Category: शिक्षा

  • आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित एंथे 2024 के लांच के साथ एंथे के 15 गौरवशाली वर्षों का जश्न मनाया, कक्षा सातवीं से बारहवीं के छात्रों के लिए 100 फीसदी तक छात्रवृत्ति और नकद पुरस्कार की पेशकश

    आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित एंथे 2024 के लांच के साथ एंथे के 15 गौरवशाली वर्षों का जश्न मनाया, कक्षा सातवीं से बारहवीं के छात्रों के लिए 100 फीसदी तक छात्रवृत्ति और नकद पुरस्कार की पेशकश

     

    एंथे, एईएसएल की राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा, 19 से 27 अक्टूबर, 2024 तक ऑनलाइन और ऑफलाइन होगी

    100 फीसदी तक छात्रवृत्तियाँ उपलब्ध; कक्षा 7 से 9 में शीर्ष 100 छात्रों और कक्षा 11-12 में शीर्ष 50 छात्रों के लिए नकद पुरस्कार

    पांच छात्रों को कैनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा, संयुक्त राज्य अमेरिका में  दिवसीय पूर्ण खर्च यात्रा का लाभ मिलेगा

    पिछले साल, 11.8 लाख से अधिक छात्रों ने एंथे की परीक्षा दी थी।

    कई टॉपर्स (नीट यूजी और जेईई मेन और एडवांस्ड) ने एंथे के साथ अपनी यात्रा शुरू की

    पंजीकरण शुरू हैं और छात्र/अभिभावक या तो anthe.aakash.ac.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या अपने शहर में आकाश के निकटतम केंद्र पर जा सकते हैं।

    देहरादून- : अपनी प्रमुख छात्रवृत्ति परीक्षा एंथे  के गौरवशाली 15 वर्षों को पूरा करते हुए, परीक्षण तैयारी सेवाओं में राष्ट्रीय अग्रणी, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने गर्व से बहुप्रतीक्षित आकाश नेशनल टैलेंट हंट एग्जाम (एंथे) 2024 के लांच की घोषणा की है। एंथे लोकप्रिय और सबसे अधिक मांग वाली परीक्षा है, जो सातवीं-बारहवीं कक्षा के छात्रों को महत्वपूर्ण नकद पुरस्कारों के साथ 100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति अर्जित करने का मौका देती है, जिससे उन्हें चिकित्सा या इंजीनियरिंग में एक सफल करियर के अपने सपनों को हासिल करने में मदद मिलती है।

     

    इस वर्ष, इसे विशेष और रोमांचक बनाने के लिए इसमें पांच उत्कृष्ट छात्रों के लिए फ्लोरिडा, यूएसए में कैनेडी स्पेस सेंटर की पांच दिवसीय पूर्ण-खर्च-भुगतान यात्रा शामिल की गई है। फ्लोरिडा में स्थित जॉन एफ कैनेडी स्पेस सेंटर, संयुक्त राज्य अमेरिका में नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के दस फील्ड सेंटरों में से एक है।

     

    एंथे छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ताओं को आकाश के व्यापक कोचिंग कार्यक्रमों से लाभ होगा, जो छात्र नीट, जेईई, राज्य सीईटी और एनटीएसई और ओलंपियाड जैसी छात्रवृत्ति परीक्षाओं के लिए तैयारी करते हैं।

     

    एंथे का मिशन

    • योग्य स्टूडेंट्स को वित्तीय सहायता प्रदान करने, उनकी क्षमता और उनकी क्षमताओं के बीच अंतर को पाटने में मदद करने की अपनी विरासत को जारी रखना।

    • स्टूडेंट्स को चुनौतीपूर्ण प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करने के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म प्रदान करना।

    • स्टूडेंट्स को उनकी तैयारी का आकलन करने में मदद करने के लिए राज्य रैंक के साथ अखिल भारतीय रैंक प्रदान करना।

     

     

    आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) के सीईओ और एमडी श्री दीपक मेहरोत्रा ​​ने कहा, “आकाश नेशनल टैलेंट हंट एग्जाम (एंथे) ने अनगिनत छात्रों की आकांक्षाओं और क्षमताओं के बीच अंतर को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एंथे के इन 15 वर्षों का जश्न मनाते हुए, हमने अपने पाठ्यक्रमों को पूरे देश में योग्य छात्रों के लिए सुलभ बनाने का काम किया है, चाहे उनका स्थान कोई भी हो। एंथे छात्रों को, चाहे वे कहीं भी हों, अपनी गति से नीट और आईआईटी-जेईई परीक्षाओं की तैयारी करने में सक्षम बनाता है। हम एंथे 2024 में मजबूत भागीदारी की आशा करते हैं और छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन करने के लिए समर्पित हैं।”

     

