आर.एम श्रीमती रेखा यादव उपस्थित थे।

  • दिल्ली में आयोजित कर्टेन रेजर के साथ छठे देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल की हुई शुरुआत

    दिल्ली में आयोजित कर्टेन रेजर के साथ छठे देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल की हुई शुरुआत

     

    *, देहरादून:* देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल (डीडीएलएफ) के छठे संस्करण की शुरुआत दिल्ली के कुंजुम बुक्स में कर्टेन-रेजर के साथ हुई। यह पहली बार है जब डीडीएलएफ ने देश की राजधानी में इस तरह का आयोजन किया है। साहित्य, सिनेमा और सामाजिक मुद्दों पर आधारित तीन दिवसीय डीडीएलएफ का आयोजन देहरादून के दून इंटरनेशनल स्कूल में 8 से 10 नवंबर 2024 तक किया जाएगा।

    डीडीएलएफ द्वारा दिल्ली में साहित्य समुदाय का विस्तार करते हुए यह अपनी तरह का पहला प्रयास है। देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल के संस्थापक समरांत विरमानी ने अपने सम्बोधन में फेस्टिवल की यात्रा और भारत के साहित्यिक परिदृश्य पर इसके बढ़ते कद पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल न केवल देहरादून के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन बन कर उभरा है। यह कर्टेन-रेजर इस बात का प्रतीक है कि हम एक महोत्सव के रूप में कितना आगे बढ़ आये हैं। इस फेस्टिवल को साहित्य, सिनेमा और समाज से जुड़ी सार्थक बातचीत के लिए एक मंच के रूप में मान्यता मिल गयी है। यह वर्ष हमारे लिए अब तक का सबसे रोमांचक वर्ष होने जा रहा है, जिसमें 70 से अधिक प्रतिष्ठित हस्तियां हमारे दर्शकों से जुड़ने के लिए आ रही हैं।”

    कार्यक्रम में प्रसिद्ध इतिहासकार और लेखक विलियम डेलरिम्पल ने अपनी नवीनतम पुस्तक, द गोल्डन रोड पर एक आकर्षक व्याख्यान दिया, जिसमें पूर्व और पश्चिम के बीच ऐतिहासिक व्यापार मार्गों की खोज की गई है। डेलरिम्पल, जिनका देहरादून से व्यक्तिगत संबंध है, ने साझा किया, “भारत में मेरी पहली और एकमात्र वेतनभोगी नौकरी 1984 में देहरादून के सेंट जोसेफ अकादमी में थी, इसलिए दून घाटी भारत में मेरे पहले घर की तरह लगती है। मैं देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल की भव्य शुरुआत पर बेहद प्रसन्न हूँ।”

    कार्यक्रम की शुरुआत, महोत्सव निदेशक सौम्या कुलश्रेष्ठ के संबोधन से हुई, जिन्होंने इस वर्ष के संस्करण के लिए अपने दृष्टिकोण और साहित्यिक हस्तियों को देहरादून लाने के महत्व को साझा किया। उन्होंने कहा, “हम देहरादून से आए हैं, जो अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन साथ ही भारत की शिक्षा और साहित्य की राजधानी के रूप में भी जाना जाता है। पिछले पांच वर्षों में, डीडीएलएफ ने साहित्य, कला, संस्कृति और सिनेमा के दिग्गजों को दून में हमारे साहित्यिक समुदाय के साथ जुड़ने के लिए लाया है। इस वर्ष की थीम, ‘साहित्य, सिनेमा, समाज’, साहित्य और सिनेमा पर चर्चाओं को सामाजिक मुद्दों के साथ जोड़ने का प्रयास करेगी।”

    कार्यक्रम का समापन पुस्तक-हस्ताक्षर सत्र के साथ हुआ, जहाँ उपस्थित लोगों को डेलरिम्पल से मिलने, अपने विचार साझा करने और द गोल्डन रोड की अपनी कॉपी पर हस्ताक्षर करवाने का अवसर मिला।

