पहाड़ दरकने से एनएच समेत 19 मार्ग बंद, 30 हजार लोग प्रभावित

बागेश्वर। उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर सड़कों पर टूट रहा है। शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग बागेश्वर-बैजनाथ-कपकोट-मुनस्यारी समेत 19 सड़कें बंद हो गई हैं।
इसमें एक एनएच, एक जिला मुख्य मार्ग और 17 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। इससे लगभग तीस हजार से अधिक जनसंख्या प्रभावित हो गई है।जिले में बारिश ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। आरे गांव के समीप काभड़ी मंदिर पर पहाड़ दरक गया है। बोल्डरों की वर्षात हो रही है।
स्कूल जाने वाले शिक्षक, बच्चे, कर्मचारी और अन्य लोग घटना में बालबाल बच गए। सेवानिवृत्त कै. हरीश मेहरा ने बताया कि सड़क अभी खुलने की उम्मीद नहीं है। वहीं, द्वारिकाछीना मंदिर के समीप गिरेछीना-बागेश्वर मोटर मार्ग की पहाड़ी खिसक गई है। भारी मात्रा में मलबा गिर रहा है। जिसके कारण स्कूल जाने वाले शिक्षक फंस गए।रंवाईखाल पर्यटक आवास गृह के कारण गरुड़ मोटर मार्ग पर चीड़ का पेड़ और बोल्डर गिर गए। पूर्व विधायक ललित फर्सवाण, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार, पूर्व सदस्य मनोज कुमार आदि रात में फंसे रहे। वहीं, बागेश्वर से मरीज को छोड़कर आ रही एंबुलेंस भी फंसी रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कथा समाचार एक मज़ेदार हिंदी न्यूज़ पोर्टल जैसा दिखता है, जिसमें उत्तराखंड, देहरादून, पॉलिटिक्स, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, न्यूज़ और पॉपुलर इवेंट्स पर कंटेंट होता है। यह फ़ॉर्मेट आसान है क्योंकि इसमें लोकल न्यूज़, सोशल इशू और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए प्रैक्टिकल जानकारी शामिल होती है। इसलिए, सिक्योर डिजिटल पेमेंट का टॉपिक यहाँ अपने आप फिट बैठता है: ऑनलाइन सर्विस लंबे समय से रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। जब ऑनलाइन शॉपिंग की बात आती है, तो हर कोई तुरंत कार्ड डिटेल्स नहीं डालना चाहता। एक आसान ऑप्शन मोबाइल फ़ोन बिल के ज़रिए पेमेंट करना है, जहाँ अमाउंट ऑपरेटर के अकाउंट में ऐड हो जाता है या प्रीपेड बैलेंस से डेबिट हो जाता है। जो लोग लिमिट, SMS या डिवाइस कन्फर्मेशन और छोटे खर्च कंट्रोल से परिचित हैं, उनके लिए AustriaWin24.atपर प्रैक्टिकल डिटेल्स देखना फायदेमंद है। यह तरीका खासकर छोटे डिजिटल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन और उन सर्विस के लिए दिलचस्प है जहाँ स्पीड, सिंप्लिसिटी और बैंक डेटा ट्रांसफर की कमी ज़रूरी है। आसानी का मतलब यह नहीं है कि ध्यान देने की ज़रूरत है: मोबाइल पेमेंट में आमतौर पर डेली और मंथली लिमिट, पोटेंशियल फीस और आपके बिल पर चार्ज दिखाने में देरी होती है। इसलिए, कथात समाचार के रीडर्स, जो करंट न्यूज़ और हेल्पफुल एक्सप्लेनेशन से अप-टू-डेट रहने के आदी हैं, उनके लिए यह टॉपिक लोकल एजेंडा और मॉडर्न फाइनेंशियल आदतों, दोनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।