    इस बार एंथे अपने 15वें सफल वर्ष का जश्न मना रहा है, और इसके पास श्रेष्ठ उपलब्धियों का एक शानदार रिकॉर्ड है। इन वर्षों में, एंथे के कई छात्रों ने नीट यूजी और जेईई एडवांस्ड जैसी प्रतिष्ठात्मक परीक्षाओं में शीर्ष स्थान हासिल किए हैं। एंथे के माध्यम से आकाश में दाखिल होने वाले कुछ प्रमुख उपलब्धियां शामिल हैं: ऋषि शेखर शुक्ला (जेईई एडवांस्ड 2024 AIR 25), कृष्णा साई शिशिर (जेईई एडवांस्ड 2024 AIR 67), अभिषेक जैन (जेईई एडवांस्ड 2024 AIR 78) और अन्य। नीट 2023 में हमारे शीर्ष स्कोरर्स शामिल हैं: कौस्तव बौरी (AIR 03), ध्रुव आडवाणी (AIR 05), सूर्य सिद्धार्थ एन (AIR 06), आदित्य नीरज (AIR 27) और आकाश गुप्ता (AIR 28).

     

    एंथे 2024 का आयोजन 19 से 27 अक्टूबर 2024 के बीच ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में, भारत के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा, 100 प्रतिशत तक की छात्रवृत्तियों के अलावा, शीर्ष स्कोरर्स को नकद पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा।

     

    एथे ऑफलाइन परीक्षा 20 और 27 अक्टूबर 2024 को आकाश इंस्टीट्यूट के सभी 315+ केंद्रों पर सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित की जाएगी, जबकि ऑनलाइन परीक्षा 19 से 27 अक्टूबर 2024 के बीच किसी भी समय लिया दी जा सकती है। छात्र अपने अनुकूल समय में एक घंटे का स्लॉट चुन सकते हैं।

     

    एंथे एक घंटे की परीक्षा होगी, जिसमें कुल 90 अंक होंगे और 40 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जो छात्रों की उनकी कक्षा और विषय विचारों के आधार पर होंगे। कक्षा 7 से 9 के छात्रों के लिए, प्रश्न भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, गणित और मेंटल एबिलिटी से संबंधित होंगे। कक्षा 10 के छात्रों के लिए चिकित्सा शिक्षा के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान और मेंटल एबिलिटी से संबंधित होंगे, जबकि इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और मेंटल एबिलिटी से संबंधित होंगे। ठीक उसी तरह, नीट के लिए लक्ष्य रखने वाले कक्षा 11-12 के छात्रों के लिए प्रश्न भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और जूलॉजी से संबंधित होंगे, जबकि इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित से संबंधित होंगे।

     

    एंथे 2024 के लिए रजिस्ट्रेशन फार्म जमा करने की अंतिम तिथि ऑनलाइन परीक्षा के प्रारंभ से तीन दिन पहले और ऑफलाइन परीक्षा के प्रारंभ से सात दिन पहले है। परीक्षा शुल्क दोनों ऑफलाइन और ऑनलाइन मोड के लिए 200 रूपये फीस निर्धारित की गई है। छात्र 15 अगस्त 2024 से पहले पंजीकरण शुल्क पर फ्लैट 50 प्रतिशत की छूट भी प्राप्त कर सकते हैं।

     

    एंथे 2024 के परिणाम 8 नवंबर 2024 को कक्षा 10 के छात्रों के लिए, 13 नवंबर 2024 को कक्षा 7 से 9 के लिए, और 16 नवंबर 2024 को कक्षा 11 और 12 के छात्रों के लिए घोषित किए जाएंगे। इन परिणामों को हमारी एंथे की वेबसाइट anthe.aakash.ac.in पर उपलब्ध कराया जाएगा।

     

     

    www.aakash.ac.in

     

     

     

     

  • एस.सी.ई.आर.टी के नवनिर्मित भवन का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

    एस.सी.ई.आर.टी के नवनिर्मित भवन का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

