फतेहपुर वन क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना बाघ

हल्द्वानी। हल्द्वानी के फतेहपुर वन क्षेत्र में बाघ आतंक का पर्याय बना हुआ है. बाघ चार लोगों को अपना निवाला बना चुका है। बीते दिन बाघ ने घात लगाकर एक महिला पर हमला कर दिया। बाघ के हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाघ के आतंक के चलते लोग अब सड़क से गुजरने से कतरा रहे हैं। वहीं बाघ की दस्तक से लोगों में दहशत का माहौल है।
गौरतलब है कि फतेहपुर रेंज के जंगल में बीते सोमवार को बाघ ने पनियाली निवासी जानकी देवी को अपना निवाला बना दिया था, जबकि 13 जनवरी को बजूनिया निवासी किसान नाथूलाल को निवाला बना दिया था. वहीं बाघ पिछले 3 महीनों में चार लोगों का अपना शिकार बना चुका है। बाघ को पकड़ने के लिए ग्रामीण कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं। लेकिन वन विभाग की टीम बाघ को नहीं पकड़ पा रही है। सोमवार को बाघ के हमले में महिला की मौत के बाद वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए 50 ट्रैप कैमरे और 10 पिंजरे लगाए हैं।इसके अलावा विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ बाघ को ट्रेंकुलाइज करने के लिए भी टीम लगी है। लेकिन बाघ वन विभाग के कर्मियों को दिखाई तक नहीं दे रहा है। वहीं ताजा घटना रामकृष्ण आश्रम के पास घटित हुई. यहां मुख्य सड़क पर साइकिल से जा रही एक महिला पर बाघ ने हमला कर दिया। गनीमत रही कि राहगीरों के शोर मचाने पर बाघ महिला को छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया। बाघ के हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। फतेहपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी केएल आर्य ने बताया कि बाघ के हमले में महिला के सिर और हाथ पर काफी चोटें आई हैं। वहीं बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है।

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