गंगा दशहरा पर लाखांे ने किया गंगा  स्नान

हरिद्वार। गंगा दशहरा के पावन अवस्र  पर धर्मनगरी हरिद्वार में हरकी पैड़ी सहित अन्य गंगा घाटों पर गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही। आधी रात के बाद से ही यहां पर स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी पर रात से ही पुण्य की डुबकी लगानी शुरू कर दी थी। हर-हर गंगे, जय मां गंगे के जयघोष के साथ श्रद्धालु गंगा पूजन स्नान और ध्यान करने के बाद दान पुण्य भी किया। मोक्ष की कामना के साथ लोग हरिद्वार पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं कहना है कि भारतवर्ष से कोरोनावायरस जल्द से जल्द समाप्त हो ऐसी गंगा मैया से मनोकामना की है। मान्यता है कि राजा सगर के पुत्रों के उद्धार करने के लिए राजा भागीरथ हजारों साल तपस्या करके गंगा को स्वर्ग लोक से धरती पर लाए थे। भागीरथ के प्रयास से गंगा शिव की जटाओं से होती हुई जब धरती पर आई तो आज के दिन ही वह ब्रह्मकुंड़ पर पहुंची थी और भगीरथ के पुरखों का उद्धार किय था। इसलिए माना जाता है कि गंगा जब धरती पर अवतरित हुई तब 10 तरह के ग्रहयोग मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कथा समाचार एक मज़ेदार हिंदी न्यूज़ पोर्टल जैसा दिखता है, जिसमें उत्तराखंड, देहरादून, पॉलिटिक्स, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, न्यूज़ और पॉपुलर इवेंट्स पर कंटेंट होता है। यह फ़ॉर्मेट आसान है क्योंकि इसमें लोकल न्यूज़, सोशल इशू और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए प्रैक्टिकल जानकारी शामिल होती है। इसलिए, सिक्योर डिजिटल पेमेंट का टॉपिक यहाँ अपने आप फिट बैठता है: ऑनलाइन सर्विस लंबे समय से रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। जब ऑनलाइन शॉपिंग की बात आती है, तो हर कोई तुरंत कार्ड डिटेल्स नहीं डालना चाहता। एक आसान ऑप्शन मोबाइल फ़ोन बिल के ज़रिए पेमेंट करना है, जहाँ अमाउंट ऑपरेटर के अकाउंट में ऐड हो जाता है या प्रीपेड बैलेंस से डेबिट हो जाता है। जो लोग लिमिट, SMS या डिवाइस कन्फर्मेशन और छोटे खर्च कंट्रोल से परिचित हैं, उनके लिए AustriaWin24.atपर प्रैक्टिकल डिटेल्स देखना फायदेमंद है। यह तरीका खासकर छोटे डिजिटल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन और उन सर्विस के लिए दिलचस्प है जहाँ स्पीड, सिंप्लिसिटी और बैंक डेटा ट्रांसफर की कमी ज़रूरी है। आसानी का मतलब यह नहीं है कि ध्यान देने की ज़रूरत है: मोबाइल पेमेंट में आमतौर पर डेली और मंथली लिमिट, पोटेंशियल फीस और आपके बिल पर चार्ज दिखाने में देरी होती है। इसलिए, कथात समाचार के रीडर्स, जो करंट न्यूज़ और हेल्पफुल एक्सप्लेनेशन से अप-टू-डेट रहने के आदी हैं, उनके लिए यह टॉपिक लोकल एजेंडा और मॉडर्न फाइनेंशियल आदतों, दोनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।