पांडवसेरा में फंसे ट्रैकरों को सुरक्षित निकाला, हेलीकाप्टर से पहुंचे गौचर

रुद्रप्रयाग । मध्यमेश्वर-पांडवसेरा ट्रैक पर फंसे सभी ट्रैकरों व पोर्टरों को रेस्‍क्‍यू कर सुरक्षित निकाल लिया गया है।  सोमवार सुबह सेना के हेलीकाप्टर ने पांडवसेरा के लिए उड़ान भरी। सभी सभी ट्रैकरों व पोर्टरों को गौचर हेलीपैड पर लाया गया।
इससे पहले रविवार को एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू नहीं कर सकी। दोपहर बाद वायुसेना का हेलीकाप्टर भी सिरसा से जोशीमठ पहुंच गया है। बताया जा रहा था कि कुल छह लोग फंसे हैं, जिसमें तीन ट्रैकर हैं, जबकि तीन पोर्टर शामिल हैं।शनिवार को नौ ट्रैकरों के मध्यमेश्वर से 24 किमी दूर पांडवसेरा में फंसे होने की सूचना जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम को मिली थी। जिस पर एसडीआरएफ टीम देहरादून से सीधे पांडवसेरा के लिए रवाना हुई। लेकिन, मौसम खराब होने के कारण रेस्क्यू दल के सदस्य वहां नहीं उतर पाए। रविवार को भी मौसम खराब होने के कारण रेस्क्यू नहीं हो पाया था।जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि ट्रैकरों से लगातार संपर्क हो रहा था। सभी ट्रैकर व पोर्टर सुरक्षित थे। वहां से लाइव लोकेशन भी भेज रहे थे, फोटो भी साझा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि नौ में से तीन गाइड रविवार को पैदल ही वापस आ रहे हैं, जबकि छह लोगों को आज रेस्‍क्‍यू किया गया है।उन्होंने बताया कि जोशीमठ से एयर फोर्स का एक हेलीकाप्टर जोशीमठ में रखा गया था। इसकी निगरानी विंग कमांडर प्रभात शुक्ला एवं दानिश कर रहे थे। साथ ही, एसडीआरएफ की टीम भी ट्रैक रूट पर रेस्क्यू का प्रयास कर रही थी। पांडवसेरा में फंसे ट्रैकरों में अजय सिंह, श्रीनिवासन, अजय नेगी थे, जबकि पोर्टर अरविंद नेगी, प्रेम सिंह, राकेश शामिल थे।

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