    35 से अधिक विचारोत्तेजक सत्रों, आकर्षक प्रदर्शनों और साहित्य, कला व सिनेमा के प्रमुख नामों के साथ मुलाकातों की समृद्ध सूची के साथ, देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल का छठा संस्करण देहरादून के लिए एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक कार्यक्रम होने का वादा करता है। इस वर्ष के संस्करण में अभिनव बिंद्रा, शबाना आज़मी, वसीम बरेलवी, अनुपमा चोपड़ा, जेरी पिंटो, यतीन्द्र मिश्रा, अविनाश तिवारी, अक्षत गुप्ता जैसे कई प्रतिष्ठित नाम शामिल होंगे जो जीवंत साहित्यिक चर्चा में शामिल होंगे और विभिन्न विषयों पर दर्शकों से जुड़ेंगे।

  • ओलंपस हाई के छात्रों ने एसएफए और सीबीएसई चैंपियनशिप में दिखाया उत्कृष्ट प्रदर्शन

    ओलंपस हाई के छात्रों ने एसएफए और सीबीएसई चैंपियनशिप में दिखाया उत्कृष्ट प्रदर्शन

     

    *देहरादून, ।:* ओलंपस हाई के छात्रों ने एसएफए उत्तराखंड और सीबीएसई नॉर्थ जोन क्लस्टर प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन दिखाया। छात्रों ने अपने कौशल और समर्पण का प्रदर्शन करते हुए अपने स्कूल को कई पदक और सम्मान दिलाए।

    शिया शर्मा ने मेरठ के हस्तिनापुर पब्लिक स्कूल में आयोजित अंडर 17 वर्ग की ताइक्वांडो गर्ल्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। वहीं, दीपक मोहर और रौनक दुबे ने बॉक्सिंग में कांस्य पदक हासिल किया।

    एसएफए उत्तराखंड प्रतियोगिता में काव्या बख्शी ने शूटिंग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि कुनाल तोमर ने बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक जीता। रौनक दुबे, दीपक मोहर और कैरा जायसवाल (गर्ल्स कैटेगरी) ने बॉक्सिंग में रजत पदक जीता। प्रियांशु रावत ने बॉक्सिंग में कांस्य पदक जीता।

    डिस्कस थ्रो में दीपक मोहर ने स्वर्ण पदक और आदित्य पंडित ने रजत पदक हासिल किया। रायपुर स्थित महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में आयोजित भाला फेंक प्रतियोगिता में मयंक पुंडीर ने स्वर्ण पदक और हेमंत सैनी ने रजत पदक जीता। मालदेवता में आयोजित सरमंग मैराथन में राघव शर्मा ने 5 किलोमीटर भाग कर दूसरा स्थान प्राप्त किया।

    इस अवसर पर बोलते हुए ओलंपस हाई स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. अनुराधा मल्ला ने कहा, “हमारे छात्रों ने खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए उल्लेखनीय समर्पण और दृढ़ता दिखाई है। उनकी उपलब्धियाँ उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। हमें उनकी सफलता पर बेहद गर्व है और हम उनके भविष्य के प्रयासों को सपोर्ट करने के लिए तत्पर हैं।”

  • फ़िज़िक्स वाला (पीडब्लू) लॉन्च करेगा 77 नए टेक-इनेबल्ड विद्यापीठ ऑफलाइन सेंटर्स:

    फ़िज़िक्स वाला (पीडब्लू) लॉन्च करेगा 77 नए टेक-इनेबल्ड विद्यापीठ ऑफलाइन सेंटर्स:

     

     

    देहरादून- । : फ़िज़िक्स वाला (पीडब्लू), भारत की प्रमुख एडटेक कंपनी, उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देने के लिए शैक्षणिक वर्ष 25-26 में77 नए ऑफलाइन टेक-इनेबल्ड लर्निंग सेंटर्स खोलने का ऐलान किया है। ये नए सेंटर्स तमिलनाडु, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कई अन्य राज्यों में खोले जाएंगे। इस विस्तार से पीडब्लू के ऑफलाइन सेंटर्स की कुल संख्या 126 से बढ़कर 203 हो जाएगी, जो 141 शहरों में होंगे। इस कदम का मकसद खासकर टियर 2 और टियर 3 शहरों के बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना है, ताकि देश के दूर-दराज़ के इलाकों तक भी इसका लाभ मिल सके।

