– 31 मार्च 2027 तक शेष लीगेसी कचरे के शत-प्रतिशत वैज्ञानिक निस्तारण का लक्ष्य
– प्रधानमंत्री आवास योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किया गया सम्मानित
– महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
शहरी विकास निदेशालय, उत्तराखण्ड में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शहरी विकास निदेशक श्री विनोद गोस्वामी ने स्वच्छता कर्मियों के साथ महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
इस अवसर पर श्री विनोद गोस्वामी ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों और आदर्शों को साकार करने के उद्देश्य से वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत मिशन का शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत राज्य में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण तथा लीगेसी वेस्ट के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में शेष लीगेसी कचरे के 31 मार्च 2027 तक शत-प्रतिशत वैज्ञानिक निस्तारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
निदेशक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अंत्योदय की भावना के साथ कार्य करते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एवं जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के क्षेत्र में उत्तराखण्ड राज्य द्वारा उत्कृष्ट कार्य किए जाने पर अपर निदेशक श्री प्रवीण कुमार, निदेशक के सहायक श्री राजीव पाण्डे तथा श्री जगबीर सिंह को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों तथा महात्मा गांधी के प्रिय भजनों का गायन किया गया। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों पर चलने तथा स्वच्छता एवं जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर अपर निदेशक श्री प्रवीण कुमार, संयुक्त निदेशक श्री अवधेश कुमार, वरिष्ठ वित्त अधिकारी श्रीमती प्रवीन कोर, श्री रवि पाण्डे, सहायक निदेशक श्री विनोद कुमार, श्री शान्ति प्रसाद जोशी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री कालिका प्रसाद भट्ट सहित विभिन्न योजनाओं के विशेषज्ञ, निदेशालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।