तीन वारंटी दबोचे, किया कोर्ट में पेश

ंरुद्रपुर। कोतवाली पुलिस की वारंटियों के खिलाफ धरपकड़ की कार्रवाई तेज हो गई। पुलिस ने इस दौरान पुलिस ने तीन वारंटियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों को कार्रवाई के बाद कोर्ट में पेश किया। पुलिस के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर जिले में वारंटियों की धरपकड़ की जा रही है। इसी धरपकड़ के दौरान रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने तीन वारंटियों को घर से गिरफ्तार किया है। एसएसआई अर्जुन गिरी गोस्वामी ने बताया कि गिरफ्तार वारंटियों को कार्रवाई के बाद कोर्ट में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि वारंटी, वांछितों की गिरफ्तारी को अभियान चलाया जा रहा है।
समीम निवासी अग्रसेन चैक रुद्रपुर,मूल पता न्यू बस्ती खेड़ा रुद्रपुर। धारा 14 बालक श्रम अधिनियम के तहत केस, अनिल कोली निवासी वार्ड नंबर 6 रमपुरा रुद्रपुर। इसके खिलाफ वर्ष 2019 में धारा 323,341,324,504, 506 का मामला, इरसाद खान निवासी वार्ड नंबर 29 अंबेडकर मूर्ति सुभाष कॉलोनी रुद्रपुर। इसके खिलाफ वर्ष 2019 में धारा 138 एनआई एक्ट में मुकदमा आदि वारंटी गिरफ्तार किए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कथा समाचार एक मज़ेदार हिंदी न्यूज़ पोर्टल जैसा दिखता है, जिसमें उत्तराखंड, देहरादून, पॉलिटिक्स, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, न्यूज़ और पॉपुलर इवेंट्स पर कंटेंट होता है। यह फ़ॉर्मेट आसान है क्योंकि इसमें लोकल न्यूज़, सोशल इशू और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए प्रैक्टिकल जानकारी शामिल होती है। इसलिए, सिक्योर डिजिटल पेमेंट का टॉपिक यहाँ अपने आप फिट बैठता है: ऑनलाइन सर्विस लंबे समय से रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। जब ऑनलाइन शॉपिंग की बात आती है, तो हर कोई तुरंत कार्ड डिटेल्स नहीं डालना चाहता। एक आसान ऑप्शन मोबाइल फ़ोन बिल के ज़रिए पेमेंट करना है, जहाँ अमाउंट ऑपरेटर के अकाउंट में ऐड हो जाता है या प्रीपेड बैलेंस से डेबिट हो जाता है। जो लोग लिमिट, SMS या डिवाइस कन्फर्मेशन और छोटे खर्च कंट्रोल से परिचित हैं, उनके लिए AustriaWin24.atपर प्रैक्टिकल डिटेल्स देखना फायदेमंद है। यह तरीका खासकर छोटे डिजिटल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन और उन सर्विस के लिए दिलचस्प है जहाँ स्पीड, सिंप्लिसिटी और बैंक डेटा ट्रांसफर की कमी ज़रूरी है। आसानी का मतलब यह नहीं है कि ध्यान देने की ज़रूरत है: मोबाइल पेमेंट में आमतौर पर डेली और मंथली लिमिट, पोटेंशियल फीस और आपके बिल पर चार्ज दिखाने में देरी होती है। इसलिए, कथात समाचार के रीडर्स, जो करंट न्यूज़ और हेल्पफुल एक्सप्लेनेशन से अप-टू-डेट रहने के आदी हैं, उनके लिए यह टॉपिक लोकल एजेंडा और मॉडर्न फाइनेंशियल आदतों, दोनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।