अंकिता के हत्यारों को फांसी देने की मांग को लेकर गोपेश्वर बाजार बंद

गोपेश्घ्वर। अंकिता का अंतिम संस्कार होने के बाद भी लोगांे का गुस्सा  थमने का नाम नही ले रहा है। हत्घ्यारों को सजा दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को फिर जनाक्रोश भड़क गया। चमोली जिले के गोपेश्वर में बाजार बंद किया गया। यहां पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अंकिता की मां की तबीयत बिगड़ गई है। सोमवार को प्रदर्शन के दौरान अंकिता की मां बेहोश हो गई थीं। इस पर उन्हें उपचार देने के लिए मेडिकल कॉलेज से डाक्टर बुलाए गए। कुछ देर बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार आया। वहीं इससे पहले रविवार को श्रीनगर गढ़वाल में श्रीकोट गंगानाली में मेडिकल कालेज की मोर्चरी के सामने नेशनल हाईवे पर आक्रोशित लोगों ने जाम लगा दिया था। कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि मासूम बेटी के साथ हुई हैवानियत की खबर सुनकर निशब्द हूं। तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इसके अलावा रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, टिहरी, घनशाली, नई टिहरी में भी आक्रोशित लोगों व व्यापारियों ने जुलूस निकालकर हत्या के आरोपितों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कथा समाचार एक मज़ेदार हिंदी न्यूज़ पोर्टल जैसा दिखता है, जिसमें उत्तराखंड, देहरादून, पॉलिटिक्स, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, न्यूज़ और पॉपुलर इवेंट्स पर कंटेंट होता है। यह फ़ॉर्मेट आसान है क्योंकि इसमें लोकल न्यूज़, सोशल इशू और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए प्रैक्टिकल जानकारी शामिल होती है। इसलिए, सिक्योर डिजिटल पेमेंट का टॉपिक यहाँ अपने आप फिट बैठता है: ऑनलाइन सर्विस लंबे समय से रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। जब ऑनलाइन शॉपिंग की बात आती है, तो हर कोई तुरंत कार्ड डिटेल्स नहीं डालना चाहता। एक आसान ऑप्शन मोबाइल फ़ोन बिल के ज़रिए पेमेंट करना है, जहाँ अमाउंट ऑपरेटर के अकाउंट में ऐड हो जाता है या प्रीपेड बैलेंस से डेबिट हो जाता है। जो लोग लिमिट, SMS या डिवाइस कन्फर्मेशन और छोटे खर्च कंट्रोल से परिचित हैं, उनके लिए AustriaWin24.atपर प्रैक्टिकल डिटेल्स देखना फायदेमंद है। यह तरीका खासकर छोटे डिजिटल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन और उन सर्विस के लिए दिलचस्प है जहाँ स्पीड, सिंप्लिसिटी और बैंक डेटा ट्रांसफर की कमी ज़रूरी है। आसानी का मतलब यह नहीं है कि ध्यान देने की ज़रूरत है: मोबाइल पेमेंट में आमतौर पर डेली और मंथली लिमिट, पोटेंशियल फीस और आपके बिल पर चार्ज दिखाने में देरी होती है। इसलिए, कथात समाचार के रीडर्स, जो करंट न्यूज़ और हेल्पफुल एक्सप्लेनेशन से अप-टू-डेट रहने के आदी हैं, उनके लिए यह टॉपिक लोकल एजेंडा और मॉडर्न फाइनेंशियल आदतों, दोनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।