महिलाओं को राजनीति में सम्मान देने और राजनैतिक रूप से नीति निर्धारण में अग्रणी भूमिका में लाने के लिए “नारीशक्ति वंदन अधिनियम 2023” मोदी सरकार का सराहनीय कदम – कुसुम कण्डवाल

 

 

*केंद्रीय कैबिनेट में महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी मिलने पर उत्तराखण्ड महिला आयोग की अध्यक्ष ने पीएम का जताया आभार*

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लोकसभा एवं राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े बिल को मंजूरी दे दी गई है।

उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा है की नए भारत के सक्षम नेतृत्व ने प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में दृढ़इच्छा शक्ति से दशकों से लंबित पड़े महिला आरक्षण विधेयक “नारीशक्ति वंदन अधिनियम 2023” को केंद्रीय कैबिनेट में मंजूरी मिली है। जो कि महिलाओं को राजनीति में सम्मान देने और राजनैतिक रूप से नीति निर्धारण में अहम रूप से अग्रणी भूमिका में लाने के लिए का सराहनीय कदम है और इस सराहनीय कदम के लिए मैं उत्तराखण्ड की समस्त मातृशक्ति की ओर से आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी व उनकी सम्पूर्ण कैबिनेट का आभार व हार्दिक धन्यवाद करती हूँ।

उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी श्री नरेन्द्र मोदी जी की कैबिनेट द्वारा महिला आरक्षण बिल को मंजूरी मिलना एक ऐतिहासिक निर्णय है। क्योंकि महिलाओं में नेतृत्व करने का तथा सभी कार्यों को कुशलता से पूर्ण करने की क्षमता होती है वह अगर एक परिवार को चला सकती है तो वह साथ ही अपने मौहल्ले, समाज, राज्य और देश का भी नेतृत्व कर सकती है।

अंत मे उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार ने आज महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी देकर महिला सशक्तिकरण का एक नया अध्याय शुरू कर दिया है। यह ‘महिला आरक्षण विधेयक’ भारत में नारी सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा तथा हमारे देश की मातृशक्ति में राजनैतिक नेतृत्व करने की क्षमता, उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा और महिलाओं को राजनैतिक रूप से गति देगा।

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