सीएम धामी व राज्यपाल ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देकर रवाना किया

ऋषिकेश। हेमुकुंड साहित के कपाट बीस जून को खोले जाएंगा। जिसके लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी है। बुधवार को हेमकुंड साहिब के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था ऋषिकेश स्थित गुरुद्वारा से रवाना हुआ। पहले जत्थे में करीब 300 यात्री शामिल हुए। राज्यपाल लेफ्टीनेंट जनरल (सेनि.) सरदार गुरमीत सिंह, सीएम पुष्कर सिंह धामी सहित समेत अन्य कई कैबिनेट मत्रियों ने जत्थे को शुभकामनाएं दीं और श्रद्धालुओं को रवाना किया। इससे पहले उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ गुरुद्वारे में अरदास की। हेमकुंड साहिब यात्रा पर जाने वाले पहले जत्थे में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान के श्रद्धालु शामिल हैं।
हेमकुंड यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए पर्यटन विभाग की ओर से लक्ष्मणझूला स्थित गुरुद्वारे में पंजीकरण केंद्र खोल दिया गया है। चारधाम यात्रा के पंजीकरण प्रभारी प्रेमानंद ने बताया कि पंजीकरण केंद्र में तीन काउंटर होंगे। यह केंद्र सुबह पांच बजे से रात दस बजे तक खुले रहेंगे। कर्मचारी यहां दो शिफ्टों में काम करेंगे।
60 साल से ज्यादा उम्र के बीमार लोग अब हेमकुंड साहिब की यात्रा पर नहीं जा सकेंगे। चमोली जिला प्रशासन की अपील पर गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से ऐसे यात्रियों को ऋषिकेश में रोका जाएगा। हालांकि हेमकुंड साहिब में बर्फ पिघलने के बाद ऐसे यात्रियों को यात्रा पर जाने की अनुमति मिल जाएगी।
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के प्रबंधक सरदार दर्शन सिंह ने बताया कि वर्तमान में हेमकुंड साहिब जाने के रास्ते में आठ फीट तक बर्फ जमी है। ऐसे में इस समय वहां पर ऑक्सीजन की मात्रा बहुत कम है।
इसके चलते 60 साल से अधिक आयु के ऐसे लोग जो ब्लड प्रेशर, अस्थमा और शुगर की बीमारी से पीड़ित हैं उनको यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा बच्चों को भी फिलहाल यात्रा पर जाने पर रोक रहेगी। हालांकि बर्फ पिघलने के बाद ये लोग यात्रा पर जा सकते हैं।

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