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    देहरादून।मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ननूरखेड़ा, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, (एस.सी.ई.आर.टी) उत्तराखण्ड के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पं० दीन दयाल उपाध्याय राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार के तहत उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा संचालित वर्ष 2023 एवं 2024 हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले तीन-तीन स्कूलों, हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षाओं में प्रथम 10 स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में सी.एस.आर. के सहयोग से स्थापित 442 स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण दिन है। शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, लगन, समर्पण के बल पर उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए हैं। ये पुरस्कार विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को आगे भी इसी मनोयोग से प्रयास करने के लिए प्रेरित करेंगे और अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एससीईआरटी भवन का निर्माण कार्य 02 साल में पूर्ण करने का शिक्षा विभाग को लक्ष्य दिया गया था। विभाग द्वारा निर्धारित समयावधि में 29 करोड़ 25 लाख की धनराशि से भव्य भवन का निर्माण किया गया है। एससीईआरटी भवन बनने से शैक्षिक विकास, शिक्षक प्रशिक्षण, शैक्षिक अनुसंधान तथा राज्य के शिक्षा के तंत्र का सम्पूर्ण विकास किये जाने में मदद मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एस.सी.ई.आर.टी के भवन निर्माण के साथ ही इसकी गुणवत्ता भी अत्यधिक मायने रखती है। राज्य सरकार का स्पष्ट ध्येय है कि किसी भी तरह के निर्माण कार्य में क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा सीएसआर के अंतर्गत बनी 442 स्मार्ट क्लास के शुरू होने से सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था में अधिक गुणवत्ता आएगी। राज्य सरकार राज्य के 840 विद्यालयों में हाईब्रिड मोड में वर्चुअल एवं स्मार्ट क्लास की स्थापना पर भी कार्य कर रही है। कक्षा 1 से 12 तक के बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें एवं कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तको के साथ ही जूते और बैग भी प्रदान किए जा रहे हैं। कक्षा 9 में प्रवेश करने वाली बालिकाओं के लिए साइकिल योजना एवं मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना भी लागू की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि राज्य का कोई भी विद्यार्थी बुनियादी आवश्यकताओं से वंचित न रहे और न ही उनकी पढ़ाई पर कोई असर पड़े। उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक आधुनिक और व्यावहारिक बनाने के लिए सरकार लगातार नीतिगत फैसले ले रही है। सभी को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। राज्य के किसी भी छात्र-छात्राओं के जीवन में शिक्षा का अभाव नहीं होनेे देंगे।

    शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि इस वर्ष उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट 30 अप्रैल को घोषित कर दिया था। जिससे बच्चों को उच्च शिक्षा हेतु अच्छे संस्थानों में जाने का मौका मिलता है। आगामी शिक्षण सत्र के लिए रिजल्ट 20 अप्रैल तक घोषित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में अध्यापकों के ट्रांसफर में पारदर्शिता आई है। ट्रांसफर में काउंसलिंग व्यवस्था की शुरुआत की गई है। अब तक 5000 अध्यापकों के ट्रांसफर हो चुके हैं। एससीईआरटी और डायट को और अधिक सृदृढ़ बनाया जा रहा है। आगामी वर्ष से टीचरों के ट्रांसफर भी ऑनलाइन व्यवस्था से होने लगेंगे।

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों में 70 प्रतिशत से कम अध्यापक होंगे वहां नए अध्यापकों के जाने तक अध्यापक रिलीव नहीं होंगे। राज्य सरकार छात्रों को किताबें, कपड़े, बैग, जूते मुफ़्त में देने का कार्य कर रही है। छात्रों को छात्रवृत्ति और निःशुल्क नोटबुक भी उपलब्ध कराई जा रही है।

    विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू होने से शिक्षा के क्षेत्र में अनेक क्रान्तिकारी परिवर्तन हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में शिक्षा के उन्नयन के लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं।

    महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा श्री बंशीधर तिवारी ने शिक्षा विभाग को प्रेरणा और नई दिशा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एससीईआरटी का अपने भवन बनने से शैक्षिक विकास, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नये आयाम प्राप्त होंगे। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और विद्यार्थियों को शुभकामना भी दी। शिक्षा महानिदेशक ने कहा कि प्रधानाचार्य और शिक्षक विद्यालयी शिक्षा के मजबूत स्तंभ हैं।

    इस अवसर पर निदेशक एससीईआरटी श्रीमती वन्दना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री महावीर सिंह बिष्ट, निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्री रामकृष्ण उनियाल एवं शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में ‘ मुख्यमंत्री विद्यार्थी कल्याण योजना-2024 का शुभारंभ किया

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में ‘ मुख्यमंत्री विद्यार्थी कल्याण योजना-2024 का शुभारंभ किया

    देहरादून।.मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में ‘ मुख्यमंत्री विद्यार्थी कल्याण योजना-2024 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को मोबाइल लर्निंग स्कूल की सुविधा के लिए दो बसों का शुभारंभ भी किया।

    मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को जनपद हरिद्वार और जनपद उधमसिंह नगर के लिए मोबाइल लर्निंग स्कूल के लिए एक-एक बस का फ्लैग ऑफ किया गया। इससे पहले देहरादून और नैनीताल जनपदों के लिए इस पहल की शुरूआत की गई थी, जिसके तहत 314 बच्चे प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 75 बच्चों का प्रतिवर्ष चयन कर रुद्रपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में उच्च तकनीकि शिक्षा प्रदान की जायेगी। इन बच्चों को मेकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग जैसे विषय में 03 वर्ष का तकनीकि प्रशिक्षण प्रदान कर उनके रोजगार के लिए प्लेसमेंट की व्यवस्था भी की जायेगी। इन बच्चों के प्रशिक्षण का खर्चा सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को इस तरह के प्रशिक्षण प्रदान करने से उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में आगे आने का अवसर मिलेगा।

    इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, अध्यक्ष उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड श्री आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड सुश्री दीप्ति सिंह एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे

  • मुख्यमंत्री ने किया सोलर वाटर हीटर अनुदान योजना पोर्टल का शुभारंभ

    मुख्यमंत्री ने किया सोलर वाटर हीटर अनुदान योजना पोर्टल का शुभारंभ

     मेगावाट की क्षमता वाले सोलर प्लांट की स्थापना का रखा गया है लक्ष्य

    मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के 47 लाभार्थियों को प्रदान किये आवंटन पत्र।

    पी.एम. सूर्यघर योजना के तहत 4 लाभार्थियों को वितरित किये राज्य अनुदान के चेक।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उरेडा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सोलर वाटर हीटर अनुदान योजना में आवेदन एवं अनुदान निर्गत किये जाने के लिए पोर्टल www.uredaonline.uk.gov.in का शुभारम्भ किया गया। प्रदेश के राजकीय भवनों पर स्थापित सोलर पावर प्लान्ट एवं सोलर वाटर हीटर, 27 भवनों पर 1.26 मे.वा. क्षमता के सोलर पावर प्लान्ट तथा 44 राजकीय भवनों पर स्थापित 48400 लीटर क्षमता के सोलर वाटर हीटर सयंत्रों का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के 47 लाभार्थियों को परियोजना आवंटन पत्र प्रदान किये गये तथा 04 संख्या लाभार्थियों को पी0एम0 सूर्यघर योजना के अन्तर्गत राज्य अनुदान के चेक प्रदान किये गये।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा का महत्व पूरे देश में तेजी से बढ़ा है। नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोत पांरपरिक जीवाश्म आधारित ईंधन के एक बेहतर विकल्प के रूप में उभरे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत से कार्बन उत्सर्जन को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंचामृत कार्य योजना के तहत भारत में वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है। 2070 तक देश को कार्बन न्यूट्रल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत किसानों को सौर पंप और सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए सब्सिडी और समर्थन प्राप्त हो रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग भी बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में सौर ऊर्जा एवं जल विद्युत के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। राज्य में सौर ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा देने के लिए नई सौर ऊर्जा नीति बनाई गई है। वर्ष 2026 तक राज्य के सभी शासकीय भवनों पर सोलर पावर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 100 करोड़ रूपये की धनराशि का प्राविधान किया गया है। रूफटॉप सोलर प्लांट को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार की ओर से संयुक्त रूप से 70 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। पी.एम. सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए राज्य में अभी तक  734 लाभार्थियों को 3.72 करोड़ रूपये का अनुदान दिया जा चुका है। घरेलू और गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर वाटर हीटर संयंत्र की स्थापना पर 30 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत सोलर पावर प्लांट की स्थापना के माध्यम से अब तक 750 विकासकर्ताओं को 133 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट दिये गये हैं। इस योजना के माध्यम से 2026 तक 250 मेगावाट की क्षमता वाले सोलर प्लांट की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।

    कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। स्वरोजगार को बढ़ावा देने में सौर ऊर्जा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऊर्जा आधारित प्रदेश उत्तराखण्ड की मूल अवधारणा में था। उत्तराखण्ड में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने में सौर ऊर्जा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

    इस अवसर पर विधायक  बंशीधर भगत, सचिव ऊर्जा  आर मीनाक्षी सुन्दरम, निदेशक उरेडा श्रीमती रंजना राजगुरू, एमडी पिटकुल  पी.सी ध्यानी, उप महानिर्देशक एनआईसी  अशेष कुमार अग्रवाल, महाप्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक  सचिदानंद दुबे, मुख्य परियोजना अधिकारी उरेडा श्री मनोज कुमार, उप-मुख्य परियोजना अधिकारी,  अखिलेश कुमार शर्मा,  संदीप भट्ट, सुश्री वंदना उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने ये निर्देश शुक्रवार को सचिवालय में उत्तराखंड राज्य वन्य जीव बोर्ड की 20 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिये

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने ये निर्देश शुक्रवार को सचिवालय में उत्तराखंड राज्य वन्य जीव बोर्ड की 20 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिये

