मलारी में हिमस्खलन से आपदा विभाग अलर्ट

चमोली।े उत्तराखंड के उच्च हिमालयी इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। वहीं इस बीच चमोली जिले के मलारी में हिमस्घ्खलन की घटना सामने आई है।
आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड में है और हिमस्खलन की घटना की जानकारी जुटाने में लग गया है। वहीं हिमस्घ्खलन से नुकसान की कोई सूचना नहीं है। वहीं घटना के मद्देनजर सेना वघ् बीआरओ भी मौजूद हैं।
बताया गया कि मलारी में ग्लेशियर टूटने से हिमस्खलन हुआ है। जिसके बाद से यहां अफरातफरी का माहौल है। इन दिनों यहां सेना, आईटीबीपी के जवान और बीआरओ के र्मचारी रहते हैं। यह सीमावर्ती क्षेत्र है।
मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह हिमस्खलन जोशीमठ ब्लाक के भारत-चीन सीमा स्थित मलारी गांव के पास कुंती नाले में आया। जिसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने कहा है कि घटना की जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रदेशभर में मैदानी क्षेत्रों में पिछले 12 घंटे से वर्षा और पहाड़ में भारी बर्फबारी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार सोमवार को भी उत्तराखंड में वर्षा और बर्फबारी का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
रविवार देर शाम छह बजे से दून समेत कई क्षेत्रों में वर्षा शुरू हो गई थी, चारधाम की चोटियों, हर्षिल, हेमकुंड साहिब, गोरसों, नेलांगघाटी, धनोल्टी आदि क्षेत्र में हल्का हिमपात शुरू हो गया था। देर रात दो बजे बाद बर्फबारी तेज हो गई जो सुबह आठ बजे तक जारी रही। इस दौरान नागटिब्बा में मौसम का तीसरा हिमपात हुआ।
देहरादून, रुड़की, हरिद्वार, ऋषकेश, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली एवं रुद्रप्रयाग के निचले इलाकों में वर्षा होने से न्यनूतम तापमान में पांच से छह डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई।
चकराता और धनोल्टी में भी ताजा बर्फबारी हुई है। वहीं बदरीनाथ, केदानाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री में एक से तीन फिट बर्फ गिरी चुकी है। सुबह नौ बजे बाद वर्षा और बर्फबारी का दौर कुछ थमा है लेकिन मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार देर रात तक वर्षा और बर्फबारी का दौर जारी रहेगा।

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