फैक्ट्री में लगी भीषण आग,एक जिंदा जला,दो झुलसे

काशीपुर। जसपुर में देर रात को एक फैक्ट्री में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया।  सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने में जुट गईं। लेकिन आग इतनी भीषण थी कि एक युवक की मौके पर ही जनकर मौत हो गई। जबकि दो गंभीर रूप से झुलस गए। जिनको हायर सेंटर बरेली में भर्ती कराया गया है। घटना का कारण एलपीजी प्लांट से गैस रिसाव बताया जा रहा है।जसपुर में नादेही रोड पर सिडकुल की श्री शानदार फाइबर इंडस्ट्रीज  है। फैक्ट्री में रात करीब एक से दो बजे के बीच एलपीजी सिलेंडर से गैस रिसाव हुआ और आग लग गई। जिस समय आग लगी उस समय फैक्ट्री में दो दर्जन से अधिक कर्मचारी मौजूद थे। आग लगने से उनमें अफरा तफरी मच गई। जैसे तैसे फैक्ट्री से 22 कर्मचारियों को सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया।हादसे में अभय राजपुर निवासी 29 वर्षीय अर्जुन त्यागी की मौके पर मौत हो गई, जबकि जसपुर के पास ग्राम मडुआखेड़ा निवासी संजय कुमार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती गांव अभयराजपुर निवासी राहुल कुंअर गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए काशीपुर भेजा गया। जहां से दोनों को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत देखते हुए वहां से बरेली रेफर कर दिया गया।देर रात लगी आग बुझाने में पहले फैक्ट्री कर्मचारी ने ही काफी मशक्कत की। इसके साथ ही जसपुर, काशीपुर और बाजपुर से दमकल विभाग की छह गाड़ियां और तीन गाड़िया निजी फैक्ट्री से मंगा ली गयीं। फैक्ट्री में आग लगने से लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। लगातार फायर ब्रिगेड की टीम द्वारा 8 से 9 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कथा समाचार एक मज़ेदार हिंदी न्यूज़ पोर्टल जैसा दिखता है, जिसमें उत्तराखंड, देहरादून, पॉलिटिक्स, हेल्थ, एजुकेशन, कल्चर, न्यूज़ और पॉपुलर इवेंट्स पर कंटेंट होता है। यह फ़ॉर्मेट आसान है क्योंकि इसमें लोकल न्यूज़, सोशल इशू और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए प्रैक्टिकल जानकारी शामिल होती है। इसलिए, सिक्योर डिजिटल पेमेंट का टॉपिक यहाँ अपने आप फिट बैठता है: ऑनलाइन सर्विस लंबे समय से रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। जब ऑनलाइन शॉपिंग की बात आती है, तो हर कोई तुरंत कार्ड डिटेल्स नहीं डालना चाहता। एक आसान ऑप्शन मोबाइल फ़ोन बिल के ज़रिए पेमेंट करना है, जहाँ अमाउंट ऑपरेटर के अकाउंट में ऐड हो जाता है या प्रीपेड बैलेंस से डेबिट हो जाता है। जो लोग लिमिट, SMS या डिवाइस कन्फर्मेशन और छोटे खर्च कंट्रोल से परिचित हैं, उनके लिए AustriaWin24.atपर प्रैक्टिकल डिटेल्स देखना फायदेमंद है। यह तरीका खासकर छोटे डिजिटल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन और उन सर्विस के लिए दिलचस्प है जहाँ स्पीड, सिंप्लिसिटी और बैंक डेटा ट्रांसफर की कमी ज़रूरी है। आसानी का मतलब यह नहीं है कि ध्यान देने की ज़रूरत है: मोबाइल पेमेंट में आमतौर पर डेली और मंथली लिमिट, पोटेंशियल फीस और आपके बिल पर चार्ज दिखाने में देरी होती है। इसलिए, कथात समाचार के रीडर्स, जो करंट न्यूज़ और हेल्पफुल एक्सप्लेनेशन से अप-टू-डेट रहने के आदी हैं, उनके लिए यह टॉपिक लोकल एजेंडा और मॉडर्न फाइनेंशियल आदतों, दोनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।