    देहरादून। मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग द्वारा और प्रभावी प्रयास किये जाएं। इसके निवारण के लिए सुनियोजित नीति बनाते हुए इस पर गंभीरता से कार्य किया जाए। मानव-वन्यजीव संघर्ष में मृतकों के परिजनों और घायलों को यथाशीघ्र अनुमन्य सहायता उपलब्ध करवाई जाए। जंगलों से लगते जो स्थान बायोफैंसिंग से वंचित रह गए हैं, उन स्थानों को अतिशीघ्र बायोफैंसिंग से आच्छादित किया जाए। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने ये निर्देश शुक्रवार को सचिवालय में उत्तराखंड राज्य वन्य जीव बोर्ड की 20 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिये।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम हेतु चिन्हित हॉट स्पॉट क्षेत्रों में वन कर्मियों की गश्त बढाई जाए एवं वन कर्मियों को पर्याप्त मात्रा में उपकरण कैमरा ट्रैप, एनाईडर, ट्रैक्युलाईज गन आदि दी जाए। साथ ही आधुनिक उपकरण जैसे ड्रोन के माध्यम से भी जंगली जानवरों पर नज़र रखी जाए। जिन प्रभागों में मानव वन्यजीव संघर्ष के ज्यादा मामले आ रहे हैं उन स्थानों पर विशेष नजर रखी जाए।

    मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में प्रस्तावित जू एंड सफारी के मास्टर प्लान पर जल्द डीपीआर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजाजी टाइगर रिजर्व के अन्तर्गत चौरासी कुटिया का अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकास एवं उच्चीकरण अति शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्य में वन्य जीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न नेशनल पार्कों के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए वाइल्डलाइफ आधारित डॉक्यूमेंट्री, फिल्म बनाने के भी निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न स्थानों पर बर्ड वाचिंग कैंप का आयोजन भी किये जाने को कहा। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास योजनाओं को नियमों के दायरे में रहकर जल्द पूरा किया जाए, ताकि आमजन को सहूलियत मिल सके।

    बैठक में जानकारी दी गई कि जमरानी बाँध बहुउद्देशीय परियोजना के लिए नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाईफ से स्वीकृति मिल चुकी है। जनपद-पौड़ी गढ़वाल के विकासखण्ड यमकेश्वर में किमसार-भोगपुर मोटर रोड के लिए नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाईफ से स्वीकृति प्राप्त हो गई है। जिसका निर्माण जल्द किया जाएगा। 9 सालों से लंबित राजाजी टाइगर रिजर्व हेतु टाइगर कंजरवेशन फॉउण्डेशन का गठन कर लिया गया है। राज्य में वन्यजीव प्रबन्धन के समस्त बिन्दुओं को सम्मिलित करते हुये फॉरेस्ट लैण्डस्केप रीस्टोरेशन के 10 वर्षीय प्रस्ताव को तैयार किया जा रहा है। जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 32 करोड़ की धनराशि भारत सरकार से स्वीकृत हो गई है। प्रदेश में मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 में आधुनिक उपकरणों के क्रय हेतु वन प्रभागों को 10 करोड़ 50 लाख रूपये की धनराशि आवंटित की गई है।

    बैठक में बताया गया कि वर्ष 2009 के पश्चात राज्य में वन विश्राम भवनों की दरों को पुनरीक्षित किया गया है। केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, भारत सरकार द्वारा हल्द्वानी जू एण्ड सफारी, हल्द्वानी के मास्टर प्लान को स्वीकृति प्रदान की गयी। प्रदेश में बंदर बंध्याकरण का कार्य मिशन मोड में किया जा रहा है, जिसमें जुलाई 2023 से 31 मार्च 2024 तक 39,398 बंदरों का बंध्याकरण किया चुका है। मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए 05 वन प्रभागों (गढ़वाल, टिहरी, पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं नरेन्द्रनगर) के अन्तर्गत “लिविंग विद लैपर्ड“ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की त्वरित रोकथाम के लिये 31 वन प्रभागों के अन्तर्गत 65 त्वरित प्रतिक्रिया दल का गठन किया गया है।

    बैठक में वन मंत्री  सुबोध उनियाल, विधायक श्री बंशीधर भगत,  दीवान सिंह बिष्ट,  सुरेश सिंह चौहान, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव  आर.के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, प्रमुख वन संरक्षक, वन्यजीव डॉ. समीर सिन्हा, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, एडीजी ए.पी अंशुमन एवं बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे।

  • द पैसल वीड स्कूल ने AISSCE और AISSE परीक्षा – 2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया

    द पैसल वीड स्कूल ने AISSCE और AISSE परीक्षा – 2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया

    देहरादून-। ऑल इंडिया सीनियर स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन और ऑल इंडिया सेकेंडरी स्कूल एग्जामिनेशन 2024 में द पेसल वीड के छात्रों ने कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट अंक हासिल कर अपना, अपने स्कूल तथा अपने परिवार का नाम रोशन किया ।

