एक लाख के ईनामी घोडासन गैंग के मुखिया को गिरफ्तार

देहरादून। एसटीएफ ने चार साल से फरार घोडासन गिरोह के मुखिया व एक लाख के ईनामी राजूदास को शिरडी महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है।
शनिवार को यहां इसकी जानकारी देते हुए एसटीएफ एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि पिछले एक माह से एसटीएफ घोडासन गैंग व चादर गैंग के सदस्यों पर योजना बनाकर कार्य किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि घोडासन गैंग के कई सदस्य काफी समय से वांछित चल रहे हैं। इस गैंग ने उत्तराखण्ड सहित विभिन्न राज्यों में कई बडे मोबाईल, लैपटॉप के ब्रान्डेड शोरूमों से चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। यह गिरोह पूरे भारत में अपराधिक घटनाओं को अंजाम देता है। उन्होंने बताया कि यह गिरोह ब्रान्डेड कम्पनियों के मोबाईल व लैपटॉप चोरी कर उनको नेपाल में जाकर बेच देते हैं जिससे वह सर्विलान्स से ट्रैक नहीं हो पाते हैं। इस गिरोह के लोगों का एक जगह ठिकाना नहीं रहता है जिस कारण से इनको आसानी से गिरफ्तार नहीे किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 2018 में इस गिरोह ने हरिद्वार के ज्वालापुर में एप्पल के शोरूम से लगभग चालीस लाख का सामान चोरी किया था। इस गिरोह का सरगना राजूदास उर्फ राजू पुत्र मुसाफिर निवासी घोडासन जिला चंपारण बिहार जिसपर एक लाख रूपये का ईनाम घोषित किया गया था पिछले चार साल से थाना ज्वालापुर में दर्ज मुकदमें में वांछित चल रहा था। उन्होंने बताया कि एसटीएफ को सूचना मिली कि राजूदास महाराष्ट्र में किसी बडी घटना को अंजाम देने के लिए अपने गिरोह के साथ गया हुआ है। जिसके बाद 21 दिसम्बर को एसटीएफ की एक टीम को शिरडी महाराष्ट्र भेजा गया। एसटीएफ की टीम ने राजूदास के सम्भावित ठिकानों पर दबिश देकर राजूदास को गिरफ्तार कर लिया। जिसने बताया कि उसके गिरोह के छह अन्य सदस्य भी शिरडी में हैं जिसके बाद एसटीएफ ने इसकी जानकारी शिरडी पुलिस को दी और शिरडी पुलिस ने राजूदास के छह अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। आज राजूदास को हरिद्वार न्यायालय में पेश किया जायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कथा समाचार एक मज़ेदार हिंदी न्यूज़ पोर्टल जैसा दिखता है, जिसमें उत्तराखंड, देहरादून, पॉलिटिक्स, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, न्यूज़ और पॉपुलर इवेंट्स पर कंटेंट होता है। यह फ़ॉर्मेट आसान है क्योंकि इसमें लोकल न्यूज़, सोशल इशू और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए प्रैक्टिकल जानकारी शामिल होती है। इसलिए, सिक्योर डिजिटल पेमेंट का टॉपिक यहाँ अपने आप फिट बैठता है: ऑनलाइन सर्विस लंबे समय से रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। जब ऑनलाइन शॉपिंग की बात आती है, तो हर कोई तुरंत कार्ड डिटेल्स नहीं डालना चाहता। एक आसान ऑप्शन मोबाइल फ़ोन बिल के ज़रिए पेमेंट करना है, जहाँ अमाउंट ऑपरेटर के अकाउंट में ऐड हो जाता है या प्रीपेड बैलेंस से डेबिट हो जाता है। जो लोग लिमिट, SMS या डिवाइस कन्फर्मेशन और छोटे खर्च कंट्रोल से परिचित हैं, उनके लिए AustriaWin24.atपर प्रैक्टिकल डिटेल्स देखना फायदेमंद है। यह तरीका खासकर छोटे डिजिटल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन और उन सर्विस के लिए दिलचस्प है जहाँ स्पीड, सिंप्लिसिटी और बैंक डेटा ट्रांसफर की कमी ज़रूरी है। आसानी का मतलब यह नहीं है कि ध्यान देने की ज़रूरत है: मोबाइल पेमेंट में आमतौर पर डेली और मंथली लिमिट, पोटेंशियल फीस और आपके बिल पर चार्ज दिखाने में देरी होती है। इसलिए, कथात समाचार के रीडर्स, जो करंट न्यूज़ और हेल्पफुल एक्सप्लेनेशन से अप-टू-डेट रहने के आदी हैं, उनके लिए यह टॉपिक लोकल एजेंडा और मॉडर्न फाइनेंशियल आदतों, दोनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।