गणपति महोत्सव, घर-घर विराजे गजानन

देहरादून। बुधवार को देहरादून और तीर्थनगरी ऋषिकेश में गणेश चतुर्थी पर्व हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। विभिन्न मंदिरों और समितियों ने गणेश महोत्सव का शुभारंभ किया गया।शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में घरों के साथ पांडालों में धूमधाम के साथ गणपति बप्पा की मूर्ति की स्थापना की गई। दून में बुधवार सुबह से ही गणपति महोत्सव की घूम देखने को मिली। कई श्रद्धालुओं ने अपने घरों में गणपति की मूर्ति स्थापित कर उसकी विधिविधान के साथ पूजा अर्चना की। तीर्थनगरी ऋषिकेश के आदर्श ग्राम स्थित श्री सिद्ध गणेश मंदिर में प्रातः पूजा-अर्चना और भजन कीर्तन के साथ आरंभ हुए कार्यक्रमों के साथ संत महात्माओं ने प्रवचन किए।लक्ष्मणझूला मार्ग स्थित बगलामुखी पीठ में गणेश महोत्सव पर भगवान गणेश की नौ फीट ऊंची मूर्ति की स्थापना की गई साथ ही विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम संपन्न कराए गए।नगर की हद्वय स्थली त्रिवेणी घाट में भी धार्मिक अनुष्ठानों के बीच गणपति जी स्थापित किए गये। पर्व का प्रमुख केन्द्र श्री गणपति सेवा मंडल के तत्वावधान में मनाया जा रहा गणपति महोत्सव रहा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कथा समाचार एक मज़ेदार हिंदी न्यूज़ पोर्टल जैसा दिखता है, जिसमें उत्तराखंड, देहरादून, पॉलिटिक्स, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, न्यूज़ और पॉपुलर इवेंट्स पर कंटेंट होता है। यह फ़ॉर्मेट आसान है क्योंकि इसमें लोकल न्यूज़, सोशल इशू और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए प्रैक्टिकल जानकारी शामिल होती है। इसलिए, सिक्योर डिजिटल पेमेंट का टॉपिक यहाँ अपने आप फिट बैठता है: ऑनलाइन सर्विस लंबे समय से रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। जब ऑनलाइन शॉपिंग की बात आती है, तो हर कोई तुरंत कार्ड डिटेल्स नहीं डालना चाहता। एक आसान ऑप्शन मोबाइल फ़ोन बिल के ज़रिए पेमेंट करना है, जहाँ अमाउंट ऑपरेटर के अकाउंट में ऐड हो जाता है या प्रीपेड बैलेंस से डेबिट हो जाता है। जो लोग लिमिट, SMS या डिवाइस कन्फर्मेशन और छोटे खर्च कंट्रोल से परिचित हैं, उनके लिए AustriaWin24.atपर प्रैक्टिकल डिटेल्स देखना फायदेमंद है। यह तरीका खासकर छोटे डिजिटल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन और उन सर्विस के लिए दिलचस्प है जहाँ स्पीड, सिंप्लिसिटी और बैंक डेटा ट्रांसफर की कमी ज़रूरी है। आसानी का मतलब यह नहीं है कि ध्यान देने की ज़रूरत है: मोबाइल पेमेंट में आमतौर पर डेली और मंथली लिमिट, पोटेंशियल फीस और आपके बिल पर चार्ज दिखाने में देरी होती है। इसलिए, कथात समाचार के रीडर्स, जो करंट न्यूज़ और हेल्पफुल एक्सप्लेनेशन से अप-टू-डेट रहने के आदी हैं, उनके लिए यह टॉपिक लोकल एजेंडा और मॉडर्न फाइनेंशियल आदतों, दोनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।