    शैक्षणिक वर्ष 24-25 में पीडब्लू के विद्यापीठ और पाठशाला सेंटर्स में 2 लाख से ज़्यादा छात्रों ने एडमिशन लिया, जो पीडब्लू के मिशन पर लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। अगले शैक्षणिक वर्ष में पीडब्लू का लक्ष्य 2.5 लाख छात्रों को पढ़ाना है और कंपनी इस बात पर पूरी तरह से ध्यान देती है कि हर स्टूडेंट को उसकी पढ़ाई के लिए जरूरी गाइडेंस और संसाधन मिलें। आज लगभग हर IIT और हर AIIMS में पीडब्लू का कोई न कोई छात्र पढ़ रहा है।

    पीडब्लू के ऑफलाइन सेंटर्स दो मॉडल्स में बंटे हुए हैं – विद्यापीठ और पाठशाला । विद्यापीठ सेंटर्स टेक-इनेबल्ड हैं, जहाँ छात्र क्लास रूम में आकर अनुभवी टीचर्स से पढ़ाई करते हैं। वहीं पाठशाला मॉडल में ‘दो-टीचर सिस्टम’ है, जहाँ एक टीचर वर्चुअली पढ़ाते हैं और दूसरा टीचर क्लासरूम में रहकर स्टूडेंट्स के सवालों के जवाब देता है। इस मॉडल से छात्र चाहे कहीं भी हों, वे देश के टॉप टीचर्स से पढ़ाई कर सकते हैं। इन दोनों मॉडल्स को मिलाकर पीडब्लू ने डिजिटल और फिजिकल लर्निंग को एक साथ लाकर देशभर के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी है।
    उनकी भलाई को प्राथमिकता देते हैं। नए सेंटर्स खोलकर हम ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि छात्रों को अच्छी शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े, जिससे उनका आर्थिक बोझ भी कम हो। साथ ही, हम ये भी चाहते हैं कि उन्हें अपनी पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में शिफ्ट होने का मानसिक और भावनात्मक तनाव न झेलना पड़े।”
    हाल ही में फ़िज़िक्स वाला ने अपनी तीसरी नेशनल स्कॉलरशिप एंट्रेंस टेस्ट (NSAT) 2024 का आयोजन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों में हुआ। इस टेस्ट के लिए 250 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप रखी गई थी, जो इसे देश के सबसे बड़े स्कालरशिप टेस्ट में से एक बनाता है। इस पहल का मकसद NEET-UG और IIT-JEE जैसे बड़े एग्ज़ाम्स की तैयारी कर रहे छात्रों को उनकी आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना शिक्षा और एक्सपर्ट गाइडेंस देना है।

     

    PW देहरादून विद्यापीठ के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विस्तार को लेकर अपनी उत्सुकता साझा की:

    “यह नई सुविधा हमारे शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच प्रदान करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जीएमएस रोड कैंपस अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा, अत्यधिक योग्य संकाय, और शैक्षणिक कार्यक्रम लाएगा, जो NEET/JEE और ओलंपियाड की तैयारी करने वाले छात्रों की मदद करेगा, ताकि वे सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक सभी चीज़ों से सुसज्जित हों।”

  • स्पिक मैके ने अरूपा गायत्री पांडा द्वारा ओडिसी नृत्य प्रदर्शन किया आयोजित

    स्पिक मैके ने अरूपा गायत्री पांडा द्वारा ओडिसी नृत्य प्रदर्शन किया आयोजित

     

    *देहरादून, । स्पिक मैके के तत्वावधान में, प्रसिद्ध कलाकार अरूपा गायत्री पांडा द्वारा आज बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग में ओडिसी नृत्य प्रदर्शन आयोजित किया गया। एसआरएफ फाउंडेशन द्वारा समर्थित, अरूपा ने गायन में राजेश कुमार लेनका, बांसुरी पर रुद्र प्रसाद परिदा और मर्दला पर तारिणी प्रसाद परिदा के साथ प्रस्तुति दी।