    सुश्री अंजलि ने अंग्रेजी में 97% अंक, रसायन विज्ञान में 93% अंक प्राप्त किए और अपनी एन डी ए लिखित परीक्षा भी उत्तीर्ण की, राहुल ने गणित में 92% अंक हासिल किए और पेंटिंग में 100% ने एन डी ए लिखित परीक्षा भी उत्तीर्ण की, जया ने अंग्रेजी में 99% अंक और पेंटिंग में 100% अंक हासिल करके स्कूल का नाम रोशन किया, जबकि आदित्य ने अंग्रेजी में 95% अंक और पेंटिंग में 96% अंक हासिल किए, जबकि सुमित ने अंग्रेजी में 93% अंक और पेंटिंग में 99% अंक हासिल किए। विज्ञान संकाय में कुल 75 डिस्टिंक्शन प्राप्त किए गए हैं, जबकि आर्ट और वाणिज्य स्ट्रीम में विनीत प्रताप सिंह ने राजनीति विज्ञान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अंग्रेजी में 95% और अंग्रेजी में 90% अंक और चित्रकला में 98% अंक प्राप्त किए। शमशीर ने अर्थशास्त्र, लेखा और शारीरिक शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

    अखिल भारतीय माध्यमिक परीक्षा 2024 में राघव बिल्लोरे ने अंग्रेजी और सामाजिक अध्ययन में 98% अंक, हिंदी में 95% अंक, विज्ञान में 91% अंक जबकि मुदित गुप्ता ने सामाजिक अध्ययन में 97% अंक, सूचना प्रौद्योगिकी में 96% अंक, अंग्रेजी में 95% अंक, गणित में 92% अंक और विज्ञान में 91% अंक प्राप्त किए, जबकि शिवानी ने हिंदी में 90% और सूचना प्रौद्योगिकी में 95% अंक प्राप्त किए। अखिल भारतीय परीक्षा 2024 में में कुल 96 डिस्टिंक्शन प्राप्त किए गए हैं,

    डॉ. प्रेम कश्यप, अध्यक्ष, द पेसल वीड स्कूल और श्री जतिन सेठी, प्रिंसिपल, द पेसल वीड स्कूल ने छात्रों द्वारा किए गए पूरी मेहनत से की गई प्रयास के कारण इस तरह के उत्साहजनक परिणाम निकालने के लिए शिक्षकों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।

     

  • मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में उत्तराखण्ड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन, आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सेविका कर्मचारी यूनियन तथा उत्तराखण्ड भोजन माता कामगार यूनियन के पदाधिकारियों ने मुलाकात की

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में उत्तराखण्ड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन, आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सेविका कर्मचारी यूनियन तथा उत्तराखण्ड भोजन माता कामगार यूनियन के पदाधिकारियों ने मुलाकात की

    देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में उत्तराखण्ड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन, आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सेविका कर्मचारी यूनियन तथा उत्तराखण्ड भोजन माता कामगार यूनियन के पदाधिकारियों ने मुलाकात की।
    मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान यूनियन के पदाधिकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी। इस पर मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
    इस अवसर पर उत्तराखण्ड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन के प्रान्तीय अध्यक्ष  शिव दुबे, महामंत्री लोकेश देवी, कोषाध्यक्ष श्रीमती कलावती चन्दोला, जिलाध्यक्ष सुनीता चौहान, आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सेविका कर्मचारी यूनियन से श्रीमती चित्रकला, श्रीमती लक्ष्मी पन्त, श्रीमती रंजना गुलेरिया, श्रीमती मनीषा राणा तथा श्रीमती सुनीता रावत, उत्तराखण्ड भोजन माता कामगार यूनियन से श्रीमती मोनिका उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को संत रविदास जयंती की शुभकामनाएं दी

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को संत रविदास जयंती की शुभकामनाएं दी

    देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को संत रविदास जयंती की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी ने सामाजिक समरसता की शिक्षा देने के साथ समाज की बुराइयों को दूर करने का कार्य किया। उनकी रचनाएं हमारे साहित्य की धरोहर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए संत रविदास द्वारा किए गए प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।

  • बोर्ड परीक्षा हेतु चल रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिये

