यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने  बैंक की पूर्णतः स्वचालित, केंद्रीकृत बैंकिंग इंटेलिजेंस हब ‘यूनियन सुदर्शन’ का उद्घाटन किया

 
देहरादून- : यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने  बैंक की पूर्णतः स्वचालित, केंद्रीकृत बैंकिंग इंटेलिजेंस हब ‘यूनियन सुदर्शन’ का उद्घाटन किया, जो इसकी डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एम.एस. मार्ग, मुंबई में आयोजित इस कार्यक्रम में श्री संजय लोहिया (आईएएस), सचिव, वित्तीय सेवाएँ विभाग, भारत सरकार ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री आशीष पाण्डेय के साथ श्री नितेश रंजन, श्री रामसुब्रमणियन एस, कार्यपालक निदेशक और श्री प्रकाश बलियारसिंह, डॉ. प्रीति जय राव तथा श्री प्रकाश चंद्र कांडपाल, बैंक के बोर्ड के गैर-कार्यपालक निदेशक उपस्थित थे। इस अवसर पर अन्य बैंकों, एलआईसी और भारतीय बैंक संघ के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों हेतु सुविधा बढ़ाने, परिचालन दक्षता में सुधार करने और निर्बाध बैंकिंग सेवाओं को सक्षम करने के उद्देश्य से 14 नई कार्यनीतिक पहल का आरंभ किया। क्षेत्र कर्मियों के साथ व्यापक शोध और परामर्श के बाद डिज़ाइन की गई इस पहल का उद्देश्य बैंक के सिस्टम को अधिक स्पष्टता के साथ नेविगेट करने और प्रतिक्रिया देने में सहायता प्रदान करना है, जिससे कर्मचारियों को विश्वास, गति और स्वामित्व के साथ ग्राहकों की सेवा करने में सशक्त बनाया जा सके।
इस कार्यक्रम में ‘यूनियन बैंक संग्रहालय’, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पूर्ववर्ती कॉर्पोरेशन बैंक और पूर्ववर्ती आंध्रा बैंक के संस्थापकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, बैंक के विकास और मील के पत्थर को प्रदर्शित करते हुए, इसकी विरासत, संस्कृति और भारत के बैंकिंग और वित्तीय परिदृश्य में योगदान का जश्न मनाया गया।
अपने संबोधन में, मुख्य अतिथि, श्री संजय लोहिया, आईएएस, सचिव, डीएफएस, एमओएफ, भारत सरकार ने आज के डिजिटल बैंकिंग परिदृश्य में साइबर सुरक्षा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला और कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने, साइबर आघात सहनीयता को सुदृढ़ करने, ग्राहक-केंद्रित सेवा वितरण को बढ़ाने और संवहनीय कारोबार विकास का समर्थन करने के लिए प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने बैंक को उन पहलों को शुरू करना जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जो इसे और अधिक सुदृढ़, आघात सहनीय और भविष्योन्मुखी बनाती हैं। उन्होंने भारत के युवाओं को बैंकिंग और वित्तीय इकोसिस्टम में शामिल करने और एक विकसित भारत के दृष्टिकोण में उनके योगदान का उपयोग करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर श्री आशीष पाण्डेय, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने कहा, “यूनियन सुदर्शन एक स्मार्ट, अधिक तीव्र और भविष्योन्मुखी संस्थान के निर्माण के हमारे दृष्टिकोण को दर्शाता है। डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटेलिजेंट ऑटोमेशन की शक्ति का उपयोग करके, हम सभी प्रणालियों में दक्षता का निर्माण कर रहे हैं, गवर्नेंस को सुदृढ़ करने, सक्रिय जोखिम प्रबंधन को सक्षम कर रहे हैं और ग्राहक सेवा को बढ़ा रहे हैं।“
यूनियन सुदर्शन पारंपरिक अनुश्रवण प्रणालियों से एक इंटेलिजेंस-नेतृत्व वाले गवर्नेंस फ्रेमवर्क में एक आदर्श बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है। उन्नत एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग द्वारा संचालित, यह प्लेटफॉर्म मानव गवर्नेंस के साथ स्वचालन को जोड़ते हुए, बुद्धिमता व्यवहारगत आधार के माध्यम से चैनलों में विसंगतियों की पहचान करता है। यह प्रारंभिक जोखिम का पता लगाने, सुदृढ़ निरीक्षण और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में सक्षम बनाता है, जो प्रतिक्रियाशील अनुश्रवण से सक्रिय गवर्नेंस में एक कार्यनीतिक बदलाव को चिह्नित करता है। प्लेटफ़ॉर्म में पदानुक्रमों में स्वचालित वृद्धि के साथ एक अपवाद-आधारित अलर्ट प्रबंधन फ्रेमवर्क भी उपलब्ध है।
इस अवसर पर, श्री नितेश रंजन, कार्यपालक निदेशक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने कहा, “आज आरंभ की गई 14 नई पहलों का उद्देश्य हमारे ग्राहकों और हमारे अपने कर्मचारियों के लिए कारोबार करने में सुगमता प्रदान करना है। उनमें से प्रत्येक को प्रक्रियाओं को सरल बनाने, टर्नअराउंड समय को कम करने और रोजमर्रा की बैंकिंग से फ्रिकशन को दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। साथ में, ये पहल अधिक कुशल, ग्राहक-केंद्रित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की दिशा में एक निर्णायक कदम है। “
साथ ही, यूनियन सुदर्शन और बैंक की कार्यनीतिक पहल भविष्योन्मुखी बैंक बनने के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है – जो प्रत्येक हितधारक के लिए सुदृढ़ गवर्नेंस, त्वरित और एक बेहतर बैंकिंग अनुभव प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी, दक्षता और संस्थागत विरासत को जोड़ती है।

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