    नई दिल्ली के दूरदर्शन केंद्र की ए-ग्रेड कलाकार अरूपा गायत्री पांडा को अपनी पीढ़ी में ओडिसी के बेहतरीन कलाकारों में से एक माना जाता है। तीन साल की उम्र में नृत्य की शुरुआत करने के बाद, उन्होंने पद्मश्री गुरु गंगाधर प्रधान, पद्मश्री गुरु अरुणा मोहंती और गुरु मधुस्मिता मोहंती सहित प्रतिष्ठित गुरुओं से प्रशिक्षण लिया। वर्तमान में श्री श्री विश्वविद्यालय, कटक में सहायक प्रोफेसर के रूप में, उन्होंने दुनिया भर के प्रतिष्ठित मंचों पर प्रदर्शन किया है।

    भगवती स्तोत्र और वल्लभाचार्य के मधुराष्टकम के माध्यम से कृष्ण लीला के उनके चित्रण ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी तरल और भावपूर्ण हरकतों ने ओडिसी की पारंपरिक सुंदरता को रचनाओं के आध्यात्मिक उत्साह के साथ जोड़ दिया।

    आज उन्होंने राफेल स्कूल में भी प्रस्तुति दी, जहां बच्चे उनके आकर्षक प्रदर्शन से रोमांचित हो गए। कार्यक्रम के अंत में, उन्होंने एक कार्यशाला आयोजित की, जिसमें छात्रों को ओडिसी नृत्य के कुछ स्टेप सिखाए गए।

    इससे पहले अपने सर्किट में, अरूपा गायत्री पांडा ने यूनिवर्सल एकेडमी और हिमज्योति स्कूल में भी प्रदर्शन किया।

  • डबल्यूआईसी इंडिया ने रंगारंग डांडिया नाइट के साथ मनाई नवरात्रि*

    डबल्यूआईसी इंडिया ने रंगारंग डांडिया नाइट के साथ मनाई नवरात्रि*

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    *देहरादून, ।:* डबल्यूआईसी इंडिया, देहरादून ने आज अपने परिसर में गरबा रास डांडिया नाइट 2.0 संस्करण की एक जीवंत और ऊर्जावान शाम की मेजबानी करी। कार्यक्रम में उत्साही प्रतिभागियों ने नवरात्रि की उत्सव भावना को अपनाते हुए बॉलीवुड गीतों पर नृत्य किया।

    कार्यक्रम में डांडिया-थीम वाली सजावट, ऊर्जावान डीजे धुनों और ‘नगाड़ा संग ढोल’ और ‘ढोली तारो’ जैसे लोकप्रिय बॉलीवुड गानों का जीवंत मिश्रण देखने को मिला।

    मजेदार खेलों ने उत्साह को और बढ़ा दिया, जिसमें प्रतिभागियों ने बेस्ट ड्रेस, बेस्ट डांस, बेस्ट कपल और अन्य जैसे रोमांचक पुरस्कारों के लिए प्रतिस्पर्धा की।

    डबल्यूआईसी इंडिया के सदस्यों में से एक ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “आज की यह शाम ऊर्जा से भरी एक अविश्वसनीय शाम थी। कार्यक्रम काफ़ी अच्छी तरह से आयोजित किया गया था, और मेरे लिए इस तरह के आनंदमय उत्सव का हिस्सा बनना अद्भुत था। मुझे अगले साल के डांडिया उत्सव का बेसब्री से इंतज़ार है!”

