यात्री शेड हादसे में युवक की मौत के मामले में जांच के आदेश

पौड़ी। पौड़ी ब्लाक के निसणी गांव में यात्री शेड के ढह जाने के मामले में लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने जांच के आदेश दिये हैं। काबीना मंत्री महाराज ने डीएम पौड़ी की अगुवाई में जांच के लिए टीम गठित करने को कहा है।
बीते 15 मई को पौड़ी ब्लाक के पैडुलस्यूं पट्टी के ग्रामसभा निसणी के टांड्यू गांव निवासी 29 साल के किशन सिंह की यात्री शेड के ढह जाने से दर्दनाक मौत हो गई थी। किशन का विवाह एक महीने पहले ही 14 अप्रैल को हुआ था. यात्री शेड की जर्जर स्थिति के चलते कई बार ग्रामीणों ने उसे तोड़कर फिर से नया बनाये जाने की मांग उठायी गई थी। लेकिन प्रशासन की लापरवाई ने एक युवक की जान लील ली.अब इस मामले का संज्ञान लेते हुए लोनिवि मंत्री महाराज ने डीएम को शीघ्र ही जांच के आदेश दिये हैं। महाराज ने कहा कि तत्काल मामले की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि दोषियों को खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं डीएम ने बताया कि यात्री शेड निर्माण को लेकर लोनिवि, जिला पंचायत, पंचायतीराज और ब्लाक आदि विभागों द्वारा निर्माण किया जाता है। जांच के लिए सभी विभागों से सहयोग लिया जाएगा। डीएम ने कहा कि जांच के उपरांत दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कथा समाचार एक मज़ेदार हिंदी न्यूज़ पोर्टल जैसा दिखता है, जिसमें उत्तराखंड, देहरादून, पॉलिटिक्स, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, न्यूज़ और पॉपुलर इवेंट्स पर कंटेंट होता है। यह फ़ॉर्मेट आसान है क्योंकि इसमें लोकल न्यूज़, सोशल इशू और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए प्रैक्टिकल जानकारी शामिल होती है। इसलिए, सिक्योर डिजिटल पेमेंट का टॉपिक यहाँ अपने आप फिट बैठता है: ऑनलाइन सर्विस लंबे समय से रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। जब ऑनलाइन शॉपिंग की बात आती है, तो हर कोई तुरंत कार्ड डिटेल्स नहीं डालना चाहता। एक आसान ऑप्शन मोबाइल फ़ोन बिल के ज़रिए पेमेंट करना है, जहाँ अमाउंट ऑपरेटर के अकाउंट में ऐड हो जाता है या प्रीपेड बैलेंस से डेबिट हो जाता है। जो लोग लिमिट, SMS या डिवाइस कन्फर्मेशन और छोटे खर्च कंट्रोल से परिचित हैं, उनके लिए AustriaWin24.atपर प्रैक्टिकल डिटेल्स देखना फायदेमंद है। यह तरीका खासकर छोटे डिजिटल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन और उन सर्विस के लिए दिलचस्प है जहाँ स्पीड, सिंप्लिसिटी और बैंक डेटा ट्रांसफर की कमी ज़रूरी है। आसानी का मतलब यह नहीं है कि ध्यान देने की ज़रूरत है: मोबाइल पेमेंट में आमतौर पर डेली और मंथली लिमिट, पोटेंशियल फीस और आपके बिल पर चार्ज दिखाने में देरी होती है। इसलिए, कथात समाचार के रीडर्स, जो करंट न्यूज़ और हेल्पफुल एक्सप्लेनेशन से अप-टू-डेट रहने के आदी हैं, उनके लिए यह टॉपिक लोकल एजेंडा और मॉडर्न फाइनेंशियल आदतों, दोनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।