तीन वन्यजीव तस्कर गिरफ्तार,बावरिया गिरोह सें संबध

हल्द्वानी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग और एसओजी की टीम  ने बीते दिन गुलदार के खाल मिलने के बाद तीन वन्यजीव तस्करों को अरेस्ट किया है। तीनों तस्करों ने गुलदार की खाल को निकाल कर आगे बेचने के लिए दिया था, लेकिन वन विभाग और एसओजी की टीम के हत्थे वन तस्कर दीनानाथ लग गया, जिसके पास से गुलदार की खाल बरामद किया गया था। टीम ने पकड़े गए तस्कर की निशानदेही पर तीनों को गिरफ्तार किया है।
मामले में फरार चल रहे तीन अन्य लोगों को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया है, जो इस पूरे घटना में संलिप्त थे। बताया जा रहा है कि पकड़े गए वन्यजीव तस्करों का संपर्क बावरिया गिरोह से भी है। जिसकी वन विभाग की एसओजी की टीम जांच पड़ताल कर रही है। वन विभाग की टीम ने तीनों को भारत नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया है, जो भागने के फिराक में थे। पकड़े गए तीनों आरोपियों का नाम खड़क सिंह,पूरन सिंह धामी और ललित बिष्ट है, जो खटीमा के रहने वाले हैं। प्रभागीय वन सुरक्षा दल कैलाश तिवारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। गौरतलब है एसओजी और वन विभाग की टीम ने 20 अप्रैल को एक वन्यजीव तस्कर को गिरफ्तार किया था, जिसके कब्जे से एक गुलदार की खाल बरामद की गई थी। पूछताछ में आरोपी ने तीन अन्य लोगों के इस मामले में शामिल होने की बात कबूली थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गुलदार को सुरई रेंज के जंगल से जहर देकर मारा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कथा समाचार एक मज़ेदार हिंदी न्यूज़ पोर्टल जैसा दिखता है, जिसमें उत्तराखंड, देहरादून, पॉलिटिक्स, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, न्यूज़ और पॉपुलर इवेंट्स पर कंटेंट होता है। यह फ़ॉर्मेट आसान है क्योंकि इसमें लोकल न्यूज़, सोशल इशू और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए प्रैक्टिकल जानकारी शामिल होती है। इसलिए, सिक्योर डिजिटल पेमेंट का टॉपिक यहाँ अपने आप फिट बैठता है: ऑनलाइन सर्विस लंबे समय से रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। जब ऑनलाइन शॉपिंग की बात आती है, तो हर कोई तुरंत कार्ड डिटेल्स नहीं डालना चाहता। एक आसान ऑप्शन मोबाइल फ़ोन बिल के ज़रिए पेमेंट करना है, जहाँ अमाउंट ऑपरेटर के अकाउंट में ऐड हो जाता है या प्रीपेड बैलेंस से डेबिट हो जाता है। जो लोग लिमिट, SMS या डिवाइस कन्फर्मेशन और छोटे खर्च कंट्रोल से परिचित हैं, उनके लिए AustriaWin24.atपर प्रैक्टिकल डिटेल्स देखना फायदेमंद है। यह तरीका खासकर छोटे डिजिटल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन और उन सर्विस के लिए दिलचस्प है जहाँ स्पीड, सिंप्लिसिटी और बैंक डेटा ट्रांसफर की कमी ज़रूरी है। आसानी का मतलब यह नहीं है कि ध्यान देने की ज़रूरत है: मोबाइल पेमेंट में आमतौर पर डेली और मंथली लिमिट, पोटेंशियल फीस और आपके बिल पर चार्ज दिखाने में देरी होती है। इसलिए, कथात समाचार के रीडर्स, जो करंट न्यूज़ और हेल्पफुल एक्सप्लेनेशन से अप-टू-डेट रहने के आदी हैं, उनके लिए यह टॉपिक लोकल एजेंडा और मॉडर्न फाइनेंशियल आदतों, दोनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।