नाबालिग दुष्कर्म मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

पिथौरागढ़। नाबालिग लड़की को बहला-फुसला कर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने वाले चार आरोपियों को जाजरदेवल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामला एक मार्च शिवरात्रि के दिन का है। चारों ने 14 साल का नाबालिग लड़की के साथ रेप किया था।
पुलिस ने बताया कि 14 साल का नाबालिग लड़की के परिजनों ने उनकी जाजरदेवल थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों का कहना था कि वो लड़की घर से मंदिर जाने के लिए निकली थी, लेकिन वो घर नहीं लौटी थी। पुलिस तभी से लड़की की तलाश कर रही थी। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद छठे दिन पुलिस को लड़की के बारे में सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने रावल गांव क्षेत्र से लड़की को बरामद किया। पुलिस ने लड़की को कोर्ट में पेश किया, जहां उसके बयान दर्ज किए गए।लड़की ने कोर्ट में बताया कि 4 लड़के उसे बहला फुसलाकर रावल गांव ले गए थे, जहां उन्होंने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में पुलिस ने चारों युवकों संजय कुमार उर्फ संजू (23 वर्ष), नीरज कुमार (22 वर्ष) प्रकाश राम (22 वर्ष) और किशोर शर्मा (25 वर्ष) को गिरफ्तार किया। नाबालिग के बयानों के आधार पर पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ संबधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया हैै।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कथा समाचार एक मज़ेदार हिंदी न्यूज़ पोर्टल जैसा दिखता है, जिसमें उत्तराखंड, देहरादून, पॉलिटिक्स, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, न्यूज़ और पॉपुलर इवेंट्स पर कंटेंट होता है। यह फ़ॉर्मेट आसान है क्योंकि इसमें लोकल न्यूज़, सोशल इशू और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए प्रैक्टिकल जानकारी शामिल होती है। इसलिए, सिक्योर डिजिटल पेमेंट का टॉपिक यहाँ अपने आप फिट बैठता है: ऑनलाइन सर्विस लंबे समय से रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। जब ऑनलाइन शॉपिंग की बात आती है, तो हर कोई तुरंत कार्ड डिटेल्स नहीं डालना चाहता। एक आसान ऑप्शन मोबाइल फ़ोन बिल के ज़रिए पेमेंट करना है, जहाँ अमाउंट ऑपरेटर के अकाउंट में ऐड हो जाता है या प्रीपेड बैलेंस से डेबिट हो जाता है। जो लोग लिमिट, SMS या डिवाइस कन्फर्मेशन और छोटे खर्च कंट्रोल से परिचित हैं, उनके लिए AustriaWin24.atपर प्रैक्टिकल डिटेल्स देखना फायदेमंद है। यह तरीका खासकर छोटे डिजिटल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन और उन सर्विस के लिए दिलचस्प है जहाँ स्पीड, सिंप्लिसिटी और बैंक डेटा ट्रांसफर की कमी ज़रूरी है। आसानी का मतलब यह नहीं है कि ध्यान देने की ज़रूरत है: मोबाइल पेमेंट में आमतौर पर डेली और मंथली लिमिट, पोटेंशियल फीस और आपके बिल पर चार्ज दिखाने में देरी होती है। इसलिए, कथात समाचार के रीडर्स, जो करंट न्यूज़ और हेल्पफुल एक्सप्लेनेशन से अप-टू-डेट रहने के आदी हैं, उनके लिए यह टॉपिक लोकल एजेंडा और मॉडर्न फाइनेंशियल आदतों, दोनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।