    बोर्ड परीक्षा हेतु चल रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिये

    हरिद्वार: – बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन एवं सुचितापूर्वक चुनावी मोड में सम्पन्न कराना सुनिष्चित करें। यह निर्देश जिलाधिकारी धीराज सिंह गब्र्याल ने षुक्रवार जिला कार्यालय सभागार में बोर्ड परीक्षा हेतु चल रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिये।
    उन्होंने निर्देषित करते हुए कहा कि सभी केन्द्रों में बोर्ड परीक्षाएं शान्तिपूर्ण एवं सुचितापूर्वक चुनावी मोड में सम्पन्न कराई जाये। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि एक्जाम पेपर्स को सीसीटीवी की निगरानी में सुरक्षित रखा जाये तथा पेपर कक्ष के बाहर भी सुरक्षात्मक दृष्टि से कार्मिकों की तैनाती की जाये। उन्होंने निर्देषित करते हुए कहा कि परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा से जुड़े स्टाफ को ही प्रवेष दिया जाये और किसी अन्य व्यक्ति को प्रवेष न दिया जाये। आन्तरिक सचल दलों का गठन किया जाये और बालिकाओं की तलाषी महिला स्टाफ द्वारा ही ली जाये। विद्यार्थियों को परीक्षा केन्द्रों पर मोबाइल न ले जाने दिया जाये। वित्त विहीन विद्यालयों के टीचर्स की ड्यूटी सरकारी टीचर्स उपलब्ध न होने पर ही विषेष परिस्थितियों में लगाई जाये।
    उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि बच्चों में एक्जाम फोबिया न हो, इसलिए बच्चों की काउंसिलिंग की जाये। परीक्षा केन्द्रों पर फस्र्ट एड बाॅक्स की व्यवस्था की जाये और सीएचसी, पीएचसी सहित मुख्य चिकित्साधिकारी का नम्बर सभी परीक्षा केन्द्रों में उपलब्ध कराया जाये।
    बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने बताया कि 27 फरवरी से 16 मार्च तक चलने वाली हाईस्कूल तथा इण्टरमीडिएट बोर्ड परीक्षाकों के सुचितापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए कुल 118 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जिसमें से 16 परीक्षा केन्द्र संवेदनषील तथा 5 परीक्षा केन्द्र अतिसंवेदनषील बनाए गए है। उन्होंने बताया कि इस बार 11 नए परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। इस बार 17 एकल परीक्षा केन्द्र बनाए गए है। उन्होंने बताया कि परीक्षा को नकलविहीन सम्पन्न कराने के लिए जनपद को 7 सेक्टरों में बांटते हुए सेक्टर मजिस्ट्रेट्स की तैनाती की गई है जबकि जनपद स्तरीय 2 सचल दलों का भी गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन हेतु 2 संकलन केन्द्र बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में जनपद से 45232 विद्यार्थी परीक्षा हेतु पंजीकृत है। जिसमें से हाईस्कूल में 12676 बालक व 12156 बालिकाएं तथा इण्टरमीडिएट में 11107 बालक व 9293 बालिकाएं परीक्षा हेतु पंजीकृत है। उन्होंने सभी को परीक्षा निर्देषिका का विधिवत अध्ययन करने तथा विद्यार्थियों का सीटिंग प्लान पूरी पारदर्षिता से तैयार करने के निर्देश दिये।
    बैठक में सचिव रेड क्रास नरेश चैधरी, बीडीओ बहादराबाद मानस मित्तल, प्रधानाचार्य महेश प्रसाद यादव, प्रधानाचार्य भीखाराम सिंह, प्रधानाचार्य मंजू सैनी, प्रधानाचार्य रामेश्वर पवार, प्रधानाचार्य रमेश कुमार, केंद्र संस्थापक संजय गर्ग, प्रधानाचार्य मनीष कुमार श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य विजेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य रवि कुमार, प्रधानाचार्य डॉ ओमसिंह सैनी, प्रधानाचार्य श्रद्धा देवी, प्रधानाचार्य सुधीर कुमार श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य डॉ लक्ष्मी देवी, प्रधानाचार्य ऋषिपाल सिंह, प्रधानाचार्य विजय कुमार, प्रधानाचार्य डॉ घनश्याम गुप्ता, कस्टोडियम, केन्द्र व्यवस्थापक तथा प्रवक्ता मौजूद थे

  • मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में आयोजित विकसित भारत संकल्प 2024 मेगा प्रदर्शनी कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में आयोजित विकसित भारत संकल्प 2024 मेगा प्रदर्शनी कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा।

    देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में आयोजित विकसित भारत संकल्प 2024 मेगा प्रदर्शनी कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत को ’’विकसित भारत’’ बनाने का संकल्प महज एक संकल्प नहीं, बल्कि भारत को पुनः विश्वगुरू बनाने का दृढ़ विश्वास है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से ऐलान किया था कि ’’जब 2047 में देश आजादी के 100 साल मनाएगा, तब हमारा राष्ट्र ध्वज ’’एक विकसित भारत’’ का ध्वज होना चाहिए। इस संकल्प को पूरा करने के लिए हमें बिना रूके, बिना थके आगे बढ़ना है और इस संकल्प के लिए सुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कार्य करना है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। महज दो माह में ही इस यात्रा से लगभग 60 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। प्रधानमंत्री जी द्वारा साढ़े 9 वर्षों में अपने महत्वपूर्ण निर्णयों, दूरदर्शी सोच एवं योजनाओं से देश भर में जो सकारात्मक माहौल बनाया है, वह किसी भारतीय से छिपा नहीं है। इस संकल्प में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं अत्यंत सहायक सिद्ध हुई हैं, जिसका भव्य रूप आज हम सभी को देखने को मिल रहा है। विकसित भारत संकल्प यात्रा, आने वाले कुछ वर्षों में विकसित भारत की संकल्पना को जन-जन तक पहुंचाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में देश भर के गांवों में करोड़ों परिवारों को सरकार की किसी न किसी योजना का लाभ अवश्य मिला है। उसमें भी जब ये लाभ अंत्योदय की भावना को ध्यान में रखते हुए अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को मिलता है तो एक विश्वास बढ़ता है, जिंदगी जीने की एक नई ताकत आ जाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार में, 80 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई। दिव्यांग जनों को सशक्त बनाया, करीब 50 करोड़ जनधन खाते खोले गए, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग साढ़े तीन करोड़ आवास बनाए गए, 8.67 करोड़ घरों तक नल से जल पहुंचाया गया। जहां एक ओर किसान सम्मान निधि के रूप में 2019 से हर वर्ष किसानों को छह हजार रुपये दिए गए वहीं प्रधानमंत्री जी ’’फसल बीमा योजना’’ भी लेकर लाए। महिला सशक्तिकरण के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 11.72 करोड़ इज्जत घर बनाए गए और दस करोड़ से ज्यादा उज्ज्वला कनेक्शन दिए गए। इसके अलावा रोजगार मेला लगाकर दस लाख भर्तियों का अभियान प्रारंभ किया गया। कोरोना जैसी महामारी का हमने डटकर मुकाबला किया और लोगों को इसके मुफ्त टीके लगाए गए। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना से दस करोड़ परिवारों का पांच लाख रुपए का बीमा भी कराया गया। पूर्वोत्तर में शांति व समृद्धि स्थापित करने के उद्देश्य से कई समझौते किए गए।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में जहां भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का उद्घाटन किया गया, वहीं दूसरी ओर वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक सहित कई अन्य परियोजनाएं पूरी की गई। राम मन्दिर को लेकर देश में अनेक भ्रांतियां फैलायी गई किन्तु प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली सरकार में सभी भ्रांतियां शून्य साबित हुई। इसके अलावा 34 साल पुरानी शिक्षा नीति भी बदली गई और कश्मीर घाटी में घुसपैठ की घटनाओं में भी कमी आई। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में जी-20 सम्मेलन में भारत ने जहां एक ओर अपनी धाक जमाई वहीं, भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में भी सफल रहा। देश में डिजिटल लेन-देन भी बढ़ा और 776 अरब डॉलर का निर्यात भी हुआ। 2014 से पूर्व देश के विकास का इंजन बहुत धीमी गति से चल रहा था परन्तु, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में विकास का यही इंजन आज हर क्षेत्र में तेजी से दौड़ रहा है। 2014 से पूर्व देश में स्वास्थ्य सेवाएं स्वयं बीमार थी, लेकिन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज स्वास्थ्य सेवाओं का जिस तरह विस्तार हुआ है, वह पहले संभव नहीं था।

    2014 से पूर्व देश में सड़कों की खस्ता हालत किसी से छिपी नहीं हैं, लेकिन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज देश में प्रतिदिन 38 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है। 2014 से पूर्व बच्चों को वैक्सीन लगवाने के लिए दर-दर भटकना पड़ता था, लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में मिशन इन्द्रधनुष योजना के तहत बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए वैक्सीन लगाई जा रही है। आज मोदी जी के नेतृत्व में देश का सांस्कृतिक वैभव पुनः वापस लौट रहा है। 2014 से पहले भारत एक पिछलग्गू राष्ट्र की श्रेणी में पहुंच गया था, लेकिन आज प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत विश्व का एक अग्रणी राष्ट्र बन चुका है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रधानमंत्री जी के कुशल मार्गदर्शन का ही प्रतिफल है कि हम उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री जी से प्रेरणा पाकर हमने भी उत्तराखंड में विगत ढाई वर्षों में कुछ ऐसे महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय लिए हैं, जो विगत 23 वर्षों में नहीं लिए गए थे। हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया। हमने देवभूमि में पहली बार लैंड जिहाद के खिलाफ कठोर कदम उठाए। इसके अलावा उत्तराखंड बनने के 23 वर्षों में पहली बार भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई। मातृशक्ति को मजबूत करने के लिए जहां हमने प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की वहीं वर्ष में तीन मुफ्त सिलेंडर रिफिल देने की योजना भी हम लेकर आए। अब हमने देवभूमि में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू कर ये देखा दिया है कि हम जो कहते हैं, वो अवश्य करते हैं। यूसीसी के माध्यम से हमने सभी को समान अधिकार देने का एजेंडा तैयार किया हैं। लेकिन, कई लोग यूसीसी को लेकर भी भ्रांतियां फैला रहे हैं, इस मामले में अब जनता किसी भी प्रकार से फैलाए जा रहे भ्रम से भ्रमित होने वाली नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबको यह संकल्प लेना होगा कि हम 2047 तक विकसित भारत बनाने के यज्ञ में अपने परिश्रम की आहुति प्रदान करेंगे। हम उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने संकल्प को लेकर चल रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम अपने इस ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को सभी के सहयोग से पूर्ण करने में अवश्य सफल होंगे।