    डबल्यूआईसी इंडिया, देहरादून के निदेशक सचिन उपाध्याय और अंकित अग्रवाल ने उपस्थित लोगों की भागीदारी और उत्साह की प्रशंसा करते हुए कहा, “हमारे समुदाय को ऐसे आयोजनों के लिए एक साथ आते देखना हमारे लिए हमेशा उत्साहजनक होता है। गरबा रास डांडिया नाइट डबल्यूआईसी की एक बहुप्रतीक्षित परंपरा बन गई है, और हम साल-दर-साल इसके द्वारा लाई जाने वाली खुशी को देखने के लिए उत्साहित रहते हैं।”

  • डबल्यूआईसी इंडिया ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र किया आयोजित

    डबल्यूआईसी इंडिया ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र किया आयोजित

     

    देहरादून, ।: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर, डबल्यूआईसी इंडिया देहरादून ने द काल्मिंग माइंड्स के सहयोग से आज स्ट्रेस मैनेजमेंट और मानसिक स्वास्थ्य पर एक सत्र आयोजित किया।

    इस सत्र में भागदौड़ भरी दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की बढ़ती ज़रूरत पर चर्चा की गई। वक्ताओं में प्रसिद्ध मानसिक स्वास्थ्य अधिवक्ता और वंडर वेल एनजीओ की संस्थापक डॉ. याशना बाहरी सिंह, पोषण विशेषज्ञ रूपा सोनी और भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी शामिल रहीं। सत्र का संचालन डॉ. प्राची कंडवाल ने किया।

    डॉ. याशना ने सत्र के दौरान तनाव से राहत पाने और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए सरल लेकिन प्रभावी तरीकों को अपनाने के बारे में बात करी। उन्होंने तनाव से राहत के लिए आर्ट थेरेपी के लाभों पर ज़ोर दिया। मानसिक स्वास्थ्य वार्तालापों में आवश्यक समावेशिता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “पुरुषों के लिए भी अपनी भावनाओं को व्यक्त करना ज़रूरी है।”

    नेहा जोशी ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रचलित कलंक के बारे में बात करते हुए कहा, “बहुत से लोग अभी भी मानसिक स्वास्थ्य को वर्जित मानते हैं। अब समय आ गया है कि हम इसे सामान्य बना दें। हमें पेशेवरों से मदद लेने को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। आज के बच्चे ऐसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं जिनकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। इस विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर, मैं डॉ. याशना जैसे पेशेवरों को धन्यवाद देना चाहूँगी, जो मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को समर्पण के साथ संबोधित करते हैं।”

    पोषण विशेषज्ञ रूपा सोनी ने पोषण और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध पर जोर देते हुए कहा, “हमारे मस्तिष्क को ठीक से काम करने के लिए अच्छे ईंधन की आवश्यकता होती है। दैनिक तनाव के साथ, व्यायाम करना, स्वस्थ भोजन खाना और हैप्पी हार्मोन रिलीज़ करना महत्वपूर्ण है। जिस तरह एक कार के इंजन को गुणवत्तापूर्ण ईंधन की आवश्यकता होती है, उसी तरह हमारा मस्तिष्क अच्छे पोषण पर निर्भर करता है। पेट का स्वास्थ्य सीधे हमारे मूड से जुड़ा होता है – अगर आपका पेट स्वस्थ है, तो आप पूरे दिन अच्छा महसूस करेंगे।”

    सत्र की थीम ‘अनप्लग, अनविंड और रिफ्रेश योर माइंड’ ने प्रतिभागियों को अपनी दिनचर्या से ब्रेक लेने और माइंडफुलनेस को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। साझा की गई अंतर्दृष्टि ने उपस्थित लोगों को तनाव को प्रबंधित करने और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए सरल, प्रभावी तकनीकों को अपनाने के लिए सशक्त बनाया।

    डबल्यूआईसी इंडिया के निदेशक अंकित अग्रवाल और सचिन उपाध्याय ने आज के समाज में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है, और हमें लोगों के लिए चर्चा करने और उनके तनाव को प्रबंधित करने के लिए सुरक्षित स्थान बनाने चाहिए। डबल्यूआईसी इंडिया में, हम उन पहलों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो व्यक्तियों को स्वस्थ, अधिक संतुलित जीवन जीने के लिए सशक्त बनाती हैं।”

    कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने कला और शिल्प गतिविधियों में भी भाग लिया।

    कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जहाँ प्रतिभागियों ने इन प्रथाओं को अपने दैनिक जीवन में एकीकृत करने के लिए मार्गदर्शन मांगा।