प्रधानमंत्री का दौरा “विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य को धरातल पर उतारेगा: महाराज

 

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व संस्कृति, लोक निर्माण सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 14 अप्रैल के दौरे से उत्तराखंड को कई तरह के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष लाभ होंगे।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से जहां एक ओर दिल्ली-दून की यात्रा सुगम होने के साथ-साथ मात्र 2.5 घंटे में यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच जायेंगे वहीं दूसरी ओर राज्य के पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

पर्यटन, धर्मस्व संस्कृति, लोक निर्माण सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और उत्तराखंड “विकास मॉडल” के रूप में प्रोजेक्ट होगा। टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट से ऊर्जा सुरक्षा, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार से हवाई कनेक्टिविटी और बनबसा लैंड पोर्ट से नेपाल-भारत व्यापार ये सभी परियोजनाएं “विकसित उत्तराखंड 2035” के लक्ष्य को धरातल पर उतारेंगी। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे से चारधाम यात्रा, मसूरी, ऋषिकेश आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी भारी इजाफा होगा।

कैबिनेट मंत्री श्री महाराज ने कहा कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, पर्यटन से होटल, ट्रांसपोर्ट, लोकल व्यापार में नए अवसर बढ़ेंगे। बेहतर सड़क-हवाई संपर्क से IT, वेलनेस टूरिज्म, फिल्म शूटिंग, और सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर में निवेश आएगा। हर जिले तक पर्यटक और उद्योग पहुंचेंगे तो पहाड़ से पलायन रुकेगा, स्थानीय युवाओं को यहीं रोजगार मिलेगा।

श्री महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि “विकसित उत्तराखंड के दशक” का शुभारंभ है। एक्सप्रेसवे से जो रफ्तार मिलेगी, वो 2026-2036 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और जीवन-स्तर को नई ऊंचाई देगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कथा समाचार एक मज़ेदार हिंदी न्यूज़ पोर्टल जैसा दिखता है, जिसमें उत्तराखंड, देहरादून, पॉलिटिक्स, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, न्यूज़ और पॉपुलर इवेंट्स पर कंटेंट होता है। यह फ़ॉर्मेट आसान है क्योंकि इसमें लोकल न्यूज़, सोशल इशू और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए प्रैक्टिकल जानकारी शामिल होती है। इसलिए, सिक्योर डिजिटल पेमेंट का टॉपिक यहाँ अपने आप फिट बैठता है: ऑनलाइन सर्विस लंबे समय से रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। जब ऑनलाइन शॉपिंग की बात आती है, तो हर कोई तुरंत कार्ड डिटेल्स नहीं डालना चाहता। एक आसान ऑप्शन मोबाइल फ़ोन बिल के ज़रिए पेमेंट करना है, जहाँ अमाउंट ऑपरेटर के अकाउंट में ऐड हो जाता है या प्रीपेड बैलेंस से डेबिट हो जाता है। जो लोग लिमिट, SMS या डिवाइस कन्फर्मेशन और छोटे खर्च कंट्रोल से परिचित हैं, उनके लिए AustriaWin24.atपर प्रैक्टिकल डिटेल्स देखना फायदेमंद है। यह तरीका खासकर छोटे डिजिटल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन और उन सर्विस के लिए दिलचस्प है जहाँ स्पीड, सिंप्लिसिटी और बैंक डेटा ट्रांसफर की कमी ज़रूरी है। आसानी का मतलब यह नहीं है कि ध्यान देने की ज़रूरत है: मोबाइल पेमेंट में आमतौर पर डेली और मंथली लिमिट, पोटेंशियल फीस और आपके बिल पर चार्ज दिखाने में देरी होती है। इसलिए, कथात समाचार के रीडर्स, जो करंट न्यूज़ और हेल्पफुल एक्सप्लेनेशन से अप-टू-डेट रहने के आदी हैं, उनके लिए यह टॉपिक लोकल एजेंडा और मॉडर्न फाइनेंशियल आदतों, दोनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।