चुनाव परिणामोें से पूर्व राजनीतिक दलों की सांसे अटकी

देहरादून। विधानसभा चुनाव का परिणाम 10 मार्च को सामने आएगा लेकिन इससे पहले प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ीं हुई हैं। उत्तराखंड में मतदान लगभग पिछले विधानसभा चुनाव जैसा ही होने के कारण अभी तक राजनीतिक दलों को यह समझ में नहीं आया  के यह मतदान किसके पक्ष में लाभदायक होगा और किसके पक्ष में नुकसानदायक। यहां तक की इस बार राजनीतिक पंडित भी राजनीतिक दलों के नफा नुकसान का आंकलन लगाने में विफल साबित हो रहे हैं ऐसे में राज्य के मुख्य राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस मतदान को लेकर स्पष्ट रूप से कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं है। दोनों ही दलों के नेता ऊपरी तौर पर तो सरकार बनाने के दावे कर रहे हैं, लेकिन अंदरूनी तौर पर उनमें डर का भाव दिखाई दे रहा है। चुनाव मतदान के बाद परिणाम को लेकर भाजपा और कांग्रेस और सहज स्थिति में नजर आ रहे हैं। परिणाम किसके पक्ष में होगा और कौन सत्ता की सीढ़ी पार करने में सफल होगा यह तो 10 मार्च के बाद ही साफ हो पाएगा लेकिन अभी तस्वीर किसी के भी पक्ष में क्या होगी इसको लेकर भाजपा और कांग्रेस में और सहज स्थिति बनी हुई है।

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