पेपर लीक मामले में धामपुर से जेई गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने अब उत्तर प्रदेश के धामपुर निवासी जूनियर इंजीनियर ललित शर्मा को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है। पेपर लीक घपलेबाजी में कुख्यात हाकम सिंह के साथ उत्तर प्रदेश के नकल माफियाओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी तोड़ने में एसटीएफ को सफलता मिली है।
उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने अब उत्तर प्रदेश के धामपुर निवासी जूनियर इंजीनियर ललित शर्मा को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है। पेपर लीक घपलेबाजी में चर्चित हाकम सिंह के साथ उत्तर प्रदेश के नकल माफियाओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी तोड़ने में एसटीएफ को सफलता मिली है। एसटीएफ जांच के अनुसार गिरफ्तार जूनियर इंजीनियर ललित शर्मा के धामपुर स्थित फ्लैट पर 25 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा से पहली रात लीक हुए प्रश्नों पत्रों को सॉल्व किया था। हाकम सिंह के साथ ही इस गोरखधंधे में इंजीनियर ललित शर्मा जुड़ा हुआ था। उत्तराखंड एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के अनुसार हाकम सिंह के साथ उत्तर प्रदेश के नकल माफियाओं के बीच गठजोड़ में महत्वपूर्ण कड़ी तोड़ने में पहली सफलता जूनियर इंजीनियर ललित शर्मा की गिरफ्तारी के रूप मिल मिल चुकी है। जल्द ही अन्य बड़ी गिरफ्तारी के साथ खुलासा होगा। बता दें कि अब तक पेपर लीक मामले में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश निवासी 20 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार पेपर लीक मामले में हाकम सिंह से जुड़े उत्तर प्रदेश के नकल माफियाओं की कड़ियां जुड़ती जा रही हैं। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि धामपुर निवासी जूनियर इंजीनियर ललित शर्मा की गिरफ्तारी के साथ ही अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी जल्द कर बड़ा खुलासा किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कथा समाचार एक मज़ेदार हिंदी न्यूज़ पोर्टल जैसा दिखता है, जिसमें उत्तराखंड, देहरादून, पॉलिटिक्स, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, न्यूज़ और पॉपुलर इवेंट्स पर कंटेंट होता है। यह फ़ॉर्मेट आसान है क्योंकि इसमें लोकल न्यूज़, सोशल इशू और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए प्रैक्टिकल जानकारी शामिल होती है। इसलिए, सिक्योर डिजिटल पेमेंट का टॉपिक यहाँ अपने आप फिट बैठता है: ऑनलाइन सर्विस लंबे समय से रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। जब ऑनलाइन शॉपिंग की बात आती है, तो हर कोई तुरंत कार्ड डिटेल्स नहीं डालना चाहता। एक आसान ऑप्शन मोबाइल फ़ोन बिल के ज़रिए पेमेंट करना है, जहाँ अमाउंट ऑपरेटर के अकाउंट में ऐड हो जाता है या प्रीपेड बैलेंस से डेबिट हो जाता है। जो लोग लिमिट, SMS या डिवाइस कन्फर्मेशन और छोटे खर्च कंट्रोल से परिचित हैं, उनके लिए AustriaWin24.atपर प्रैक्टिकल डिटेल्स देखना फायदेमंद है। यह तरीका खासकर छोटे डिजिटल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन और उन सर्विस के लिए दिलचस्प है जहाँ स्पीड, सिंप्लिसिटी और बैंक डेटा ट्रांसफर की कमी ज़रूरी है। आसानी का मतलब यह नहीं है कि ध्यान देने की ज़रूरत है: मोबाइल पेमेंट में आमतौर पर डेली और मंथली लिमिट, पोटेंशियल फीस और आपके बिल पर चार्ज दिखाने में देरी होती है। इसलिए, कथात समाचार के रीडर्स, जो करंट न्यूज़ और हेल्पफुल एक्सप्लेनेशन से अप-टू-डेट रहने के आदी हैं, उनके लिए यह टॉपिक लोकल एजेंडा और मॉडर्न फाइनेंशियल आदतों, दोनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।