घायल हाथी के बच्चे की मौत,वन विभाग ने दफनाया

लालकुआं। ट्रेन की टक्कर से घायल हाथी के बच्चा आखिरकार मौत से जंग हार गया है, वन विभाग ने मौके पर ही उसके शव को दफना दिया है।
गत रविवार की प्रातः को टांडा जंगल में ट्रेन की चपेट में आने से हाथी का डेढ़ वर्षीय बच्चा का गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद वाइल्डलाइफ चिकित्सक डॉ आयुष उनियाल, डॉ हिमांशु पांगती और वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ प्रशांत वर्मा के नेतृत्व में चिकित्सा कर्मियों की टीम ने जख्मी हाथी के उपचार शुरू किया।हाथी के बच्चे के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगने के कारण वह उठ नहीं पाया। चिकित्सकों द्वारा लगातार उसको बचाने के हरसंभव प्रयास किया गए, लेकिन छह दिन के संघर्ष के बाद गुरुवार की रात 11रू35 बजे हाथी के बच्चे ने दम तोड़ दिया।वन विभाग द्वारा शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया, जिसके बाद तराई केंद्रीय वन प्रभाग के डीएफओ वैभव कुमार की मौजूदगी में हाथी के शव को मौके पर ही दफना दिया। इस दौरान एसडीओ शशि देव, वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम, तराई पूर्वी समेत तमाम वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।

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